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अतरौली के राशन डीलरों से अवैध वसूली मामले में फंसे पूर्ति अफसर
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अतरौली के राशन डीलरों से राशन के उठान के समय अवैध वसूली मामले में पूर्ति विभाग के अफसर फंस गए हैं। अमर उजाला द्वारा मुद्दा उठाए जाने और सांसद एटा राजवीर सिंह राजू की शिकायत पर उपायुक्त खाद्य अलीगढ़ मंडल की जांच में आरोप सही पाए गए हैं।
इस पर कमिश्रर ने प्रमुख सचिव खाद्य रसद और जिलाधिकरी को पत्र लिखकर जांच कराने व आरोपी पूर्ति अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है।
यह था मामला
अतरौली के कुछ राशन डीलरों ने पिछले दिनों आरोप लगाया था कि मार्च माह में राशन के हुए उठान (जिसका वितरण अप्रैल में होना था) के दौरान सभी राशन डीलरों से 1.50 किलो गेहूं व चावल प्रति राशनकार्ड काटा गया था। आरओ व वितरण प्रमाणपत्र के नाम पर डीलरों से 20 रुपये प्रति क्ंिवटल के हिसाब से खाद्यान्न के अनुसार आपूर्ति विभाग द्वारा सुविधा शुल्क लिया जाता है। डीलरों को खाली बोरों का वजन नहीं दिया जाता है। जबकि खाली बोरा 600 ग्राम का होता है। डीलरों को आठ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से लोडिंग व इसी हिसाब से अनलोडिंग तथा 30 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भाड़ा देना पड़ता है। इसकी शिकायत उन्होंने सांसद एटा राजवीर सिंह राजू भईया से की। सांसद ने डीलरों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र कमिश्रर को भेजते हुए जांच कराने को कहा था।
जांच में आरोप सही पाए गए
कमिश्रर जीएस प्रियदर्शी ने मामले की जांच उपायुक्त खाद्य अलीगढ़ मंडल को सौंपी। जांच अधिकारी ने अतरौली क्षेत्र के 58 डीलरों के बयान लिए। इनमें 57 ने आरोपों की पुष्टि करते हुए बताया कि मार्च के उठान के समय 1.50 क्विंटल यानि दो कट्टे गेहूं व चावल कम दिया गया। क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक द्वारा आरओ के नाम पर 20 रुपये क्विंटल के हिसाब से सुविधा शुल्क लिया जाता है। खाली बोरों का वजन नहीं मिलता है।
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डीएसओ ने भी की लीपापोती
जांच अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद कमिश्नर ने जिला पूर्ति अधिकारी से जवाब तलब किया तो उन्होंने भी मामले की लीपापोती की कोशिश की। उन्होंने 31 राशन डीलरों के बयान प्रस्तुत करते हुए आरोपों का खंडन कर डाला। साथ ही संबंधित क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक का स्थानांतरण कर अलीगढ़ कार्यालय से संबद्ध करने का उल्लेख अपनी रिपोर्ट में कर मामले को दबाने की पूरी कोशिश की।
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
राशन डीलरों से अवैध वसूली का मामला अमर उजाला समाचार पत्र में प्रमुखता से उठा था। 19 अप्रैल, 23 एवं 24 अप्रैल के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया।
अतरौली के राशन डीलरों से अवैध वसूली के मामले में सांसद एटा राजवीर सिंह राजू भइया की शिकायत पर उपायुक्त खाद्य अलीगढ़ मंडल से जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए गए। इस मामले में प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद को पत्र लिखकर आरोपी पूर्ति अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी से भी मामले की जांच कर कार्रवाई को कहा गया है। -जीएस प्रियदर्शी, कमिश्नर अलीगढ़ मंडल
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इस पर कमिश्रर ने प्रमुख सचिव खाद्य रसद और जिलाधिकरी को पत्र लिखकर जांच कराने व आरोपी पूर्ति अफसरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की है।
यह था मामला
अतरौली के कुछ राशन डीलरों ने पिछले दिनों आरोप लगाया था कि मार्च माह में राशन के हुए उठान (जिसका वितरण अप्रैल में होना था) के दौरान सभी राशन डीलरों से 1.50 किलो गेहूं व चावल प्रति राशनकार्ड काटा गया था। आरओ व वितरण प्रमाणपत्र के नाम पर डीलरों से 20 रुपये प्रति क्ंिवटल के हिसाब से खाद्यान्न के अनुसार आपूर्ति विभाग द्वारा सुविधा शुल्क लिया जाता है। डीलरों को खाली बोरों का वजन नहीं दिया जाता है। जबकि खाली बोरा 600 ग्राम का होता है। डीलरों को आठ रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से लोडिंग व इसी हिसाब से अनलोडिंग तथा 30 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भाड़ा देना पड़ता है। इसकी शिकायत उन्होंने सांसद एटा राजवीर सिंह राजू भईया से की। सांसद ने डीलरों द्वारा हस्ताक्षरित पत्र कमिश्रर को भेजते हुए जांच कराने को कहा था।
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जांच में आरोप सही पाए गए
कमिश्रर जीएस प्रियदर्शी ने मामले की जांच उपायुक्त खाद्य अलीगढ़ मंडल को सौंपी। जांच अधिकारी ने अतरौली क्षेत्र के 58 डीलरों के बयान लिए। इनमें 57 ने आरोपों की पुष्टि करते हुए बताया कि मार्च के उठान के समय 1.50 क्विंटल यानि दो कट्टे गेहूं व चावल कम दिया गया। क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक द्वारा आरओ के नाम पर 20 रुपये क्विंटल के हिसाब से सुविधा शुल्क लिया जाता है। खाली बोरों का वजन नहीं मिलता है।
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डीएसओ ने भी की लीपापोती
जांच अधिकारी की रिपोर्ट मिलने के बाद कमिश्नर ने जिला पूर्ति अधिकारी से जवाब तलब किया तो उन्होंने भी मामले की लीपापोती की कोशिश की। उन्होंने 31 राशन डीलरों के बयान प्रस्तुत करते हुए आरोपों का खंडन कर डाला। साथ ही संबंधित क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक का स्थानांतरण कर अलीगढ़ कार्यालय से संबद्ध करने का उल्लेख अपनी रिपोर्ट में कर मामले को दबाने की पूरी कोशिश की।
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था मुद्दा
राशन डीलरों से अवैध वसूली का मामला अमर उजाला समाचार पत्र में प्रमुखता से उठा था। 19 अप्रैल, 23 एवं 24 अप्रैल के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया।
अतरौली के राशन डीलरों से अवैध वसूली के मामले में सांसद एटा राजवीर सिंह राजू भइया की शिकायत पर उपायुक्त खाद्य अलीगढ़ मंडल से जांच कराई गई। जांच में आरोप सही पाए गए। इस मामले में प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद को पत्र लिखकर आरोपी पूर्ति अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की गई है। जिलाधिकारी से भी मामले की जांच कर कार्रवाई को कहा गया है। -जीएस प्रियदर्शी, कमिश्नर अलीगढ़ मंडल