मोदी लहर में ढह गईं जाति की दीवारें

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RAJESH SINGH न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Published by: राजेश सिंह
Updated Fri, 24 May 2019 02:08 AM IST
मतगणना स्थल के बाहर जीत की खुशी मनाते दलवीर सिंह, अनिल पाराशर व अन्य।
मतगणना स्थल के बाहर जीत की खुशी मनाते दलवीर सिंह, अनिल पाराशर व अन्य। - फोटो : Rupesh

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लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के कारण जाति की दीवारें ध्वस्त हो गईं। राष्ट्रवाद का जादू सिर चढ़ कर बोला और सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत मांगने वालों को जवाब भी मिल गया। सतीश गौतम को प्रत्याशी घोषित किये जाने के बाद काफी विरोध हुआ था। अतरौली क्षेत्र में लोधा वोट तो खैर में जाट वोट खिसकने की आशंका लोग जता रहे थे।
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कुछ लोग दबी जुबान ठाकुर वोट को लेकर भी आशंका जता रहे थे। वहीं राजनीतिक विश्लेषक अनुसूचित जाति, यादव एवं मुसलमान वोटों को सपा-बसपा गठबंधन में एक मुश्त दिखा रहे थे। ऐसा लग रहा था कि इस बार का चुनाव बेहद कांटे का है और कुछ भी हो सकता है। भाजपा को विभिन्न जाति के भीतरघातियों एवं असंतुष्ट नेताओं से अलग खतरा था।


जगह-जगह पुतले फूंकने एवं भाजपा प्रत्याशी के विरोध में स्वर उठ रहे थे। इससे लोग अनुमान तो यहीं लगा रहे थे कि इस बार सतीश गौतम का संसद पहुंचना आसान नहीं है। विरोध को देखते हुए ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सभा 11 अप्रैल को अतरौली में हुई थी, ताकि लोधा एवं ठाकुर मतदाताओं को साधा जा सके। 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नुमाइश मैदान में विरोधियों पर कहा प्रहार किया। इन दो सभाओं के बाद हवा का रुख बदल गया। 

18 अप्रैल को चुनाव के दिन अतरौली में कुछ लोगों ने लोधा मतदाताओं को भटकाने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने उनकी एक नहीं सुनी। खैर विधानसभा क्षेत्र में जाट मतदाताओं को लेकर लोग आशंका जता रहे थे। जब मतों की गिनती शुरू हुई तो विश्लेषक चारो खाने चित नजर आए और उनके चेहरे पर हवाईयां उड़ने लगीं। अतरौली एवं खैर विधानसभा में सतीश गौतम बड़ी बढ़त के साथ आगे रहे।

सतीश गौतम कहते हैं कि चुनाव प्रचार के दौरान विरोध करने वाले लोग सपा-बसपा के थे। उन्हें सभी जाति एवं वर्ग का समर्थन प्राप्त हुआ है। कांग्रेस प्रत्याशी चौधरी बिजेंद्र सिंह कहते हैं कि सपा-बसपा गठबंधन को जनता ने स्वीकार नहीं किया। इससे हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण हो गया और उसका लाभ भाजपा को मिल गया। भाजपा को सर्व समाज का वोट हासिल हुआ है।

सपा-बसपा प्रत्याशी अजीत बालियान भी स्वीकारते हैं कि मोदी फैक्टर के कारण जाट समाज ने भी उनका साथ नहीं दिया। सर्जिकल स्ट्राइक एवं राष्ट्रवाद के नाम पर भाजपा के साथ चले गए। बरौली विधायक ठाकुर दलवीर सिंह कहते हैं कि भाजपा को अनुसूचित जाति एवं मुसलमानों का भी अच्छा वोट मिला है। उल्लेखनीय है कि सतीश गौतम को अकेले बरौली विधानसभा क्षेत्र से करीब 82 हजार मतों से बढ़त हासिल हुई है।

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