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फर्जी ऑक्सीजन प्लांट के संचालक दंपती व सुपरवाइजर पर मुकदमा

Sat, 26 Sep 2020 01:54 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2020 01:54 AM IST
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Case filed directorof fake oxygen plant
कासिमपुर पावर हाउस से सटे गांव साथा में फर्जी ऑक्सीजन प्लांट पकड़े जाने के मामले में मुकदमा दर्ज करा दिया गया है। यह मुकदमा ड्रग इंस्पेक्टर हेमेंद्र चौधरी की तहरीर पर फर्म राधा इंड्रस्ट्रियल गैसेज के संचालक अरुण अग्रवाल और उनकी पत्नी आस्था अग्रवाल, सुपरवाइजर धर्मेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी आदि धाराओं में दर्ज किया गया है।
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बीती 21 सितंबर की रात सिटी मजिस्ट्रेट, एसीएम-2, जीएम डीआई, ड्रग इंस्पेक्टर ने छापा मारकर राधा इंडस्ट्रियल गैसेज के नाम से फर्जी प्लांट पकड़ा था। प्लांट पर मौके पर उसके संचालक अरुण अग्रवाल निवासी ज्ञान सरोवर कालोनी की पत्नी आस्था अग्रवाल और उनका सुपरवाइजर धर्मेंद्र निवासी रामपुर साथा मिले थे। प्लांट के भीतर से 300 ऑक्सीजन गैस सिलिंडर, चार गाड़ियां व अन्य उपकरण बरामद हुए थे। मौके पर सरकारी अनुमति संबंधी कोई भी दस्तावेज नहीं दिखाए जा सके थे। जांच में पता लगा कि उसने सात सितंबर को ही लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। बिल बुक से रिकार्ड मिला है कि वह अगस्त माह से ही अलीगढ़ सहित मंडल के सभी जिलों में आ्क्सीजन की आपूर्ति कर रहे थे। एसओ जवां अभय शर्मा के मुताबिक तहरीर के आधार पर संचालक अरुण अग्रवाल, आस्था अग्रवाल, धर्मेंद्र आदि के खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
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बचाने की कोशिशें काम नहीं आईं
ऑक्सीजन गैस प्लांट पर 21 सितंबर की रात छापे के चार दिन बाद यह कार्रवाई हुई है। इस मामले में प्लांट संचालक को बचाने की कोशिश की गई। इधर, मुकदमा दर्ज कराने को ड्रग इंस्पेक्टर को डीएम ने 22 सितंबर को ही आदेश दिए थे। मगर, ड्रग इंस्पेक्टर ने लिखित में यह दिया था कि उनके विभाग का संबंध सिर्फ मेडिकल ऑक्सीजन गैस से है। प्लांट में इंडस्ट्रियल ऑक्सीजन गैस का भी उत्पादन किया जा रहा था। इसमें जिला उद्योग की जिम्मेदारी होगी। मगर, जीएम डीआईसी ने साफ तौर पर कहा कि उनके विभाग को इससे कोई लेना-देना नहीं है। उच्च स्तरीय अधिकारियों को डीएम ने जब इस संबंध में वार्ता के लिए बुलाया तो कुछ अधीनस्थों की लापरवाही और प्लांट संचालक के साथ सांठगांठ की बात भी सामने आई। डीएम ने साफ पर तौर कहा है कि उन्हें दो दिन के भीतर कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट चाहिए। शुक्रवार को इस मामले में रिपोर्ट न मिलने पर डीएम ने ड्रग इंस्पेक्टर को फिर से तलब कर कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने तहरीर देते हुए मुकदमा दर्ज कराया है।
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