फलस्तीन के समर्थन में AMU छात्र : कैंपस में निकाला मार्च, तो पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, इन पर हुई एफआईआर
एएमयू छात्रों के फलस्तीन समर्थन में पैदल मार्च निकालने के मामले पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह एफआईआर चौकी इंचार्ज की आख्या पर दर्ज की गई है।
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जहां भारत इस्राइल के समर्थन में है, वहीं 8 अक्टूबर को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी कैंपस में छात्रों ने फलस्तीन के समर्थन में पैदल मार्च निकाला और जमकर नारेबाजी की। एएमयू छात्रों के फलस्तीन समर्थन में पैदल मार्च निकालने के मामले पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। यह एफआईआर चौकी इंचार्ज की आख्या पर दर्ज की गई है।
एएमयू के छात्रों ने रविवार को फलस्तीन के समर्थन में अल्लाहू अकबर के नारे लगाए। छात्रों ने डक पॉन्ड से बाब-ए-सैयद तक पैदल मार्च निकाल कर नारेबाजी की। छात्रों ने फलस्तीन को आजाद करने की मांग भी उठाई। प्रकरण में क्षेत्राधिकारी और चौकी इंचार्ज से रिपोर्ट मांगी गई। चौकी इंचार्ज एसआई अजहर हसन की आख्या पर मोहम्मद खालिद , मोहम्मद आतिफ इफ्तेखार, मोहम्मद नावेद व कामरान के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया है।
थाना सिविल लाइंस के अंतर्गत रविवार शाम को सूचना मिली कि एएमयू कैंपस में कुछ लोगों ने बिना अनुमति के एक अंतरराष्ट्रीय प्रकरण को लेकर प्रोटेस्ट मार्च निकाला था, जिसमें आपत्तिजनक और कुछ भड़काऊ बातें की गई हैं। मामले में थाना सिविल लाइंस में सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई हैं। वर्तमान समय में एएमयू परिसर में शांति है। - मृगांक शेखर पाठक, एसपी सिटी, अलीगढ़
इस तरह के मार्च निकालकर ज्ञान के पवित्र मंदिर को राजनीति का अड्डा बनाना निंदनीय है। ये अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एवं देश की छवि को खराब करने वाला कृत्य है। इस्राइल भारत का परम मित्र एवं हमारा प्रमुख रणनीतिक सहयोगी साझेदार है। एएमयू प्रशासन को ऐसे तत्वों पर लगाम लगाना चाहिए। - रूबीना खानम, समाज सेविका
एएमयू छात्रों पर प्रोटेस्ट मार्च निकाले जाने पर पुलिस द्वारा ये बताकर प्राथमिकी दर्ज की है कि भडकाऊ बयानबाजी हुई। छात्रों के साथ खुली ज्यादती नजर आती है। पुलिस को बताना चाहिए कि छात्रों ने कौन सा अपराध किया और कौन सा नारा लगाया था, जिसके कारण मुकदमा लिख दिया गया। वो नारा देश में क्या प्रतिबंधित है ? पुलिस कहीं न कही ऐसा प्रतीत होती है कि भाजपा के दबाव में प्राथमिकी दर्ज करा कर अभिव्यक्ति की आजादी व मौलिक अधिकार के मूल्यों को दरकिनार कर रही है। एएमयू छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी पुलिस वापस करे या तथ्य बताए कि गलत क्या हुआ और वो कृत्य संविधान विरोधी है ? संविधान ने इस देश में सभी को समान अधिकार दिए हैं। - इंजीनियर आगा युनुस, कांग्रेस नेता, अलीगढ़