Aligarh News: मुकदमा-सेवा समाप्ति पर भड़के सफाई कर्मी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ दी तहरीर
सासनी गेट चौराहे पर हुए बवाल में 8 सफाई कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। जबकि 4 के खिलाफ नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है। अब सफाई कर्मी इस कार्रवाई से आक्रोशित हो गए हैं।
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मानदेय में कटौती पर भड़के सफाई कर्मियों ने 12 जुलाई को खूब बवाल किया था। नगर स्वास्थ्य अधिकारी को पीटा गया था जबकि साढ़े तीन घंटे हाईवे जाम रखा। 13 जुलाई को भी सफाई कर्मचारी सड़क पर आ गए और सासनी गेट चौराहे पर जाम लगाने की कोशिश की। मगर यहां मौजूद भारी पुलिस फोर्स ने उन्हें हटा दिया। बाद में नगर स्वास्थ्य अधिकारी पर आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराने को सासनी गेट थाने पर तहरीर दी गई है।
सासनी गेट चौराहे पर हुए बवाल में 8 सफाई कर्मियों की सेवा समाप्त कर दी गई है। जबकि 4 के खिलाफ नगर स्वास्थ्य अधिकारी के साथ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया है। अब सफाई कर्मी इस कार्रवाई से आक्रोशित हो गए हैं। सुबह को फिर से सभी सासनी गेट चौराहे पर जुटे और यहां जाम लगाने की कोशिश की गई। इनका कहना था सफाई कर्मियों के मानदेय में अचानक कटौती कर दी गई है। जिससे उनके सामने संकट खड़ा हो गया है। जब वह अपनी समस्या उठा रहे हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई हो रही है। झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। बाद में कर्मचारी नेताओं ने सहायक नगर आयुक्त वीर सिंह से भी वार्ता की।
नगर सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रदीप भंडारी और मंत्री सुनील टुंडा ने मुकदमे वापस लेने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि मांगें न मानी गईं तो आंदोलन तेज होगा। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने महिलाओं के साथ अभद्रता की। जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई। सहायक नगर आयुक्त ने मुकदमा वापस लेने पर संतोष जनक जवाब नहीं दिया। इस पर सफाई कर्मी रेखा देवी, मीन, नीतू, डोली आदि ने स्वास्थ्य अधिकारी के खिलाफ सासनी गेट थाने में तहरीर दी। उन्होंने नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार पर अभद्र भाषा का प्रयोग करने और अभद्रता का आरोप लगाया है। कर्मचारियों ने मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
नगर स्वास्थ्य अधिकारी के ऊपर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। प्रशासन इस पर कड़ी कार्रवाई करेगा। आगे भी किसी अधिकारी व कर्मचारी के साथ ऐसा हुआ तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी। - प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त
हमें कोई मतलब नहीं, कंपनी से बात करो
कर्मी प्रशांत, करन, विशाल, रविंद्र, अविनाश, मोहित, अमन आदि ने कहा कि हर महीने मानदेय से चार से पांच हजार रुपये की कटौती की जा रही है। इस बारे में लिखित और मौखिक शिकायत नगर निगम के अधिकारियों से की गई लेकिन निगम के अधिकारी इसमें हस्तक्षेप करने से मना कर देते थे। उनका कहना था कि हमें इससे कोई मतलब नहीं है, कंपनी से बात करो।