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Aligarh News: संकरे पुल से कार नहर में गिरी, सूझबूझ से चालक की बची जान
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गोंडा नहर में गिरी कार के चालक को सकुशल बाहर निकाल कर लाते अग्नि एवं सुरक्षा कर्मी। स्त्रोत :
- फोटो : samvad
बुधवार-बृहस्पतिवार की मध्य रात को खैर-टैंटीगांव मार्ग पर गांव नगला बिरखू स्थित नहर के संकरे पुल पर ट्रक को बचाने के चक्कर में अनियंत्रित होकर कार नहर में जा गिरी। पानी के तेज बहाव के कारण कार गोते लगाते हुए करीब 800 मीटर आगे बढ़ गई। गनीमत रही कि चालक शीशा तोड़कर कार की छत पर बैठ गया। सूचना पाकर पुलिस और अग्निशमन कर्मियों ने मौके पर पहुंच कर अंधेरे में चालक को ढूंढ कर सकुशल बाहर निकाल लिया।
चौकी इंचार्ज शांति शरण ने बताया कि थाना गोरई के गांव अरनिया गढ़ी निवासी शैलेंद्र (27) खैर में शादी समारोह में शामिल होने के बाद रात करीब एक बजे कार से अकेले अपने गांव जा रहे थे। इसी दौरान नगला बिरखू पर नहर के संकरे पुल पर सामने से आ रहे ट्रक को बचाने में कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। तेज बहाव के कारण कार में पानी भरने लगा तो चालक शीशा तोड़कर छत पर जाकर बैठ गया।
शैलेंद्र ने डॉयल 112 पर सूचना दी तो पुलिस बल और अग्निशमन विभाग से एफएसएसओ खैर केपी सिंह भी नहर पटरी पर पहुंच गए। झाड़ियों के कारण शैलेंद्र पुलिस को कहीं दिखाई नहीं पड़ा। मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर पुलिस आगे बढ़ी तो शैलेंद्र ने मोबाइल की टॉर्च से पुलिस को इशारा किया। पुलिस व अग्निशमन कर्मी नहर में उतरे और रात करीब 1.45 बजे सकुशल बाहर निकाल लिया।
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अमर उजाला ने संकरे पुल और टूटी रैलिंग की खबर प्रमुखता से की थी प्रकाशित
विदित है किस संकरा पुल होने के कारण यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। अमर उजाला ने पुल की टूट गई रैलिंग और संकरे पुल को लेकर प्रमुखता से खबर भी प्रकाशित की थी। लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया है। यह मार्ग खैर को वृंदावन से सीधे जोड़ता है।
मोबाइल नहीं होता तो शैलेंद्र की जा सकती थी जान
अगर शैलेंद्र पर मोबाइल नहीं होता और वह सूझबूझ का परिचय नहीं देते तो उनकी नहर में डूबकर मौत हो सकती थी। पहले वह शीशा तोड़कर कार की छत पर बैठे और मोबाइल से पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मोबाइल की टार्च की रोशनी से पुलिस को इशारा किया।
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चौकी इंचार्ज शांति शरण ने बताया कि थाना गोरई के गांव अरनिया गढ़ी निवासी शैलेंद्र (27) खैर में शादी समारोह में शामिल होने के बाद रात करीब एक बजे कार से अकेले अपने गांव जा रहे थे। इसी दौरान नगला बिरखू पर नहर के संकरे पुल पर सामने से आ रहे ट्रक को बचाने में कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई। तेज बहाव के कारण कार में पानी भरने लगा तो चालक शीशा तोड़कर छत पर जाकर बैठ गया।
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शैलेंद्र ने डॉयल 112 पर सूचना दी तो पुलिस बल और अग्निशमन विभाग से एफएसएसओ खैर केपी सिंह भी नहर पटरी पर पहुंच गए। झाड़ियों के कारण शैलेंद्र पुलिस को कहीं दिखाई नहीं पड़ा। मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर पुलिस आगे बढ़ी तो शैलेंद्र ने मोबाइल की टॉर्च से पुलिस को इशारा किया। पुलिस व अग्निशमन कर्मी नहर में उतरे और रात करीब 1.45 बजे सकुशल बाहर निकाल लिया।
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अमर उजाला ने संकरे पुल और टूटी रैलिंग की खबर प्रमुखता से की थी प्रकाशित
विदित है किस संकरा पुल होने के कारण यहां आए दिन हादसे होते रहते हैं। अमर उजाला ने पुल की टूट गई रैलिंग और संकरे पुल को लेकर प्रमुखता से खबर भी प्रकाशित की थी। लेकिन विभाग ने कोई ध्यान नहीं दिया है। यह मार्ग खैर को वृंदावन से सीधे जोड़ता है।
मोबाइल नहीं होता तो शैलेंद्र की जा सकती थी जान
अगर शैलेंद्र पर मोबाइल नहीं होता और वह सूझबूझ का परिचय नहीं देते तो उनकी नहर में डूबकर मौत हो सकती थी। पहले वह शीशा तोड़कर कार की छत पर बैठे और मोबाइल से पुलिस को सूचना दी। इसके बाद मोबाइल की टार्च की रोशनी से पुलिस को इशारा किया।