{"_id":"6225074a60edf625a660650f","slug":"candidates-looking-workers-with-impeccable-image-aligarh-news-ali286564792","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ : बेदाग छवि वाले कार्यकर्ताओं को तलाश रहे प्रत्याशी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ : बेदाग छवि वाले कार्यकर्ताओं को तलाश रहे प्रत्याशी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चुनाव आयोग ने मतगणना को निष्पक्ष व शांतिपूर्वक संपन्न कराने को इस बार मतगणना एजेंटों की नियुक्ति करने को नियमों को काफी सख्त कर दिया है। इससे चुनाव मैदान में उतरे पार्टी प्रत्याशियों को मतगणना एजेंट की तैनाती के लिए भरोसेमंद व बेदाग छवि वाले कार्यकर्ताओं को तलाशा जा रहा है। इसको लेकर पार्टी कार्यालयों में माथापच्ची करने के साथ ही एजेंट की तैनाती के लिए अंतिम सूची तैयार की जा रही है। प्रशासन भी इस सूची में मौजूद लोगों का आपराधिक, सामाजिक व चारित्र का त्रिस्तरीय सत्यापन कराने के बाद ही अनुमति देगा।
चुनाव आयोग ने मतगणना कार्य में किसी प्रकार का विघ्न न पड़े इसके लिए नये दिशा-निर्देश दिए हैं। साफ किया गया है कि मतगणना में सांसद, एमएलसी व अन्य जनप्रतिनिधि एजेंट नहीं बन सकेंगे। इतना ही नहीं आपराधिक व दबंग छवि वाले लोगों को भी एजेंट नहीं बनाया जाएगा। सभी मतगणना एजेंट बनाने से पहले ही उनका पुलिस से सत्यापन कराया जाएगा। बेदाग चरित्र मिलने पर ही उन्हें एजेंट बनाने को क्लीन चिट दी जाएगी।
एजेंट को देने होंगे अपने सारे दस्तावेज
मतगणना एजेंट बनने वाले आवेदकों को आवेदन के साथ ही अपना फोटो पहचान पत्र, आधार कार्ड, पेन कार्ड, वोटर लिस्ट में वोटर क्रमांक आदि दस्तावेज जमा कराने होंगे। संबंधित विधानसभा के आरओ (रिर्टनिंग ऑफिसर) इनका पुलिस स्तर से सत्यापन कराएंगे। जिसमें आपराधिक, सामाजिक व बेदाग छवि मिलने पर ही उन्हें एजेंट बनाने की अनुमति देंगे। अन्यथा की दशा में आवेदन को निरस्त कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
एजेंट बनाने में छूट रहे पसीने
मतगणना में प्रत्येक विधानसभा में 14-14 टेबल लगेंगी। एक टेबल आरओ व एक पोस्टल बैलेट टेबल लगेगी। इस हिसाब से प्रत्येक प्रत्याशी को 16 एजेंट बनाने होंगे। वो ऐसे जिनका कहीं कोई आपराधिक इतिहास न हो और उनकी सामाजिक छवि भी बेदाग रहे। चुनाव आयोग की इन बंदिशों ने पार्टी व प्रत्याशियों की नींद उड़ा दी है। पार्टी व प्रत्याशी ऐसे में भरोसेमंद व बेदाग छवि वाले कार्यकर्ताओं को खोज रहे हैं। जिससे वे मतगणना में अपनी देखरेख में काउंटिंग कराने के साथ ही मिलने वाले वोटों का भी हिसाब-किताब रखकर लेखा-जोखा तैयार करा सकें।
चुनाव आयोग की गाइड लाइन के अनुसार मतगणना में एजेंट तैनात किए जाएंगे। पार्टी व प्रत्याशियों के स्तर से तय एजेंटों का पुलिस से सत्यापन कराया जाएगा। निष्पक्ष जांच के बाद ही एजेंट की नियुक्ति की जाएगी। किसी प्रकार की सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति भी मतगणना एजेंट नहीं बन सकेंगे।
- राकेश कुमार पटेल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
विज्ञापन
चुनाव आयोग ने मतगणना कार्य में किसी प्रकार का विघ्न न पड़े इसके लिए नये दिशा-निर्देश दिए हैं। साफ किया गया है कि मतगणना में सांसद, एमएलसी व अन्य जनप्रतिनिधि एजेंट नहीं बन सकेंगे। इतना ही नहीं आपराधिक व दबंग छवि वाले लोगों को भी एजेंट नहीं बनाया जाएगा। सभी मतगणना एजेंट बनाने से पहले ही उनका पुलिस से सत्यापन कराया जाएगा। बेदाग चरित्र मिलने पर ही उन्हें एजेंट बनाने को क्लीन चिट दी जाएगी।
विज्ञापन
एजेंट को देने होंगे अपने सारे दस्तावेज
मतगणना एजेंट बनने वाले आवेदकों को आवेदन के साथ ही अपना फोटो पहचान पत्र, आधार कार्ड, पेन कार्ड, वोटर लिस्ट में वोटर क्रमांक आदि दस्तावेज जमा कराने होंगे। संबंधित विधानसभा के आरओ (रिर्टनिंग ऑफिसर) इनका पुलिस स्तर से सत्यापन कराएंगे। जिसमें आपराधिक, सामाजिक व बेदाग छवि मिलने पर ही उन्हें एजेंट बनाने की अनुमति देंगे। अन्यथा की दशा में आवेदन को निरस्त कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
एजेंट बनाने में छूट रहे पसीने
मतगणना में प्रत्येक विधानसभा में 14-14 टेबल लगेंगी। एक टेबल आरओ व एक पोस्टल बैलेट टेबल लगेगी। इस हिसाब से प्रत्येक प्रत्याशी को 16 एजेंट बनाने होंगे। वो ऐसे जिनका कहीं कोई आपराधिक इतिहास न हो और उनकी सामाजिक छवि भी बेदाग रहे। चुनाव आयोग की इन बंदिशों ने पार्टी व प्रत्याशियों की नींद उड़ा दी है। पार्टी व प्रत्याशी ऐसे में भरोसेमंद व बेदाग छवि वाले कार्यकर्ताओं को खोज रहे हैं। जिससे वे मतगणना में अपनी देखरेख में काउंटिंग कराने के साथ ही मिलने वाले वोटों का भी हिसाब-किताब रखकर लेखा-जोखा तैयार करा सकें।
चुनाव आयोग की गाइड लाइन के अनुसार मतगणना में एजेंट तैनात किए जाएंगे। पार्टी व प्रत्याशियों के स्तर से तय एजेंटों का पुलिस से सत्यापन कराया जाएगा। निष्पक्ष जांच के बाद ही एजेंट की नियुक्ति की जाएगी। किसी प्रकार की सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति भी मतगणना एजेंट नहीं बन सकेंगे।
- राकेश कुमार पटेल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी