फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Candidates looking workers with impeccable image

अलीगढ़ : बेदाग छवि वाले कार्यकर्ताओं को तलाश रहे प्रत्याशी

Mon, 07 Mar 2022 12:41 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 07 Mar 2022 12:41 AM IST
विज्ञापन
Candidates looking workers with impeccable image
चुनाव आयोग ने मतगणना को निष्पक्ष व शांतिपूर्वक संपन्न कराने को इस बार मतगणना एजेंटों की नियुक्ति करने को नियमों को काफी सख्त कर दिया है। इससे चुनाव मैदान में उतरे पार्टी प्रत्याशियों को मतगणना एजेंट की तैनाती के लिए भरोसेमंद व बेदाग छवि वाले कार्यकर्ताओं को तलाशा जा रहा है। इसको लेकर पार्टी कार्यालयों में माथापच्ची करने के साथ ही एजेंट की तैनाती के लिए अंतिम सूची तैयार की जा रही है। प्रशासन भी इस सूची में मौजूद लोगों का आपराधिक, सामाजिक व चारित्र का त्रिस्तरीय सत्यापन कराने के बाद ही अनुमति देगा।
विज्ञापन

चुनाव आयोग ने मतगणना कार्य में किसी प्रकार का विघ्न न पड़े इसके लिए नये दिशा-निर्देश दिए हैं। साफ किया गया है कि मतगणना में सांसद, एमएलसी व अन्य जनप्रतिनिधि एजेंट नहीं बन सकेंगे। इतना ही नहीं आपराधिक व दबंग छवि वाले लोगों को भी एजेंट नहीं बनाया जाएगा। सभी मतगणना एजेंट बनाने से पहले ही उनका पुलिस से सत्यापन कराया जाएगा। बेदाग चरित्र मिलने पर ही उन्हें एजेंट बनाने को क्लीन चिट दी जाएगी।
विज्ञापन

एजेंट को देने होंगे अपने सारे दस्तावेज
मतगणना एजेंट बनने वाले आवेदकों को आवेदन के साथ ही अपना फोटो पहचान पत्र, आधार कार्ड, पेन कार्ड, वोटर लिस्ट में वोटर क्रमांक आदि दस्तावेज जमा कराने होंगे। संबंधित विधानसभा के आरओ (रिर्टनिंग ऑफिसर) इनका पुलिस स्तर से सत्यापन कराएंगे। जिसमें आपराधिक, सामाजिक व बेदाग छवि मिलने पर ही उन्हें एजेंट बनाने की अनुमति देंगे। अन्यथा की दशा में आवेदन को निरस्त कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

एजेंट बनाने में छूट रहे पसीने
मतगणना में प्रत्येक विधानसभा में 14-14 टेबल लगेंगी। एक टेबल आरओ व एक पोस्टल बैलेट टेबल लगेगी। इस हिसाब से प्रत्येक प्रत्याशी को 16 एजेंट बनाने होंगे। वो ऐसे जिनका कहीं कोई आपराधिक इतिहास न हो और उनकी सामाजिक छवि भी बेदाग रहे। चुनाव आयोग की इन बंदिशों ने पार्टी व प्रत्याशियों की नींद उड़ा दी है। पार्टी व प्रत्याशी ऐसे में भरोसेमंद व बेदाग छवि वाले कार्यकर्ताओं को खोज रहे हैं। जिससे वे मतगणना में अपनी देखरेख में काउंटिंग कराने के साथ ही मिलने वाले वोटों का भी हिसाब-किताब रखकर लेखा-जोखा तैयार करा सकें।

चुनाव आयोग की गाइड लाइन के अनुसार मतगणना में एजेंट तैनात किए जाएंगे। पार्टी व प्रत्याशियों के स्तर से तय एजेंटों का पुलिस से सत्यापन कराया जाएगा। निष्पक्ष जांच के बाद ही एजेंट की नियुक्ति की जाएगी। किसी प्रकार की सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति भी मतगणना एजेंट नहीं बन सकेंगे।
- राकेश कुमार पटेल, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed