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Aligarh News: जनाब! इसे स्मार्ट सिटी नहीं, जाम सिटी कहिये

Mon, 05 Jun 2023 12:56 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Mon, 05 Jun 2023 12:56 AM IST
सार

गांधी पार्क बस अड्डे के बाहर खड़ी रोडवेज बसें और प्रमुख चौराहों पर बेतरतीब दौड़ते ई-रिक्शा व ऑटो यातायात व्यवस्था को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं।

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Call it Jam City, not Smart City
जाम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

15 लाख से अधिक की आबादी वाले स्मार्ट सिटी में जाम की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी जाम की समस्या दूर नहीं हो पा रही है। फुटपाथ पर ठेल-ढकेल लगने व अवैध कब्जों के कारण हालात बिगड़ रहे हैं। गांधी पार्क बस अड्डे के बाहर खड़ी रोडवेज बसें और प्रमुख चौराहों पर बेतरतीब दौड़ते ई-रिक्शा व ऑटो यातायात व्यवस्था को बिगाड़ने का काम कर रहे हैं। वाहनों की लगातार बढ़ती संख्या समस्या को और बढ़ा रही है। इस सब के चलते स्मार्ट सिटी में चौराहों से लेकर बाजारों तक में जाम जैसे हालात रहते हैं, जिससे शहरवासी परेशान हैं।

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यहां रहती है ज्यादा समस्या
शहर के व्यस्ततम बाजार महावीरगंज, कनवरीगंज, रेलवे रोड, मामू भांजा, सराय हकीम, मीरीमल की प्याऊ, अब्दुल करीम चौराहा, ऊपरकोट, देहली गेट, खैर रोड, तांगा स्टैंड आगरा रोड, पड़ाव दुबे आदि स्थानों पर दिनभर जाम लगा रहता है। इसका मुख्य कारण बाजारों में दुकानों का अपने दायरे से 5 से 10 फुट बाहर होना। बेतरतीब ई-रिक्शा और ऑटो भी शहर में जाम की समस्या को बढ़ा रहे हैं। स्कूलों की छुट्टी के समय लंबा जाम लगता है। रामघाट रोड स्थित कुछ स्कूलों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। स्कूलों के बाहर ही अभिभावक व स्कूली बसें खड़ी हो जाती हैं। आसपास ठेल, ढकेल वालों का भी अतिक्रमण रहता है।
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रोडवेज बस अड्डों के बाहर खड़ी हो जाती हैं बसें
गांधी पार्क, सैटेलाइट बस अड्डा, मसूदाबाद बस अड्डा के बाहर रोडवेज बसें खड़ी रहती हैं, जिससे यहां पर जाम जैसे हालात रहते हैं। बस अड्डों के आसपास ई-रिक्शा और ऑटो की कतार रहती है। इसके अलावा, सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण भी रहता है। नियमानुसार, बाहरी रोडवेज बसें बस अड्डे से सौ मीटर की दूरी पर खड़ी होंगी और सवारियों को वहीं उतारेंगी। लेकिन नियमों का कागजों पर ही पालन हो रहा है।
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ये हैं जाम के मुख्य कारण

  • शहर में अव्यवस्थित तरीके से चलने वाले ई-रिक्शा व ऑटो।
  •  प्रमुख चौराहों पर सड़क किनारे वाहनों का खड़ा होना।
  • शहर में विचरण करने वाले आवारा पशु।
  • व्यस्त बाजारों में वाहनों के लोडिंग-अनलोडिंग का समय तय न होना।
  • स्कूलों के बाहर अभिभावकों व स्कूली बसों का घंटों खड़ा रहना।
  • दुकानदारों द्वारा दुकान के बाहर सामान फैलाना।
  • दुकानों के बाहर पार्किंग के नाम पर वाहनों का जमावड़ा।

 

शहर में जाम की समस्या से लोग परेशान हैं। प्रमुख बाजारों में दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों के बाहर अतिक्रमण कर रखा है, जिस कारण जाम लगता है। -जितेंद्र कुमार, गांधी पार्क


स्कूल की छुट्टियों के वक्त शहर में जाम रहता है। ई-रिक्शा और ऑटो कहीं भी खड़े हो जाते हैं। करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी अलीगढ़ स्मार्ट नहीं बन पाया। -शिखा वार्ष्णेय, मानिक चौक
शहर को अतिक्रमण मुक्त व जाम मुक्त बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है। जल्द इसका प्रभाव शहर में दिखाई देगा। - प्रशांत सिंघल, मेयर

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