फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   CAA NRC: Protest in Aligarh

नीरज-शहरयार के शहर की फिजा में कौन घोल रहा जहर..?

Sat, 21 Dec 2019 01:12 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2019 01:12 AM IST
विज्ञापन
CAA NRC: Protest in Aligarh
शाहजमाल ईदगाह पर भीड़ को समझाते शहर मुफ्ती खालिद हमीद । - फोटो : CITY OFFICE
अभिषेक शर्मा
विज्ञापन

महानगर में जुमे की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से पूरी होने के बाद जहां पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने चैन की सांस ली। मगर, कुछ ही देर में खबर मिली कि शाहजमाल ईदगाह के बाहर कई सौ युवकों की भीड़ एकत्रित हुई और नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में प्रदर्शन करते हुए पुलिस पर पथराव कर शहर की फिजा में जहर घोलने का काम किया। इस दौरान सबसे खास बात यह रही कि भीड़ में शामिल मुंह पर रुमाल बांधे चंद अराजक तत्वों को क्षेत्र के लोग पहचानने से इंकार करते रहे। यही वजह रही कि इन्हीं अराजक तत्वों में शामिल दो ने पुलिस पर फायरिंग के इरादे से जब तमंचे निकाल लिए तो उन्हें भीड़ को थामने की कोशिश कर रहे मोहल्ले के मोअज्जिज लोगों ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। उन्होंने शाहजमाल से गोंडा रोड बाईपास की ओर भागकर अपनी जान बचाई। इस पिटाई के बाद प्रदर्शन शांत होता चला गया और भीड़ खुद ब खुद छंट गई।
एएमयू बवाल के दूसरे दिन से ही यह बात खुफिया इनपुट में सामने आ रही है कि नागरिक संशोधन कानून को लेकर कुछ बाहरी लोग आबादियों में भ्रांतियां फैलाकर युवाओं को उकसाने का काम कर रहे हैं। पूरे महानगर जुमे की नमाज शांतिपूर्ण अदा होने के यही चर्चाएं जगह-जगह चल रही थीं कि सूबे के कई शहरों में घटना हो गईं। मगर अपना शहर सही है। इसी बीच एक घंटे बाद ईदगाह के बाहर हुई पथराव की घटना ने शहर में सनसनी फैलाने का काम किया। यह घटना बाहरियों द्वारा माहौल बिगाड़ने का जीता जागता उदाहरण रहा। इस पथराव के दौरान एसएसपी ने जब मोहल्ले के मोअज्जिज लोगों को बुलाया और पथराव करने वालों को समझाने में मदद मांगी तो उधर से कुछ ही देर में जवाब आया कि यह हमारे मोहल्ले के नहीं हैं और मान नहीं रहे।
विज्ञापन

इस पर एसएसपी ने शहर मुफ्ती और इलाके के मजदूर तबके में खासा प्रभाव रखने वाले प्रमुख मीट निर्यातक हाजी जहीर को बुलाया तो उन्हें भी प्रदर्शनकारियों का विरोध झेलना पड़ा। एकबारगी तो ऐसा लगा कि इनकी मदद से भी माहौल नहीं सुधरेगा। कहीं बल प्रयोग न करना पड़े।
विज्ञापन
विज्ञापन

जमालपुर के युवक यहां देखे गए, मीट फैक्ट्रियों के मजदूर थे आगे
शाहजमाल में हुए इस प्रदर्शन में शहर के दूसरे छोर यानी जमालपुर के कुछ युवकों को देखा गया था। इससे खुद अनुमान लगाया जा सकता है कि दूसरे मोहल्ले के लोग यहां आकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे थे। इसके अलावा मीट फैक्ट्रियों में काम करने वाले कुछ ऐसे मजदूर भी प्रदर्शन में शामिल थे जो या तो दूसरे प्रांत के हैं या दूसरे शहर के हैं। उन्हें भी बरगलाकर लाया गया होगा।
शराब के नशे में झूम रहे थे कई प्रदर्शनकारी
इस प्रदर्शन के दौरान एक खास बात यह भी थी कि कई युवक नशे में झूम रहे थे। इससे लोग इसी बात का अंदाजा लगा रहे थे कि इन्हें शराब पिलाकर यहां हंगामा खड़ा करने के लिए लाया गया होगा। फिलहाल पुलिस इस दिशा में काम कर रही है कि इन्हें यहां कौन लाया। वीडियो फुटेज की मदद से चेहरे चिह्नित कर लिए गए हैं और उन तक रात में पहुंचने का प्रयास जारी है।
पुलिस मददगारों को बनाया गया निशाना
प्रदर्शन व पुलिस पर पथराव के दौरान उन युवकों को बवाली निशाना बना रहे थे जो पुलिस की मदद कर रहे थे। इन्हीं में शामिल एक केसर नाम के युवक को मुंह पर पत्थर मारकर उसका मुंह तोड़ दिया गया था। इसके अलावा अन्य लोगों को पुलिस का आदमी बताकर ताने तक दिए जा रहे थे।
वेट एंड वाच की स्टेटजी आई काम
इसके बाद एसएसपी ने पुलिस फोर्स को समझाया कि हमें रिएक्ट नहीं करना है। अगर हमने बल प्रयोग किया तो चंद बाहरियों की वजह से पूरा मोहल्ला विरोध में खड़ा हो जाएगा और शहर भर के अमन पर इसका प्रभाव पड़ेगा। फोर्स को निर्देश दिया गया कि प्रदर्शनकारियों से 300 मीटर की दूरी बनाकर इन्हें इधर उधर न होने दिया जाए। इसके बाद फोर्स दूरी बनाकर खड़ी रही। इस दौरान बवालियों द्वारा फेंके जा रहे पत्थर भी पुलिस तक नहीं पहुंच रहे थे और करीब दो घंटे तक प्रदर्शन व हो-हल्ला कर यह लोग खुद ब खुद चले गए। इसके बाद मोहल्ले व आसपास के लोगों ने एसएसपी के इस प्लान की बेहद तारीफ की।
अजान होती रही, नारेबाजी करते रहे
शाहजमाल स्थित डबल टंकी के पास करीब पौने तीन घंटे लोगों ने नारेबाजी की और बीच-बीच में पुलिस की तरफ पत्थर भी फेंके। जुमे की नमाज पढ़ने के बाद सैकड़ों की तादाद में दोपहर सवा तीन बजे शाहजमाल ईदगाह पर लोग एकत्र हो गए। पुलिस ने वहां से भगा दिया। भीड़ डबल टंकी के पास पहुंच गई। सामने मस्जिद भी है। अजान के वक्त खामोशी बेहतर मानी जाती है। बावजूद इसके लोगों ने अस्र व मगरिग की अजान की परवाह किए बगैर नारेबाजी की। शोर-शराबे के बीच काले झंडे भी लहराए।

हर बार उमड़ी भीड़ को समझाने आए शहर मुफ्ती
अलीगढ़। ऊपरकोट हो या जमालपुर में उमड़ी हजारों की भीड़। यह भीड़ जब किसी की भी बात मानने को तैयार नहीं हो रही थी, तब शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद को ऊपरकोट की जामा मस्जिद व जमालपुर की मस्जिद से खामोश रहने और घर चले जाने का एलान तक करना पड़ा। कमोवेश यही हाल शाहजमाल में देखने को मिला। जब भीड़ बेकाबू हो रही थी, तब एक बार फिर शहर मुफ्ती की आमद हुई। उन्होंने लोगों को समझाया। उनकी बात मान ली गई। फिर, लोग धीरे-धीरे अपने घर चले गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed