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अलीगढ़ः पटाखे चलाएं, मगर आंखों का रखें ख्याल

Wed, 03 Nov 2021 12:28 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 03 Nov 2021 12:28 AM IST
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burst firecrackers, but take care of your eyes
डॉ. वरून गुप्ता.... वरून आई केयर। - फोटो : CITY OFFICE
दीपावली की तैयारियां चल रही हैं। लोग आतिशबाजी भी करेंगे। ऐसे में आंख एवं शरीर की सुरक्षा का ख्याल रखना जरूरी है। खासकर आतिशबाजी के समय बच्चों के साथ घर के बड़े सदस्य मौजूद रहें। छोटी एवं तंग गलियों के साथ ही छत पर आतिशबाजी करने से बचें। खुले स्थान पर आतिशबाजी करें। हरित पटाखे सबसे अच्छे हैं।
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थोड़ी सी असावधानी के कारण त्योहार की खुशियां गम में बदल जाती हैं। हादसा होने पर लोगों को अस्पतालों की दौड़ लगानी पड़ती है। ऐसे में खासकर नेत्र से संबंधित रोगियों की संख्या अधिक होती है। नेत्र रोग विशेषज्ञों का कहना है कि आतिशबाजी के समय सावधानी बरतकर हम लोग दुर्घटना से बच सकते हैं।
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24 घंटे खुला रहेगा गांधी नेत्र चिकित्सालय
आतिशबाजी से घायल होने के बाद मरीजों को उपचार मिलने में सामान्यत: देरी होती है। इसका कारण यह है कि अधिकतर प्राइवेट डॉक्टर त्योहार के कारण क्लीनिक या अस्पताल बंद रखते हैं। गांधी नेत्र चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक मधुप लहरी ने बताया कि दीपावली के दिन एवं उसके अगले दिन अस्पताल खुला रहेगा। किसी तरह की तकलीफ होने पर लोग यहां आकर लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जागरूकता के कारण पिछले कुछ वर्षों में तुलनात्मक रूप से दुर्घटनाओं में कमी आई है। अच्छा यह है कि आतिशबाजी के समय पूरी सावधानी बरतें ताकि दुर्घटना की नौबत ही नहीं आएं।
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पटाखे छोड़ते समय सावधानी बरतें। प्रोटेक्शन ग्लास लगाकर पटाखे छोड़े। छोटे बच्चों को पटाखे न दें। आंखों में धुआं या धूल जाती है तो मले नहीं। पटाखा चलाने के बाद हाथ को अच्छे से साफ करें। दुर्घटना होने पर बिना समय गंवाए योग्य चिकित्सक के पास जाएं।

- डॉ. वरुण गुप्ता, वरुण आई केयर
पिछले कुछ वर्षों में पटाखों से घायल होकर आने वाले मरीजों की संख्या में कमी आई है। लेकिन आज भी यह संख्या कम नहीं है। बच्चों को बम एवं धमाके वाले पटाखे की जगह रोशनी वाले पटाखे दें। ईको फ्रेंडली त्योहार मनाएं। पटाखे चलाते समय बच्चों के साथ बड़े मौजूद रहें।
- मधुप लहरी, चिकित्सा अधीक्षक, गांधी नेत्र चिकित्सालय
ये बरतें सावधानी
- खुले स्थान या मैदान में पटाखे चलाएं
- छोटी व तंग गलियों में पटाखे नहीं चलाएं
- पटाखा जलाकर रास्ते पर नहीं फेंके
- मिट्टी, या कांच या टीन आदि के डिब्बे में पटाखे नहीं चलाएं
- पटाखे में आग लगाने के बाद दूर हट जाएं
दुर्घटना होने पर ये करें
- आंखों को मसले नहीं
- आंखों में फंसी किसी वस्तु, टुकड़े आदि को बाहर निकालने का प्रयास नहीं करें, तुरंत चिकित्सक से मिलें
- दुर्घटना के बाद घरेलू नुस्खे अपनाने के बदले चिकित्सक के पास जाएं
- घायल को जल्द से जल्द डॉक्टर के पास ले जाएं
नोट : सुझाव चिकित्सकों से बातचीत पर आधारित

डॉ. मधूप लहरी अधीक्षक, गांधी आई नेत्र चिकित्सालय

डॉ. मधूप लहरी अधीक्षक, गांधी आई नेत्र चिकित्सालय- फोटो : CITY OFFICE

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