{"_id":"594c1eb94f1c1b433e8b4716","slug":"burkhasin-gunfight-of-aligarh-on-social-media","type":"story","status":"publish","title_hn":"सोशल मीडिया पर छायी अलीगढ़ की बुर्कानशीं बंदूकची ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सोशल मीडिया पर छायी अलीगढ़ की बुर्कानशीं बंदूकची
Updated Fri, 23 Jun 2017 01:44 AM IST
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फेसबुक पर की गई कहकशां ख्ाानम की पोस्ट
- फोटो : अमर उजाला
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दीपक शर्मा
महिलाओं, युवतियों और बच्चियों के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों से व्यथित होकर लिखा गया अलीगढ़ की बुर्कानशीं बंदूकची का मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मैसेज की हकीकत जानने के लिए एक न्यूज चैनल की टीम विशेष रूप से अलीगढ़ आयी। पड़ताल के बाद यह प्रकरण सच साबित हुआ।
अलीगढ़ मुस्लिम विवि की शोध की छात्रा कहकशां खानम ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि ‘हिंदुस्तान में अब तो न नारी की कोई इज्जत है न कोई दर्जा। जिसका जब जी चाहे उसकी इज्जत पर हाथ डाल दे। फिर आवाम उस जुल्म के खिलाफ धरना दे या खुद मर जाए, मगर जालिम फिर भी मस्ती में। तो भाइयों बहनों सेल्फ डिफेंस करना सीखो। यही वक्त का तकाजा है। जालिम को खुद ही मौत के घाट उतार दो, न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी’।
मैसेज के साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की गई है, जिसमें बुर्कानशीं बंदूक के साथ निशाना साध रही हैं। यह पोस्ट जब वायरल हुई तो इलेक्ट्रानिक चैनल ने पड़ताल शुरू की। यह कवायद उन्हें एएमयू ले आयी। कहकशां से संपर्क साधा तो उन्होंने कैमरे पर साफ कहा कि यह पोस्ट उन्होंने ही डाली है। वह देश में महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध से व्यथित हैं। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं अब खुद ही कमान हाथ में ले लें।
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एएमयू की छात्र राजनीति में सक्रिय कहकशां खानम एएमयू कैबिनेट मेंबर रह चुकी हैं। वह एएमयू छात्रसंघ के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव भी लड़ चुकी हैं।
पोस्ट के साथ फोटो मेले का है
पोस्ट के साथ जो फोटो अपलोड किया गया है, वह एक मेले में गुब्बारे पर निशाना लगाते हुए है। उस फोटो को सामने से क्राप किया गया और फेसबुक पर संबंधित पोस्ट के साथ डाल दिया गया।
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महिलाओं, युवतियों और बच्चियों के खिलाफ बढ़ रहे अपराधों से व्यथित होकर लिखा गया अलीगढ़ की बुर्कानशीं बंदूकची का मैसेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस मैसेज की हकीकत जानने के लिए एक न्यूज चैनल की टीम विशेष रूप से अलीगढ़ आयी। पड़ताल के बाद यह प्रकरण सच साबित हुआ।
अलीगढ़ मुस्लिम विवि की शोध की छात्रा कहकशां खानम ने अपनी फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि ‘हिंदुस्तान में अब तो न नारी की कोई इज्जत है न कोई दर्जा। जिसका जब जी चाहे उसकी इज्जत पर हाथ डाल दे। फिर आवाम उस जुल्म के खिलाफ धरना दे या खुद मर जाए, मगर जालिम फिर भी मस्ती में। तो भाइयों बहनों सेल्फ डिफेंस करना सीखो। यही वक्त का तकाजा है। जालिम को खुद ही मौत के घाट उतार दो, न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी’।
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मैसेज के साथ एक तस्वीर भी पोस्ट की गई है, जिसमें बुर्कानशीं बंदूक के साथ निशाना साध रही हैं। यह पोस्ट जब वायरल हुई तो इलेक्ट्रानिक चैनल ने पड़ताल शुरू की। यह कवायद उन्हें एएमयू ले आयी। कहकशां से संपर्क साधा तो उन्होंने कैमरे पर साफ कहा कि यह पोस्ट उन्होंने ही डाली है। वह देश में महिलाओं के प्रति हो रहे अपराध से व्यथित हैं। इसलिए जरूरी है कि महिलाएं अब खुद ही कमान हाथ में ले लें।
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एएमयू की छात्र राजनीति में सक्रिय कहकशां खानम एएमयू कैबिनेट मेंबर रह चुकी हैं। वह एएमयू छात्रसंघ के उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव भी लड़ चुकी हैं।
पोस्ट के साथ फोटो मेले का है
पोस्ट के साथ जो फोटो अपलोड किया गया है, वह एक मेले में गुब्बारे पर निशाना लगाते हुए है। उस फोटो को सामने से क्राप किया गया और फेसबुक पर संबंधित पोस्ट के साथ डाल दिया गया।