फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Builder and his associates took possession of land with fake documents, case filed

Aligarh: बिल्डर और उसके साथियों पर जाली दस्तावेजों से जमीन कब्जाने का आरोप, मुकदमा दर्ज

Thu, 03 Oct 2024 06:40 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Thu, 03 Oct 2024 06:40 AM IST
सार

आरोप है कि योगेंद्रपाल सिंह ने कई बार जमीन को क्रय करने के लिए कहा। परंतु उन्होंने जमीन बेचने से साफ मना कर दिया। अधिवक्ता देवेंद्रपाल सिंह जादौन के माध्यम से पता चला है कि योगेंद्र पाल सिंह ने अन्य के साथ मिलीभगत करके जाली एवं कूटरचित हस्ताक्षर बनाकर जमीन का इकरारनामा करा लिया।

विज्ञापन
Builder and his associates took possession of land with fake documents, case filed
पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

थाना सिविल लांइस में कारोबारी की ओर से एक बिल्डर व उसके साथियों पर धोखाधड़ी व कूटरचित दस्तावेजों से करोड़ों की जमीन हथिया लेने के आरोप में मुकदमा दर्ज हुआ है। मुकदमा मूल रूप से सिविल लाइंस क्षेत्र के साकेत, मैरिस रोड व हाल निवासी आशादीप हैली रोड एनडीएम केंद्रीय दिल्ली निवासी सुबोध कुमार ने कराया है।

विज्ञापन


सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराए मुकदमे में सुबोध कुमार ने कहा है कि ग्राम रसूलपुर जीटी रोड,तहसील कोल में 39,450 वर्ग गज भूमि के वे मालिक हैं और उनकी टाइगर प्रोडक्ट्स प्रा.लि. कंपनी संचालित होती थी। उन्होंने दिल्ली में रहते हुए 11 लाख रुपये योगेंद्र पाल सिंह से इंडियन ओवरसीज बैंक में कंपनी के खाते में 18 जनवरी 2021 को आठ महीने के लिए प्राप्त किए थे। उन्होंने लिए गए रुपयों को 27 सितंबर 2021 को आरटीजीएस के जरिए वापस कर दिया।
विज्ञापन


आरोप है कि योगेंद्रपाल सिंह ने कई बार जमीन को क्रय करने के लिए कहा। परंतु उन्होंने जमीन बेचने से साफ मना कर दिया। अधिवक्ता देवेंद्रपाल सिंह जादौन के माध्यम से पता चला है कि योगेंद्र पाल सिंह निवासी विक्रम काॅलोनी, रामघाट रोड, धर्मेंद्र कुमार सारस्वत निवासी धनीपुर, थाना गांधीपार्क ने शिव परसन सिंह निवासी विक्रम काॅलोनी, रामघाट रोड़, पंकज शर्मा, चमन प्रकाश शर्मा, विशाल भारद्वाज के साथ मिलीभगत करके जाली एवं कूटरचित हस्ताक्षर बनाकर जमीन का इकरारनामा करा लिया। जिसमें जमीन के बदले एक करोड़ 11 लाख रुपये प्राप्त करने व सादा कागज पर कूटरचित रसीद जो उनकी कंपनी के लैटरहेड पर जमीन की देखरेख आदि करने का 19 जून 2019 का अधिकृत पत्र बना लिया। इसमें जिक्र किया कि जमीन का सौदा 75 करोड़ रुपये में कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इसके एवज में एक करोड़ नकद व 11 लाख रुपये खाते में प्राप्त कर लिए हैं। आरोप है कि स्टांप पेपर पर जाली एवं कूटरचित रसीद 12 मार्च 2021 को होना दर्शाया है। जबकि 14 सितंबर 2019 को स्टांप वेंडर की मृत्यु हो चुकी थी। इसके अलावा दर्शाया गया वेंडर पंजीयन नंबर भी फर्जी है। सुबोध कुमार ने कहा है कि वृद्ध होने व चलने-फिरने में असमर्थ होने पर अलीगढ़ स्थित संपत्ति की देखरेख नहीं कर पा रहे हैं।

पूर्व में भी विराट पचौरी, मुन्ना लाल पचौरी, उमेश गौतम, शैलेंद्र गौतम और यादवेंद्र गौतम द्वारा उनके जाली एवं कूटरचित हस्ताक्षर बनाकर फर्जी लीज डीड बनाई थी। इसको लेकर थाना बन्नादेवी में मुकदमा दर्ज हैं। जिसमें फारेंसिक जांच में मेरे हस्ताक्षर कूटरचित पाए गए हैं। उधर, प्रापर्टी डीलर योगेंद्रपाल सिंह का कहना है कि कारोबारी द्वारा लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।

जमीन के बदले लिए एक करोड़ 11 लाख रुपये वापस न करने पड़े इसको लेकर उन्होंने झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। जबकि उन्होंने खुद कारोबारी सुबोध कुमार के खिलाफ 11 सितंबर 2024 को थाना बन्नादेवी में मुकदमा दर्ज कराया है। एक परिवाद भी न्यायालय में दायर किया गया है। संबंधित जमीन पर पिछले कई सालों से उनका कब्जा बरकरार है। इस संबंध में एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि मामले में जांच की जा रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed