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अलीगढ़: बहन की जमीन बचाने में गई भाई-भतीजे की जान

Wed, 09 Oct 2019 03:05 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Wed, 09 Oct 2019 03:05 AM IST
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Brother and nephew died to save sisters property
घटनास्थल पर ग्रामीणों को समझाते अपर पुलिस अधीक्षक देहात मणिलाल पाटीदार - फोटो : Amar Ujala
जिस जमीन पर दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया गया, उसी जमीन के बगल में 14 बीघा जमीन पर कब्जे को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। हालांकि मारे गए चंद्रवीर का सीधा जमीन से कोई नाता नहीं था। बस उसकी नीयत थी कि उसकी बहन की जमीन पर पट्टे की आड़ में दबंग कब्जा किए ले रहे हैं। इसी का विरोध करना उसे भारी पड़ गया और बेटे सहित जान से हाथ धोना पड़ा।
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हालांकि दबी जुबां से लोग यह भी दलील दे रहे कि बहन ने कभी आवाज नहीं उठाई। भाई ही बेवजह मुद्दे को तूल दे रहा था। मगर बात इतनी बढ़ी हुई थी कि पुलिस को भी अंदेशा था और इसी अंदेशे के चलते पुलिस ने दोनों पक्षों को पाबंद भी किया था। बावजूद इसके दबंगों ने इस हत्याकांड को अंजाम दे डाला। इसी वजह से परिवार व लोगों में गुस्सा था।
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ऐसे शुरू विवाद

वाकये के अनुसार चंद्रवीर सिंह की बहन प्रेमवती व बहनोई राजवीर अपनी खैर के गांव कीलपुर मथना में संपत्ति बेचकर करीब डेढ़ दशक पहले यहां मई आकर बस गए हैं। उन्होंने यहां चंद्रवीर की जमीन के पास ही 14 बीघा जमीन खरीद ली। कुछ समय पहले चंद्रवीर के बहनोई लकवा की बीमारी का शिकार हो गए। इसके चलते उन्होंने अपनी जमीन गांव के ही प्रेमपाल उर्फ पाली पक्ष को पट्टे पर दे दी है। चंद्रवीर पक्ष का आरोप है कि बहनोई की बीमारी की आड़ में पाली पक्ष उस जमीन पर कब्जा करके बैठ गया है।
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इसी बात पर दोनों पक्षों में रंजिश पनप गई है। पूर्व में इसी रंजिश में झगड़े हुए हैं। एक मर्तबा चंद्रवीर के एक बेटे को इसी झगड़े में गोली भी लगी थी, मगर पुलिस जांच में घटना झूठी पाई गई थी। कुछ दिन पहले इसी जमीन के कुछ हिस्से की जुताई का आदेश एसडीएम से चंद्रवीर ने अपने पक्ष में ले लिया था। मंगलवार सुबह चंद्रवीर उसी जमीन के पास धान की पिटाई कर रहा था, जहां यह हमला हुआ।

सुबह ताऊ की मौत, फिर भी हुआ हमलावर

पाली की आपराधिक सोच का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सुबह उसके घर में उसके ताऊ की मौत हो गई थी। पूरा परिवार शोक में डूबा हुआ था। इसी बीच पाली को खबर लगी कि चंद्रवीर खेतों पर गया है और वहां जुताई की तैयारी में है। इसी खबर पर वह उत्तेजित होकर परिजनों संग वहां पहुंच गया और हमला कर दिया।

दोनों पक्ष हैं पाबंद, राजनीतिक संरक्षण में पला पाली

कोतवाल डीके त्यागी के अनुसार दोनों पक्षों में तनाव के मद्देनजर दोनों पक्षों को एसडीएम कोर्ट से एक-एक लाख से पाबंद कराया था। आरोपी पक्ष की जमानत व मुचलका की धनराशि को जब्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस रिकार्ड के अनुसार आरोपी पाली के खिलाफ पूर्व में भी गांव के ही राशन डीलर बच्चू सिंह की हत्या का आरोप है। दिल्ली एनसीआर में भी हथियार सप्लाई आदि के मुकदमे दर्ज हैं। एक मर्तबा आगरा से भी उसकी गिरफ्तारी हुई है। बताया गया है कि सपा शासन काल में वह पड़ोसी जिले के एक विधायक के संरक्षण में दबंगई किया करता था।


देर रात तक पोस्टमार्टम पर जमा रही भीड़

दोनों शवों के पोस्टमार्टम में देरी के चलते यहां पोस्टमार्टमकेंद्र पर भीड़ जमा रही। खुद एसपी देहात पोस्टमार्टम आदि की औपचारिकताएं पूरी कराने में व्यस्त रहे। देर रात पोस्टमार्टम के बाद शवों को कड़ी सुरक्षा में गांव ले जाने की तैयारी थी।
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