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जिपं अध्यक्ष पद के लिए गहमागहमी के बीच भाजपा-सपा प्रत्याशियों ने भरा पर्चा
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा और सपा प्रत्याशियों ने अपना-अपना दावा ठोका है। भाजपा से पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे व एटा सांसद राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया के समधी श्यौराज सिंह की पत्नी विजय सिंह ने चार सेट में नामांकन पत्र दाखिल किया। वहीं, सपा से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के भाई व पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव के बहनोई संजय यादव की पत्नी अर्चना यादव ने दो सेट में नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान कलेक्ट्रेट में सपा व भाजपा समर्थकों की भारी भीड़ रही। इस दौरान नामांकन कक्ष में प्रवेश को लेकर सपा ने भाजपा पर नियमों की धज्जियां उड़ाने व जिपं सदस्यों को बंधक बनाने का आरोप लगाया।
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन के लिए सुबह से ही कलक्ट्रेट में हलचल रही। पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। इसके अलावा नामांकन कक्ष (डीएम कोर्ट रूम) के बाहर डोर मेटल डिटेक्टर मशीन लगाई गई। सुबह 11 बजे से नामांकन पत्र लेने के लिए एआरओ/एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार व अन्य कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित हो गए। दोपहर करीब 12:30 बजे सबसे पहले सपा प्रत्याशी अर्चना यादव जिलाध्यक्ष गिरीश यादव, पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह सहित दर्जनों समर्थक पहुंचे। अर्चना यादव के साथ नामांकन कक्ष में बिजेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, नीरज चौहान और सुलेखा ने प्रवेश किया। इसके बाद अर्चना यादव ने एआरओ के समक्ष दो सेट में नामांकन पत्र प्रस्तुत किए। उनके एक सेट में बिजेंद्र सिंह प्रस्तावक और जितेंद्र सिंह अनुमोदक बने, जबकि दूसरे सेट में अर्चना यादव ने नीरज चौहान को प्रस्तावक और सुलेखा को अनुमोदक बनाया।
करीब दो बजे भाजपा प्रत्याशी विजय सिंह पहुंचीं। उनके साथ सांसद सतीश गौतम, कोल विधायक अनिल पाराशर, शहर विधायक संजीव राजा, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी सहित, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शशि सिंह, प्रवीण राज सिंह व अन्य जनप्रतिनिधि और समर्थक थे। विजय सिंह ने आरओ चंद्रभूषण सिंह के समक्ष चार सेट में नामांकन पत्र दाखिल किया। कृष्णपाल सिंह, रिंकी देवी, अंजू देवी, जोगेश कुमार को प्रस्तावक बनाया। जबकि वीनेश कुमार, लाल सिंह, लक्ष्मी और प्रदीप कुमार को अनुमोदक बनाया गया।
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कलक्ट्रेट के वीआईपी गेट पर जमे सपाई, जमकर की नारेबाजी
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन को शांतिपूर्ण कराने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई थीं। मगर, सपा नेताओं के जमावड़े से कलक्ट्रेट के वीआईपी गेट पर सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ीं। इसके अलावा, भाजपा और सपा नेताओं ने एक दूसरे को देखकर नारेबाजी शुरू कर दी। यह देख पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। पुलिस ने दोनों ओर से शांति बनाए रखने की अपील की।
सपा ने भाजपा पर बोला हमला, सांसद ने किया पलटवार
नामांकन कक्ष में पांच लोगों की मौजूदगी के नियम को लेकर सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव व पूर्व विधायक जमीर उल्लाह ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। कहा कि भाजपा सत्ता के नशे में चूर है। निर्वाचन आयोग के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए नामांकन कक्ष में पांच से ज्यादा भाजपाई पहुंचे। दोनों नेताओं ने जिला पंचायत सदस्यों को बंधक बनाने का भी आरोप भाजपा पर लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के माहौल में निष्पक्ष चुनाव होना संभव नहीं है। इसकी शिकायत जिला व राज्य निर्वाचन आयोग से की है। इस मामले में जब सांसद सतीश गौतम से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि भाजपा स्वतंत्र राजनीति करती है। बंधक बनाना सपाइयों का काम है। कलेक्ट्रेट परिसर में ही 15 से अधिक जिला पंचायत सदस्य मौजूद हैं। सपा के आरोप सरासर गलत हैं।
प्रत्याशियों ने किया जीत का दावा
नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद सपा प्रत्याशी अर्चना यादव ने कहा कि वह जीत रही हैं। उनके पास 30 से अधिक जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन है। जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के बाद वह सड़क, नाली, खड़ंजा, स्ट्रीट लाइट, स्कूल, महिला सुरक्षा सहित अन्य विकास के मुद्दों पर काम करेंगी। इधर, भाजपा प्रत्याशी विजय सिंह ने भी कहा कि समय आने पर पता लग जाएगा कि किसके साथ कितने सदस्य हैं। वह भरपूर समर्थन के साथ जीत हासिल कर रही हैं। जीत के बाद जिले में विकास की बयार बहेगी।
शांतिपूर्ण तरीके से नामांकन हुआ है। सपा से अर्चना यादव और भाजपा से विजय सिंह ने नामांकन दाखिल किया है। दोपहर तीन बजे तक नामांकन का समय दिया गया था। इसके बाद दोनों प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसमें उन्हें सही पाया गया है। रही बात जिला पंचायत सदस्यों को बंधक बनाने के आरोपों की तो किसी भी सदस्य या उनके परिवारीजनों की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।
- चंद्रभूषण सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी
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जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन के लिए सुबह से ही कलक्ट्रेट में हलचल रही। पूरे परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। इसके अलावा नामांकन कक्ष (डीएम कोर्ट रूम) के बाहर डोर मेटल डिटेक्टर मशीन लगाई गई। सुबह 11 बजे से नामांकन पत्र लेने के लिए एआरओ/एडीएम सिटी राकेश कुमार मालपाणी, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार व अन्य कर्मचारी-अधिकारी उपस्थित हो गए। दोपहर करीब 12:30 बजे सबसे पहले सपा प्रत्याशी अर्चना यादव जिलाध्यक्ष गिरीश यादव, पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह, पूर्व विधायक जमीरउल्लाह सहित दर्जनों समर्थक पहुंचे। अर्चना यादव के साथ नामांकन कक्ष में बिजेंद्र सिंह, जितेंद्र सिंह, नीरज चौहान और सुलेखा ने प्रवेश किया। इसके बाद अर्चना यादव ने एआरओ के समक्ष दो सेट में नामांकन पत्र प्रस्तुत किए। उनके एक सेट में बिजेंद्र सिंह प्रस्तावक और जितेंद्र सिंह अनुमोदक बने, जबकि दूसरे सेट में अर्चना यादव ने नीरज चौहान को प्रस्तावक और सुलेखा को अनुमोदक बनाया।
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करीब दो बजे भाजपा प्रत्याशी विजय सिंह पहुंचीं। उनके साथ सांसद सतीश गौतम, कोल विधायक अनिल पाराशर, शहर विधायक संजीव राजा, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी सहित, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य शशि सिंह, प्रवीण राज सिंह व अन्य जनप्रतिनिधि और समर्थक थे। विजय सिंह ने आरओ चंद्रभूषण सिंह के समक्ष चार सेट में नामांकन पत्र दाखिल किया। कृष्णपाल सिंह, रिंकी देवी, अंजू देवी, जोगेश कुमार को प्रस्तावक बनाया। जबकि वीनेश कुमार, लाल सिंह, लक्ष्मी और प्रदीप कुमार को अनुमोदक बनाया गया।
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कलक्ट्रेट के वीआईपी गेट पर जमे सपाई, जमकर की नारेबाजी
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के नामांकन को शांतिपूर्ण कराने के लिए पुलिस-प्रशासन की ओर से सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद की गई थीं। मगर, सपा नेताओं के जमावड़े से कलक्ट्रेट के वीआईपी गेट पर सभी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों की जमकर धज्जियां उड़ीं। इसके अलावा, भाजपा और सपा नेताओं ने एक दूसरे को देखकर नारेबाजी शुरू कर दी। यह देख पुलिस तुरंत हरकत में आ गई। पुलिस ने दोनों ओर से शांति बनाए रखने की अपील की।
सपा ने भाजपा पर बोला हमला, सांसद ने किया पलटवार
नामांकन कक्ष में पांच लोगों की मौजूदगी के नियम को लेकर सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव व पूर्व विधायक जमीर उल्लाह ने भाजपा पर जमकर हमला बोला। कहा कि भाजपा सत्ता के नशे में चूर है। निर्वाचन आयोग के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए नामांकन कक्ष में पांच से ज्यादा भाजपाई पहुंचे। दोनों नेताओं ने जिला पंचायत सदस्यों को बंधक बनाने का भी आरोप भाजपा पर लगाया। उन्होंने कहा कि इस तरह के माहौल में निष्पक्ष चुनाव होना संभव नहीं है। इसकी शिकायत जिला व राज्य निर्वाचन आयोग से की है। इस मामले में जब सांसद सतीश गौतम से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि भाजपा स्वतंत्र राजनीति करती है। बंधक बनाना सपाइयों का काम है। कलेक्ट्रेट परिसर में ही 15 से अधिक जिला पंचायत सदस्य मौजूद हैं। सपा के आरोप सरासर गलत हैं।
प्रत्याशियों ने किया जीत का दावा
नामांकन पत्र दाखिल करने के बाद सपा प्रत्याशी अर्चना यादव ने कहा कि वह जीत रही हैं। उनके पास 30 से अधिक जिला पंचायत सदस्यों का समर्थन है। जिला पंचायत अध्यक्ष बनने के बाद वह सड़क, नाली, खड़ंजा, स्ट्रीट लाइट, स्कूल, महिला सुरक्षा सहित अन्य विकास के मुद्दों पर काम करेंगी। इधर, भाजपा प्रत्याशी विजय सिंह ने भी कहा कि समय आने पर पता लग जाएगा कि किसके साथ कितने सदस्य हैं। वह भरपूर समर्थन के साथ जीत हासिल कर रही हैं। जीत के बाद जिले में विकास की बयार बहेगी।
शांतिपूर्ण तरीके से नामांकन हुआ है। सपा से अर्चना यादव और भाजपा से विजय सिंह ने नामांकन दाखिल किया है। दोपहर तीन बजे तक नामांकन का समय दिया गया था। इसके बाद दोनों प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों की जांच की गई, जिसमें उन्हें सही पाया गया है। रही बात जिला पंचायत सदस्यों को बंधक बनाने के आरोपों की तो किसी भी सदस्य या उनके परिवारीजनों की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।
- चंद्रभूषण सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी