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फिर विवादों में घिरीं 'बिहार में का बा' वाली नेहा सिंह राठौर, इलाहाबाद विश्वविद्यालय पर लगाए आरोप
Tue, 24 Nov 2020 03:34 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: प्राची प्रियम
Updated Tue, 24 Nov 2020 03:34 PM IST
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नेहा सिंह राठौर
- फोटो : Twitter
बिहारी लोक गायिका नेहा सिंह राठौर एक बार फिर अपने गाने के कारण विवादों में घिर गईं हैं। इस बार उन्होंने उत्तर प्रदेश के प्रतिष्ठित इलाहाबाद विश्विद्यालय पर निशाना साधते हुए ढेर सारे आधारहीन आरोप लगाए हैं, जिसके कारण लोगों का गुस्सा भड़क उठा है।
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नेहा ने विश्वविद्यालय के साथ साथ वहां के छात्रसंघ पर भी तमाम मनगढ़ंत आरोप जड़ने की कोशिश की है। इस गाने पर इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्रों ने काफी नाराजगी जताई है। सोशल मीडिया पर अब उन्हें विरोध और लोगों के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
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गाने के विरोध में जब उन्हें फेसबुक पर लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा तो पहले तो उन्होंने मदद की गुहार लगाई। उन्होंने लिखा कि आपके सहयोग की जरूरत है। कुछ लोग इलाहाबाद विश्वविद्यालय पर लिखे और गाए गए मेरे गीत के चलते मेरी पोस्ट को रिपोर्ट कर रहे हैं।
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हां ये एकदम सच है कि मैं आलोचनात्मक अंदाज में अपनी बात रखती हूं पर एक बार फर्जी गर्वोन्माद से बाहर आकर सोचो। खैर, मेरी सहायता कीजिये, मेरी प्रोफाइल रिपोर्ट की जा रही है। देखिये क्या हो सकता है!
इसके कुछ देर बाद उन्होंने लिखा कि आपको इतना भावुक होने की आवश्यकता नहीं है। क्यों बात-बात पर आहत हो जाते हैं? अपने गाने पर सफाई देते हुए उन्होंने लिखा कि जिस इलाहाबाद विश्वविद्यालय की संस्कृति को अपमानित करने का आरोप आप मुझपर लगा रहे हैं, वो निश्चित रूप से महान हुआ करता था, विश्वविद्यालय को 'ऑक्सफोर्ड ऑफ ईस्ट' भी कहा जाता था, पर अब ऐसा कुछ भी नहीं है।
एक ऐतिहासिक बुलंद इमारत में डिग्री कॉलेज बनकर रह गया है इलाहाबाद विश्वविद्यालय और इसके जिम्मेदार हैं कुछ ऐसे 'समझदार' लोग, जो बिना बात, बात-बात पर आहत होने का स्वांग करते हैं, और विश्वविद्यालय के मूल्यों को नष्ट करते हैं।
बता दें कि उन्होंने अपने गीत में कुछ ऐसे बोल का प्रयोग किया है- यूनिवर्सिटी में लै एडमिशन, लड़िहैं छात्रसंघ इलेक्शन, पूरे प्रयागराज में गजबै के भौकाल कइले हो, गरदा कमाल कइले हो...हॉस्टल में कब्जाके कमरा, बबुवा देंय चुंगी पे पहरा, कोचिंग वालेन खातिर, भैया काल भइले हो, गरदा कमाल कइले हो...
बता दें कि उन्होंने अपने गीत में कुछ ऐसे बोल का प्रयोग किया है- यूनिवर्सिटी में लै एडमिशन, लड़िहैं छात्रसंघ इलेक्शन, पूरे प्रयागराज में गजबै के भौकाल कइले हो, गरदा कमाल कइले हो...हॉस्टल में कब्जाके कमरा, बबुवा देंय चुंगी पे पहरा, कोचिंग वालेन खातिर, भैया काल भइले हो, गरदा कमाल कइले हो...