{"_id":"5820d6d24f1c1b067fb387f8","slug":"bhopal-encounter-judicial-probe-prof-irfan","type":"story","status":"publish","title_hn":"भोपाल एनकाउंटर की न्यायिक जांच हो: प्रो. इरफान ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भोपाल एनकाउंटर की न्यायिक जांच हो: प्रो. इरफान
अमर उजाला,अलीगढ़
Updated Tue, 08 Nov 2016 01:15 AM IST
विज्ञापन
प्रो. इरफान हबीब
- फोटो : amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
देश के प्रख्यात इतिहासकार एवं एएमयू के एमरेट्स प्रो. इरफ ान हबीब ने कहा है कि भोपाल एनकाउंटर प्रकरण में कैदी जिंदा भी पकड़े जा सकते थे। लोगों को शक है कि एनकाउंटर फ र्जी है और इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के ताजा बयान पर उन्होंने कहा कि वो इस बात को तय नही कर सकते कि कौन सी बात देशद्रोह है, बल्कि देश में केंद्र सरकार ने बहुत सारे ऐसे काम कर रही है, जो सही नहीं है।
प्रो. हबीब ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के पास आजादी के समय का कोई होरो नहीं रहा है। यही वजह है कि वो सरदार पटेल को प्रोजेक्ट करके उनको अपना हीरो बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सच्चाई ये है कि सरदार पटेल खुद हिंदू महासभा और आरएसएस की नीतियों से सहमत नहीं थे।
विज्ञापन
सन् 1925 में जब आरएसएस बना था तो उसका काम केवल मुसलमानों का विरोध करना था और सरदार पटेल आरएसएस की नीतियों से सहमत नहीं थे। सरदार पटेल ने गांधी जी की हत्या के लिए सीधे आरएसएस को जिम्मेदार नहीं ठहराया था लेकिन ये जरूर कहा था कि आरएसएस ने देश में ऐसा माहौल पैदा कर दिया कि महात्मा गांधी का कत्ल हो गया।
विज्ञापन
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के ताजा बयान पर उन्होंने कहा कि वो इस बात को तय नही कर सकते कि कौन सी बात देशद्रोह है, बल्कि देश में केंद्र सरकार ने बहुत सारे ऐसे काम कर रही है, जो सही नहीं है।
विज्ञापन
प्रो. हबीब ने कहा कि भाजपा और आरएसएस के पास आजादी के समय का कोई होरो नहीं रहा है। यही वजह है कि वो सरदार पटेल को प्रोजेक्ट करके उनको अपना हीरो बनाने की कोशिश कर रहे हैं। सच्चाई ये है कि सरदार पटेल खुद हिंदू महासभा और आरएसएस की नीतियों से सहमत नहीं थे।
विज्ञापन
सन् 1925 में जब आरएसएस बना था तो उसका काम केवल मुसलमानों का विरोध करना था और सरदार पटेल आरएसएस की नीतियों से सहमत नहीं थे। सरदार पटेल ने गांधी जी की हत्या के लिए सीधे आरएसएस को जिम्मेदार नहीं ठहराया था लेकिन ये जरूर कहा था कि आरएसएस ने देश में ऐसा माहौल पैदा कर दिया कि महात्मा गांधी का कत्ल हो गया।