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ईद से पहले शहर को मिली स्मार्ट सिटी की ईदी

Sat, 24 Jun 2017 02:01 AM IST
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Sat, 24 Jun 2017 02:01 AM IST
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Before the Eid, the city got the smart city idi
ईद से पहले शहर को मिली स्मार्ट सिटी की ईदी - फोटो : Dig Vishal
ईद से पहले अलीगढ़ शहर को ईद का तोहफा मिला है। शहरी विकास मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को स्मार्ट सिटी में चयनित 30 शहरों की सूची जारी की गई, जिसमें अलीगढ़ का भी नाम शामिल है। यह खबर मिलते ही शहर में खुशी की लहर दौड़ गई। इसका सीधा मतलब यह समझा जा सकता है कि अगले पांच सालों में विभिन्न प्रकार के विकास और अपग्रेडेशन के कार्यों के लिए शहर को 500 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा और महापौर शकुंतला भारती ने शहर के लोगों के साथ-साथ स्मार्ट सिटी की दौड़ में चलाए गए अभियान में साथ देने के लिए सभी संस्थाओं, व्यक्तियों, नागरिकों का आभार व्यक्त किया है।
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स्मार्ट सिटी क्या है?
नगरीय विकास की वह योजना है जो सूचना, संचार तकनीक का इस्तेमाल शहर की संपदा को बचाए रखने और समृद्ध करने के लिए उपयोग करती है। साथ ही सेवाओं को प्राप्त करने की दक्षता में वृद्धि करने का भी लक्ष्य रहता है।
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क्या होगा स्मार्ट सिटी में
- प्राथमिक जोर यातायात व्यवस्था और ई गवर्नेंस पर रहेगा। साथ ही इनकी जटिलताएं भी कम करने पर बल दिया जाएगा।
- पानी की आपूर्ति, ऊर्जा, वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और आधारभूत ढांचागत भविष्य की जरूरतों को पूरा करने की कार्ययोजना शामिल रहेगी।
- अहम बात यह भी कि पूरा (प्रोवाइडिंग अर्बन एमेनिटीज इन रूरल एरिया) प्रोजेक्ट भी प्राथमिकता में। यानी ग्रामीण इलाकों में भी शहर जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, प्राथमिकता में हैं, लेकिन यह बाद का चरण है। इसका एक मकसद शहरों से ग्रामीणों का पलायन रोकना भी है।
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- पर्याप्त सार्वजनिक स्थान, पैदल राहगीरों के लिए फुटपाथ, शापिंग प्लाजा, यातायात जाम से मुक्त सड़कें, ई व्हीकल प्राइम एजेेंडे में हैं।
- 24 घंटे बिजली, सार्वजनिक स्थानों पर वाई फाई की सुविधा, सरकारी कार्यों के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस जैसी योजनाएं सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं।

अलीगढ़ के स्मार्ट सिटी में चयन होने के क्या मायने हैं?
जो प्रस्ताव एक्सपर्ट द्वारा बना कर भेजा गया था उसके मुताबिक दो पार्टों में अलीगढ़ के लिए काम होना था। पहला एरिया बेस्ड एप्रोच के साथ और दूसरी पैन सिटी सोल्यूशन के साथ।
(1) एरिया बेस्ड एप्रोच
इसमें शहर के अचल ताल, जामा मसजिद, कठपुला, सेंटर प्वाइंट, जिला अदालत के पूरे इलाके को चयनित किया गया। (इन्हें जगहों के रूप में नहीं बल्कि इसे पूरा इलाका माना जाए) इस क्षेत्र में अंडरग्राउंड केबल, स्मार्ट पोल्स, जिस पर सीसीटीवी कैमरे, लाइट्स, मोबाइल पोर्ट, वाई-फाई प्वांट्स, सोलर पैनल आदि होंगे।
- इस इलाके में ऊर्जा की 20 फीसदी जरूरत की पूर्ति सोलर एनर्जी से पूरी की जाएगी।
- 24 घंटे बिजली के साथ ही 24 घंटे गुणवत्ता परक पानी की आपूर्ति भी इसमें शामिल है।
(2) पैन सिटी सोल्यूशन
इसमें पूरे शहर को ही शामिल किया गया है। इसमें ई गवर्नेंस, ट्रैफिक मैनेजमेंट, सर्विलांस, निगरानी, सिंगल विंडो, विभागों का आपस में कोआर्डिनेशन शामिल है। इसमें यह भी है कि ट्रैफिक जाम होने पर शहर के अन्य लोगों को पहले से ही सूचना मिल जाना, नोन मोटराइज्ड जोन के साथ कुछ इलाकों को खास तौर से पैडेस्ट्रियन फ्रेंडली बनाया जाएगा।

 आसान नहीं थी राह चयन की, दो बार हुए फेल
अलीगढ़। स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित होने वाले शहरों की सूची में स्थान बनाने के लिए राह आसान नहीं थी। इसके लिए कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन अलीगढ़ नगर निगम ने प्रत्येक चुनौती को एक नए लक्ष्य के रूप में लिया और खामियां दूर कर यह उपलब्धि हासिल की।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के लिए नोडल अधिकारी बनाए गए सहायक नगर आयुक्त ऋषिकेश सिंह (जिनका हाल ही में आईएएस में चयन हुआ है) कहते हैं कि सबसे पहले सभी निकायों से उनके शहर के संबंध में डाटा मांगा गया। इसका मकसद यह था कि देखा जाए कि किस शहर में स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित होने की कितनी क्षमता है। पहले 100 शहरों के लिए सूची में अलीगढ़ का नाम शामिल था। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा सभी 100 शहरों को कंसलटेंट उपलब्ध कराए गए, जिन्होंने शहर की स्थिति और हालात को समझते हुए प्लान तैयार किया। यह प्रपोजल समिट किया गया और मार्किंग हुई।

- पहले चरण में 20 शहरों की सूची जारी की गई। अलीगढ़ का नाम नहीं था। आरबी एसोसिएट्स ने प्रस्ताव तैयार किया था। इस प्रस्ताव में कई खामियां थीं।
- दूसरे चरण में 40 शहरों की सूची जारी की गई। जेएलएल ने प्रस्ताव तैयार किया, इसमें भी अलीगढ़ जगह नहीं बना सका। 0.7 अंक से अलीगढ़ पिछड़ गया।
- तीसरे चरण में केपीएमजी ने प्रस्ताव तैयार किया। पिछले सभी प्रस्तावों की खामियों को दूर किया गया और इसमें 30 शहरों की सूची जारी की गई। इसमें अलीगढ़ का नाम भी शामिल किया गया।

कैसे तय हुआ कि अलीगढ़ में क्या होगा
- सबसे अहम बात कि जो भी प्रपोजल बनाया गया उसे जनता से पूछ कर बनाया गया कि वह क्या चाहते हैं। उनकी समस्या और अपेक्षा क्या है। इसी के आधार पर कार्ययोजना का
प्रस्ताव तैयार किया गया।

- शहर के लोगों ने कैसे बताया कि वह क्या चाहते हैं?
इसके लिए ऑनलाइन और ऑफ लाइन फीडबैक और सुझाव देने की व्यवस्था की गई थी। साथ ही पोलिंग भी कराई गई। इसी से पता चला कि शहर में सबसे ज्यादा काम ट्रैफिक की समस्या पर होना है। इसे पैन सिटी सोल्यूशन में शामिल किया गया। दूसरी समस्या सरकारी विभाग के दूसरे सरकारी विभाग से कोआर्डिनेशन न होने की बतायी, इसे भी पैन सिटी सोल्यूशन में शामिल किया गया।



अलीगढ़ का स्मार्ट सिटी शहरों में चयन होने पर महानगरवासियों को बधाई। शहर के सहयोग से ही उनका यह सपना साकार हुआ है और अलीगढ़ वासियों ने अपने आने वाले कल और भविष्य को एक उज्जवल और स्मार्ट अलीगढ़ इस ईद पर उपहार स्वरूप दिया है।
- संतोष कुमार शर्मा, नगर आयुक्त

शहर के नागरिकों के लिए बड़ा हर्ष का विषय है और भारत सरकार और प्रदेश सरकार और पूरे नगर निगम परिवार के सार्थक प्रयासों के साथ हमारा शहर स्मार्ट शहरों की सूची में आ गया है।
शकुंतला भारती, महापौर

अब जो भी चुनौती होगी देख लेंगे: ऋषिकेश सिंह
अलीगढ़। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी ऋषिकेश सिंह ने तीसरे राउंड तक के सफर में सारथी की भूमिका में रहे। हरेक छोटी से बड़ी बात तक उन्होंने बारीकी से अध्ययन किया। उनसे हुई संक्षिप्त बातचीत के अंश। 
अमर उजाला- यहां तक का सफर कैसा रहा?
ऋषिकेश सिंह- काफी उतार चढ़ाव भरा रहा, लेकिन यह अपने आप में एक अलग तरह का अनुभव था। इस प्रकार का काम पहले कभी हुआ नहीं था।
अमर उजाला- आगे किस तरह की चुनौतियां देखते हैं?
ऋषिकेश सिंह - काम बड़ा है। मानव संसाधनों की उपलब्धता सीमित है। इसके अलावा जो काम है वह बेहद माडर्न और आगे की तकनीक पर आधारित है। उसके लिए दक्ष तकनीशियनों और टेक्नीकल हैंड्स की जरूरत होगी। इसके अलावा वित्तीय संसाधन भी समय से उपलब्ध हों, लेकिन अब तो जो भी चुनौती होगी देख ही लेंगे। कोई दिक्कत नहीं है।
अमर उजाला- यह काम कितने समय में पूरा होना है?
ऋषिकेश सिंह- इसके लिए पांच साल का समय है। इतना बड़ा काम पांच साल में पूरा करना ही काफी चुनौती पूर्ण है, लेकिन जैसे यहां तक का सफर पूरा किया है वैसे ही आगे भी सफलता हासिल करेंगे।
अलीगढ़ के अलावा यह शहर हुए चयनित
 अलीगढ़ के अलावा यह शहर चयनित हुए हैं जारी की गई 30 शहरों की सूची में तिरुवनंतपुरम, नया रायपुर, राजकोट, अमरावती, पटना, करीमनगर, मुजफ्फरपुर, पांडिचेरी, गांधी नगर, श्रीनगर, सागर, करनाल, सतना, बेंगलुरु, शिमला, देहरादून, तिरुपुर, पिंपरी चिंचवाड़, बिलासपुर, पासीघाट, जम्मू, दाहोद, तिरुनेलवेली, तूतीकोरिन, तिरुचिरापल्ली, झांसी, इलाहाबाद, गंगटोक

महापौर और नगर अयुक्त को बधाई दी
अलीगढ़। भाजपा व्यापार मंडल के अध्यक्ष भूपेंद्र वार्ष्णेय ने अलीगढ़ शहर का चयन स्मार्ट सिटी के लिए होने पर प्रसन्नता व्यक्त की है। इसके लिए महापौर शकुंतला भारती और नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा, कमिश्नर सुभाष चंद्र शर्मा और केंद्रीय मंत्री बेंकैया नायडू को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अलीगढ़ का चयन स्मार्ट सिटी के लिए होने पर हमें गर्व है। साथ ही अपनी जिम्मेदारियां बढ़ने का अनुभव हो रहा है। अलीगढ़ को वास्तविक रूप से स्मार्ट सिटी बनाने के लिए यहां के प्रत्येक नागरिक को अपनी मानसिकता बदलनी होगी।
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