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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Before coming to Aligarh, only 'Ghoom'

अलीगढ़ आने के पहले ही ‘घर’ में घमासान

Sat, 10 Nov 2018 01:59 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Updated Sat, 10 Nov 2018 01:59 AM IST
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अलीगढ़ आने के पहले ही हाथरस के उपाध्याय बंधुओं के घर में घमासान शुरू हो गया है। इसकी वजह से अलीगढ़ में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गयी है। मुकुल उपाध्याय ने भी अभी खुलासा नहीं किया है कि अगला ठिकाना कहां बनाएंगे। भाजपा नेता भी इस मामले में कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं।
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पूर्व विधायक एवं एमएलसी मुकुल उपाध्याय को बसपा से निकाले जाने के बाद अलीगढ़ की सियासत गरमा गयी है। इसका कारण यह भी है कि उपाध्याय परिवार का हमेशा से अलीगढ़ का निकट संबंध रहा है। मुकुल उपाध्याय स्वयं इगलास विधान सभा क्षेत्र से विधायक रहे हैं। एमएलसी बनाने में भी अलीगढ़ की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। सामान्य लोकसभा चुनाव के पहले रामवीर उपाध्याय या सीमा उपाध्याय का नाम चर्चा में आता है।
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यह अलग बात है कि दोनो में से कोई अभी तक यहां से लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ पाए हैं। मुकुल उपाध्याय भी दावा कर रहे हैं कि बसपा अध्यक्ष मायावती उन्हें अलीगढ़ से लोकसभा चुनाव लड़ाना चाहती थी। इसके एवज में 5 करोड़ रुपये मांगे गये जो वह नहीं दे सकें। उनके बड़े भाई रामवीर उपाध्याय एवं भाभी सीमा उपाध्याय नहीं चाहती थीं कि वह अलीगढ़ से चुनाव लड़ें। रामवीर उपाध्याय, सीमा उपाध्याय को चुनाव लड़ाना चाहते हैं। इसमें कितनी सच्चाई है, यह वक्त बताएगा।
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फिलहाल रामवीर उपाध्याय एवं मुकुल उपाध्याय में विवाद के बाद राजनीति के दिग्गज आने वाले समय का आकलन करने में जुट गए हैं। राजनीति के दिग्गजों का कहना है कि उपाध्याय बंधुओं में घमासान से सीधा फायदा भाजपा को होना है। लोकसभा चुनाव अगले वर्ष होना है। सांसद सतीश गौतम का कहना है कि मैं अभी अपने भाई की बीमारी में व्यस्त हूं। अभी मध्य प्रदेश चुनाव जीतना है। संगठन के लोग अपना काम करेंगे। जिलाध्यक्ष ठाकुर गोपाल सिंह भी मुकुल उपाध्याय को लेकर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। मुकुल के भाजपा मेंे आने के सवाल पर अनभिज्ञता जता रहे हैं। 


हाथरस-अलीगढ़ की राजनीति में रामवीर की गहरी पैठ
बसपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय का हाथरस के साथ ही अलीगढ़, आगरा, फतेहपुर सिकरी सहित पूरे ब्रज क्षेत्र में अच्छी पैठ हैं। उनकी पत्नी फतेहपुर सीकरी से एक बार सांसद रह चुकी हैं। जानकारों का कहना है कि भाजपा एमएलसी ठाकुर जयवीर सिंह जब बसपा में थे, उस समय भी रामवीर उपाध्याय अलीगढ़ की राजनीति में सक्रिय थे। यह अलग बात है कि जयवीर सिंह की पार्टी एवं स्थानीय राजनीति में मजबूत पकड़ के कारण यह संभव नहीं हो सका। अब जयवीर सिंह भाजपा का दामन थाम चुके हैं। 
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