Aligarh: हो जाइए सावधान, अगले हफ्ते से गिरेगा तापमान, सर्दी का सितम बढ़ने की संभावना
दिन और रात के तापमान में लगभग 15 डिग्री सेल्सियस का अंतर है। यह अंतर प्रतिरोधक क्षमता पर असर डाल रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगले हफ्ते से सर्दी का सितम बढ़ने की संभावना है।
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जिले और आसपास के इलाके में अभी गुलाबी ठंड ही पड़ रही है। दिन और रात के तापमान में लगभग 15 डिग्री सेल्सियस का अंतर है। यह अंतर प्रतिरोधक क्षमता पर असर डाल रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगले हफ्ते से सर्दी का सितम बढ़ने की संभावना है। कड़ो की ठंड से मुकाबले के लिए तैयार हो जाएं।
कृषि विज्ञान केंद्र छेरत के मौसम विशेषज्ञ डॉ. रामपलट सिंह ने बताया कि जिले के ग्रामीण अंचलों की तुलना में शहर में प्रदूषण, धूल और धुएं के कारण दोपहर के वक्त गर्मी का अहसास होता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 में नवंबर माह में शहर का अधिकतम तापमान 30 और न्यूनतम 12 डिग्री सेल्सियस था।
इस वर्ष यह क्रमश: 27 और 11 डिग्री है। सुबह आठ बजे से ही मौसम साफ होने के कारण धूप में तेजी रहती है। 22 नवंबर तक मौसम साफ रहेगा। इसके बाद ठंड बढ़ेगी और सुबह- शाम कोहरा भी छाएगा। अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास ही रहेगा। न्यूनतम तापमान में कमी से तड़के ठंड अधिक रहेगी।
25 नवंबर से न्यूनतम तापमान और अधिकतम तापमान में एक डिग्री की गिरावट हो सकती है। दिसंबर में अधिकतम तापमान में करीब सात से आठ डिग्री तक की कमी आएगी। उधर, खुले आसमान के नीचे जिंदगी गुजारने को मजबूर लोगों की दुश्वारियां बढ़ने लगी हैं। अभी शहर में प्रशासन की ओर से कहीं भी अलाव नहीं जलाए गए हैं। रैन बसेरों के दरवाजे भी अभी नहीं खुले हैं। लोगों ने गरीबों के लिए जल्द इंतजाम करने की मांग की है।
तिथि न्यूनतम अधिकतम
22 नवंबर 11 26 डिग्री सेल्सियस
23 नवंबर 11 26 डिग्री सेल्सियस
24 नवंबर 10 25 डिग्री सेल्सियस
25 नवंबर 10 25 डिग्री सेल्सियस
26 नवंबर 10 25 डिग्री सेल्सियस
27 नवंबर 10 25 डिग्री सेल्सियस
स्रोत : भारतीय मौसम विभाग।
सड़कों पर बनवाएं संकेतक और सफेद पट्टी : डीएम
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने अधीनस्थ अफसरों के साथ बैठक करके सर्दी के मौसम में रैन बसेरों सहित सड़कों और स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि शीतलहर एवं घने कोहरे में अधिकांश क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाएं, आग लगने की घटनाएं आदि समस्याएं हो सकती है। ऐसे में व्यापक रूप में होने वाली जनधन की हानि को न्यूनतम करने के लिए विभागीय स्तर पर समन्वय स्थापित कर कार्य करें।
व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश
1- गड्ढे भरें, डिवाइडरों की मरम्मत कराएं, जेब्रा क्रासिंग की नई पेंटिंग हो
2-अति संवेदनशील दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों, तीखे मोड़, डार्क स्पॉट्स को सूचीबद्ध कर संकेतक लगाएं, रोड रिफलेक्टर और स्टिकर लगाएं
3-नगर निगम एवं विद्युत विभाग प्रमुख मार्गों, सड़कों एवं मोहल्लों के क्षतिग्रस्त एवं खराब विद्युत पोल एवं लाइट को तत्काल ठीक कराएं
4-चिह्नित सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाएं
5-नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत एवं परियोजना अधिकारी डूडा विभाग द्वारा संचालित रैन बसेरों की व्यवस्थाएं दुरुस्त कराएं। पशुओं के लिए पशु अस्पतालों को सक्रिय करें।