बरौला के झगड़े में दूसरे दिन फूटा पब्लिक का गुस्सा, पड़ी कई थानों की फोर्स बुलानी
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महानगर के बरौला जाफराबाद में बुधवार शाम दो समुदायों में हुई भिड़ंत के मामले ने गुरुवार देर शाम फिर तूल पकड़ लिया। जिला अस्पताल में भर्ती इस झगड़े में एक घायल को लेकर भारी भीड़ देर शाम थाने पहुंच गई और आरोप लगाया कि घायल को अस्पताल में धमकियां दी जा रही हैं। साथ ही पुलिस पर यह आरोप लगाया कि बुधवार को गिरफ्तार किए गए झगड़े के मुकदमे के आरोपी गुरुवार को भी जेल नहीं भेजे गए, बल्कि उन्हें छोड़ने की तैयारी चल रही है। भारी भीड़ ने थाने का घेराव कर वहां हंगामा खड़ा कर दिया और पुलिस विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। इस खबर पर अधिकारियों के साथ-साथ कई थानों की फोर्स वहां आ गई और लोगों को समझाकर व ठोस कार्रवाई का आश्वासन देकर मामला शांत किया, तब जाकर हंगामा शांत हुआ और भीड़ वहां से गई।
वाकये के अनुसार बुधवार के झगड़े में जख्मी हुआ योगेंद्र सिंह पुत्र तेजपाल सिंह जिला अस्पताल में भर्ती है। उसकी ओर से दी गई तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मुकदमे के नामजद आरोपी अमजद, आफाक व दिलदार बुधवार रात से ही पुलिस हिरासत में हैं। योगेंद्र के परिजनों का आरोप है कि गुरुवार शाम अमजद के परिजन योगेंद्र के पास जिला अस्पताल पहुंचे और उसे यह कहकर धमकाने लगे कि अगर उसने मुकदमा वापस नहीं लिया तो परिणाम गंभीर होंगे। परिवार का आरोप था कि बुधवार को इतना सब कुछ हुआ, इसके बाद भी न तो मोहल्ले में और न योगेंद्र के पास अस्पताल में सुरक्षा तैनात की गई है। आरोपियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वह खुलेआम धमकियां दे रहे हैं। साथ में पुलिस हिरासत में मौजूद आरोपियों को जेल भेजने के बजाय उन्हें छोड़ने की तैयारी है।
इन्हीं तमाम आरोपों को लेकर घायल को एंबुलेंस में लेकर परिजन और गांव से ट्रैक्टर ट्रालियों में काफी संख्या में लोग थाना बन्नादेवी पहुंच गए। यहां उन्होंने हंगामा खड़ा करते हुए पुलिस विरोधी नारेबाजी शुरू कर दी। चूंकि थाने पहुंचने वालों की संख्या अधिक थी, इसलिए इस सूचना पर पुलिस के हाथ पांव फूल गए और एसपी सिटी अभिषेक, सीओ द्वितीय संजीव दीक्षित, सीओ प्रथम विशाल पांडेय, सीओ तृतीय अनिल समोनिया, सीओ खैर पंकज श्रीवास्तव, आईपीएस निपुण अग्रवाल के अलावा क्वार्सी, देहली गेट, गांधीपार्क, गभाना, लोधा, चंडौस आदि थानों का फोर्स भी बन्नादेवी पहुंच गया। अधिकारियों के स्तर से यहां भीड़ को समझाया गया कि किसी को छोड़ा नहीं जा रहा है।
पब्लिक ने तर्क दिया कि आज जेल क्यों नहीं भेजे गए। इस पर भरोसा दिलाया कि सुबह हर हाल में जेल भेजा जाएगा। इसके बाद उन्होंने धमकी की बात रखी तो उस पर दूसरा मुकदमा दर्ज कराने और योगेंद्र के पास व मोहल्ले में पुलिस तैनात करने का भरोसा दिया। तब पब्लिक शांत हुई। इसके बाद दोनों जगह फोर्स तैनात किया गया और योगेंद्र को अस्पताल भेजा गया। एसपी सिटी अभिषेक के अनुसार लोगों को गलत सूचना आरोपियों को छोड़ने की दे दी गई थी। इसलिए उनमें गुस्सा आ गया। बाकी उनके जो आरोप हैं, उन पर कार्रवाई की जा रही है। समझाकर शांत कर दिया गया है। आरोपियों को शुक्रवार को जेल भेजा जाएगा। बाकी गिरफ्तारियां भी कराई जा रही हैं।