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बंग्लादेशी का जन्म प्रमाण पत्र निरस्त: बनाने वालों पर मेहरबान अलीगढ़ नगर निगम, नहीं गिरी किसी पर गाज
Thu, 06 Mar 2025 10:55 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 06 Mar 2025 10:55 AM IST
सार
बांग्लादेशी दंपत्ती सिराज और हलीमा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह फर्जी दस्तावेजों से भारतीय नागरिक बनकर रह रहे थे। सिराज ने नगर निगम से जन्म प्रमाण पत्र भी बनवाया था। एटीएस ने इस प्रमाण पत्र के लिए दिए गए अभिलेखों को मांगा तो निगम में हड़कंप मच गया।
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अलीगढ़ नगर निगम
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
बंग्लादेशी नागरिक का जन्म प्रमाण पत्र तो नगर निगम ने निरस्त कर दिया, मगर इसे बनाने वाले अफसर व कर्मियों पर मेहरबान है। जबकि इसे बनाने वाले तत्कालीन नगर स्वास्थ्य अधिकारी व बाबू और जनवाणी केंद्र का नाम सामने आ चुका है। बावजूद उसके इन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब निगम सुपरवाइजर और सफाई निरीक्षक के नाम सामने आने के इंतजार में है। इसके लिए निगम ने निदेशालय में पत्र जनवरी माह में ही भेज दिया था। उसका जवाब दो माह बाद भी नहीं आया है।
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बांग्लादेशी दंपत्ती सिराज और हलीमा को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। वह फर्जी दस्तावेजों से भारतीय नागरिक बनकर रह रहे थे। सिराज ने नगर निगम से जन्म प्रमाण पत्र भी बनवाया था। 16 अगस्त 2016 में सिराज पुत्र पप्पू निवासी नगला आशिक, भुजपुरा के नाम से नगर निगम द्वारा जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण संख्या 11962016020481 में अंकित जन्म तिथि 1 जनवरी 1991 को जारी किया गया था। एटीएस ने इस प्रमाण पत्र के लिए दिए गए अभिलेखों को मांगा तो निगम में हड़कंप मच गया।
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इस मामले में निगम ने वरिष्ठ लिपिक दिनेश कुमार, सत्य प्रकाश, चिरंजीलाल और नितिन गौड़ को नोटिस जारी कर अभिलेख मांगा था। जांच में सामने आया कि सेंटर प्वाइंट स्थित एक जनवाणी केंद्र से आवेदन हुआ था। टीएस बेचन प्रसाद ने बताया कि 2014 से लेकर 2019 का साफ्टवेयर अब बंद हो चुका है। ऐसे में सुपरवाइज और सफाई निरीक्षक की जानकारी के लिए निदेशालय को पत्र भेजा गया है। बाबू और तत्कालीन नगर स्वास्थ्य अधिकारी का नाम सामने आ चुका है। वहां से जांच रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी।
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