{"_id":"57deecf14f1c1b6515a82170","slug":"bajrangi-gang-rejected-the-offer-on-sight-mukhtar-muneer","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्तार-बजरंगी गैंग की नजर मुनीर पर ठुकराया ऑफर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्तार-बजरंगी गैंग की नजर मुनीर पर ठुकराया ऑफर
अभिषेक शर्मा
Updated Mon, 19 Sep 2016 01:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अभिषेक शर्मा
एनआईए अफसर दंपति की हत्या के बाद जरायम दुनिया में कुख्यात शूटर मुनीर पर यूपी के कद्दावर गैंगों की नजर है। ताजा खुलासे पर भरोसा करें तो हाल ही में लखनऊ जेल में खुद पूर्वांचल के माफिया मुन्ना बजरंगी ने मुनीर से मुलाकात की और मुख्तार अंसारी की ओर से संदेश के साथ कुछ सामान भी ऑफर किया। हालांकि मुनीर ने यह सामान स्वीकार नहीं किया और संदेश को भी गंभीरता से नहीं लिया। जब मुनीर लखनऊ से अलीगढ़ आया तो एसटीएफ को यह भनक लगी। फिलहाल एसटीएफ को मुनीर ने इस घटनाक्रम के बाबत जानकारी दी है, जिसे लेकर मुनीर से मिलने वालों पर कड़ी नजर एसटीएफ स्तर से रखी जा रही है।
दो साल की फरारी में जिस अपराधी ने यूपी में 29 ऐसे अपराध अपने सिर दर्ज कराए हों, जिनसे संबंधित जिले की पुलिस तनाव में रही हो। उस अपराधी के प्रति जरायम दुनिया का आकर्षित होना लाजमी है। इन दिनों मुनीर के प्रति जरायम दुनिया की नजर कुछ ऐसी ही है। ऊपर से उसके खुलासे से दिल्ली पुलिस भी हैरान रह गई। एसटीएफ इस बात का अंदेशा उसकी गिरफ्तारी के पहले और इसके बाद भी जता रही थी कि हो न हो, या तो मुनीर किसी बड़े गैंग के संपर्क में आ गया है, अगर नहीं तो कोई न कोई बड़ा गैंग उस पर जेल में जरूर हाथ रख देगा। इस दृष्टिकोंण से उसकी जेल में मुलाकातों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मगर अंदर वह किन-किन बंदियों से मिलता है, यह जानकारी होना कुछ जटिल होता है। लखनऊ के नमन वर्मा हत्याकांड में जब मुनीर बी वारंट पर लखनऊ जेल पहुंचा तो वहां जेल में ही उससे मुन्ना बजरंगी ने मुलाकात की। उसने दैनिक प्रयोग के कुछ जरूरी सामान मुनीर को ऑफर करते हुए बस इतना संदेश दिया कि यह सामान मुख्तार भाई ने भेजा है। एसटीएफ सूत्रों की मानें तो मुनीर ने न तो सामान ही लिया और न मुन्ना बजरंगी के इस ऑफर को गंभीरता से लिया कि यह सामान मुख्तार भाई ने भेजा है। बल्कि उसने जवाब दे दिया कि उसके पास सभी जरूरी सामान है, उसे किसी सामान की जरूरत नहीं है। जब मुनीर वहां से अलीगढ़ चला आया तो यह भनक एसटीएफ को हुई। यहां पिछले दो दिन की रिमांड के दौरान एसटीएफ ने उससे इस पहलू पर जानकारी मांगी तो उसने बताया कि ऐसा हुआ था। मगर उसका उन लोगों से कोई वास्ता नहीं है और न आगे रहने की उम्मीद है।
विज्ञापन
एनआईए अफसर दंपति की हत्या के बाद जरायम दुनिया में कुख्यात शूटर मुनीर पर यूपी के कद्दावर गैंगों की नजर है। ताजा खुलासे पर भरोसा करें तो हाल ही में लखनऊ जेल में खुद पूर्वांचल के माफिया मुन्ना बजरंगी ने मुनीर से मुलाकात की और मुख्तार अंसारी की ओर से संदेश के साथ कुछ सामान भी ऑफर किया। हालांकि मुनीर ने यह सामान स्वीकार नहीं किया और संदेश को भी गंभीरता से नहीं लिया। जब मुनीर लखनऊ से अलीगढ़ आया तो एसटीएफ को यह भनक लगी। फिलहाल एसटीएफ को मुनीर ने इस घटनाक्रम के बाबत जानकारी दी है, जिसे लेकर मुनीर से मिलने वालों पर कड़ी नजर एसटीएफ स्तर से रखी जा रही है।
दो साल की फरारी में जिस अपराधी ने यूपी में 29 ऐसे अपराध अपने सिर दर्ज कराए हों, जिनसे संबंधित जिले की पुलिस तनाव में रही हो। उस अपराधी के प्रति जरायम दुनिया का आकर्षित होना लाजमी है। इन दिनों मुनीर के प्रति जरायम दुनिया की नजर कुछ ऐसी ही है। ऊपर से उसके खुलासे से दिल्ली पुलिस भी हैरान रह गई। एसटीएफ इस बात का अंदेशा उसकी गिरफ्तारी के पहले और इसके बाद भी जता रही थी कि हो न हो, या तो मुनीर किसी बड़े गैंग के संपर्क में आ गया है, अगर नहीं तो कोई न कोई बड़ा गैंग उस पर जेल में जरूर हाथ रख देगा। इस दृष्टिकोंण से उसकी जेल में मुलाकातों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मगर अंदर वह किन-किन बंदियों से मिलता है, यह जानकारी होना कुछ जटिल होता है। लखनऊ के नमन वर्मा हत्याकांड में जब मुनीर बी वारंट पर लखनऊ जेल पहुंचा तो वहां जेल में ही उससे मुन्ना बजरंगी ने मुलाकात की। उसने दैनिक प्रयोग के कुछ जरूरी सामान मुनीर को ऑफर करते हुए बस इतना संदेश दिया कि यह सामान मुख्तार भाई ने भेजा है। एसटीएफ सूत्रों की मानें तो मुनीर ने न तो सामान ही लिया और न मुन्ना बजरंगी के इस ऑफर को गंभीरता से लिया कि यह सामान मुख्तार भाई ने भेजा है। बल्कि उसने जवाब दे दिया कि उसके पास सभी जरूरी सामान है, उसे किसी सामान की जरूरत नहीं है। जब मुनीर वहां से अलीगढ़ चला आया तो यह भनक एसटीएफ को हुई। यहां पिछले दो दिन की रिमांड के दौरान एसटीएफ ने उससे इस पहलू पर जानकारी मांगी तो उसने बताया कि ऐसा हुआ था। मगर उसका उन लोगों से कोई वास्ता नहीं है और न आगे रहने की उम्मीद है।
विज्ञापन