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अलीगढ़: बदायूं कांड के आरोपी के शक में एक साधु गिरफ्तार, बाद में बोली पुलिस- यह कोई और है
Thu, 07 Jan 2021 01:18 PM IST
प्राची प्रियम
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: प्राची प्रियम
Updated Thu, 07 Jan 2021 01:18 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
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बदायूं में अधेड़ महिला के साथ हुई सामूहिक दुष्कर्म की दर्दनाक घटना के आरोपी साधु के नाम पर अलीगढ़ में गुरुवार को खलबली मच गई। आज सुबह पहले तो अलीगढ़ के इगलास से एक बुजुर्ग साधु को गिरफ्तार कर लिया गया। खबर उड़ी कि वह बदायूं कांड का आरोपी है, लेकिन बाद में पुलिस को उसे छोड़ना पड़ा।
दरअसल, अमर उजाला में छपी फोटो के आधार पर एक युवक ने उस बुजुर्ज की पहचान आरोपी के रूप में की और सारा बखेड़ा यहीं से शुरू हुआ। युवक ने बताया कि मेरी सब्जी की दुकान है। सुबह के वक्त दुकान के बाहर मैं अखबार पढ़ रहा था। इस दौरान वहां एक बूढ़ा साधु लोगों से भीख मांग रहा था। साधु का चेहरा अखबार में छपी फोटो से मिल रहा था।
युवक ने साधु को रोककर जब नाम पूछा तो उसने अपना नाम सत्यनारायण बताया। इसके बाद वह घबराने लगा। ऐसे में युवक को लगा कि उसका अंदाजा गलत नहीं है। उसने आसपास मौजूद लोगों की मदद से साधु को पकड़े रखा और फौरन पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और थाने में ले जाकर पूछताछ की।
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पूछताछ में पहले तो पुलिस को संदेह हुआ, लेकिन बाद में एसएसपी मुनिराज जी ने इस बात की पुष्टि की कि जिसे पकड़ा गया वह तेलंगाना का साधु है। बदायूं कांड से उसका कोई संबंध नहीं है। वीडियो कॉल के जरिए उसके परिवारवालों से बात करके भी पुलिस ने उसकी पहचान की पुष्टि की।
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दरअसल, अमर उजाला में छपी फोटो के आधार पर एक युवक ने उस बुजुर्ज की पहचान आरोपी के रूप में की और सारा बखेड़ा यहीं से शुरू हुआ। युवक ने बताया कि मेरी सब्जी की दुकान है। सुबह के वक्त दुकान के बाहर मैं अखबार पढ़ रहा था। इस दौरान वहां एक बूढ़ा साधु लोगों से भीख मांग रहा था। साधु का चेहरा अखबार में छपी फोटो से मिल रहा था।
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युवक ने साधु को रोककर जब नाम पूछा तो उसने अपना नाम सत्यनारायण बताया। इसके बाद वह घबराने लगा। ऐसे में युवक को लगा कि उसका अंदाजा गलत नहीं है। उसने आसपास मौजूद लोगों की मदद से साधु को पकड़े रखा और फौरन पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और थाने में ले जाकर पूछताछ की।
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पूछताछ में पहले तो पुलिस को संदेह हुआ, लेकिन बाद में एसएसपी मुनिराज जी ने इस बात की पुष्टि की कि जिसे पकड़ा गया वह तेलंगाना का साधु है। बदायूं कांड से उसका कोई संबंध नहीं है। वीडियो कॉल के जरिए उसके परिवारवालों से बात करके भी पुलिस ने उसकी पहचान की पुष्टि की।