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खत्म होगा ‘अतरौलिया बोर्ड’, फर्जी विद्यालयों पर भी लगेगी नकेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
Updated Sat, 10 Feb 2018 02:05 AM IST
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सीसी टीवी कैमरो की रिकार्डिंग के बारे में प्राचार्य से पूछताछ करते डॉ. दिनेश शर्मा।
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने शुक्रवार को पत्रकारों से कहा कि नकल के लिए कुख्यात अतरौली यानी ‘अतरौलिया बोर्ड’ ध्वस्त हो रहा है। सूचनाएं मिली हैं कि यहां कुछ विद्यालय साल भर पढ़ाई नहीं कराते, उनके भवनों में पशुओं के तबेले या विभिन्न आयोजनों के लिए धर्मशालाएं चलती हैं। इन विद्यालयों की सूची जिला प्रशासन से मांगी गई है, इनकी मान्यता रद्द की जाएगी।
यूपी बोर्ड परीक्षाएं नकल विहीन कराने के लिए डिप्टी सीएम जिलों के आकस्मिक दौरों पर निकले हैं, इस सिलसिले में डॉ. शर्मा अलीगढ़ आए थे। उन्होंने अतरौली में तीन और हरदुआगंज में एक परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वे जहां-जहां गए, वहीं सब ठीक-ठाक मिला है। उन्होंने बताया कि अब शिक्षा के स्तर पर सुधार के प्रयास शुरू हो रहे हैँ। अगले सत्र में 15 दिन में परीक्षाएं कराई जाएंगी। ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं कि अलीगढ़ की पहचान ताले के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी हो। उन्होंने कहा कि महिला परीक्षार्थियों के बुर्के में परीक्षा देने में कोई रोक नहीं है।
उल्लेखनीय है कि नकल के लिए बदनाम अतरौली विधानसभा क्षेत्र से शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह विधायक चुने गए हैं। यहां स्थानीय के अलावा विभिन्न राज्यों के वे छात्र परीक्षा देने आते हैं जो कि नकल के भरोसे पास होना चाहते हैं। इसी कारण अतरौली ‘अतरौलिया बोर्ड’ के नाम से चर्चित है। डिप्टी सीएम ने कहा कि वह यहां नकल पकड़ने नहीं आए, बल्कि व्यवस्था परिवर्तित करने के लिए आए हैं। जल्द ही अलीगढ़ ताले की तरह शिक्षा के लिए भी प्रसिद्ध होगा। इस साल जो कमियां रह गई हैं, वह अगले साल तक पूरी कर ली जाएंगी। कुछ जगहों पर नकल के इनपुट हैं, उनके वीडियो फुटेज निकलवाए जा रहे हैं। नकल साबित होने पर कार्रवाई होगी।
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उन्होंने कहा कि मेधावी छात्र आगे बढ़ें, इसके लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। पहले मेधावी छात्रों की कॉपी बदलकर कमजोर छात्रों की लगा दी जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। शिक्षा का स्तर सुधरेगा। मेधावी छात्रों को भी एक साल से पता था कि इस बार नकल नहीं होगी। छात्रों ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत हालात में जिला प्रशासन की टीम व शिक्षकों ने नकल रोकने की इस मुहिम में काफी सहयोग किया है।
परिवर्तन की दिशा में यह एक कदम है। इस बार एक माह में परीक्षा खत्म हो रही हैं। पूरा शेड्यूल सितंबर में ही जारी कर दिया गया था। आगे यह सिस्टम किया जाएगा कि परीक्षा 15 दिन में ही समाप्त हो जाए। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन का ही नतीजा है कि गांव देहात में सीसीटीवी कैमरे स्कूलों में चल रहे हैं। जनरेटर की व्यवस्था है। देहात में शिक्षा का स्तर सुधारना ही हमारा मकसद है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए लगातार सतत् चेकिंग अभियान चलेगा। परीक्षा केंद्रों को निगरानी और बढ़ेगी। लखनऊ के आसिफ़ अली कॉलेज में छात्रा से बुर्का उतरवाने के सवाल पर कहा कि किसी भी छात्रा के साथ ऐसा नहीं किया जाएगा। बुर्के में छात्रा परीक्षा दे सकती हैं।
डिप्टी सीएम डाॅ. शर्मा का आकस्मिक अलीगढ़ दौरा सार्वजनिक, फंसे एडीआई
यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल के लिए बदनाम अतरौलिया बोर्ड में नकल पर नकेल के लिए शुक्रवार को सूबे के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा यहां पहुंचे। उन्होंने हरदुआगंज और अतरौली के चार परीक्षा केंद्रों में शाम की पारी की परीक्षा का जायजा लिया। परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाएं देख डिप्टी सीएम ने संतोष जाहिर किया। हां, खुद के आकस्मिक दौरे की सूचना सार्वजनिक होने पर एडीआई (सहायक सूचना निदेशक) के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए। डीएम ने कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को भेज दी है।
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यूपी बोर्ड परीक्षाएं नकल विहीन कराने के लिए डिप्टी सीएम जिलों के आकस्मिक दौरों पर निकले हैं, इस सिलसिले में डॉ. शर्मा अलीगढ़ आए थे। उन्होंने अतरौली में तीन और हरदुआगंज में एक परीक्षा केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि वे जहां-जहां गए, वहीं सब ठीक-ठाक मिला है। उन्होंने बताया कि अब शिक्षा के स्तर पर सुधार के प्रयास शुरू हो रहे हैँ। अगले सत्र में 15 दिन में परीक्षाएं कराई जाएंगी। ऐसे प्रयास किए जा रहे हैं कि अलीगढ़ की पहचान ताले के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी हो। उन्होंने कहा कि महिला परीक्षार्थियों के बुर्के में परीक्षा देने में कोई रोक नहीं है।
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उल्लेखनीय है कि नकल के लिए बदनाम अतरौली विधानसभा क्षेत्र से शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह विधायक चुने गए हैं। यहां स्थानीय के अलावा विभिन्न राज्यों के वे छात्र परीक्षा देने आते हैं जो कि नकल के भरोसे पास होना चाहते हैं। इसी कारण अतरौली ‘अतरौलिया बोर्ड’ के नाम से चर्चित है। डिप्टी सीएम ने कहा कि वह यहां नकल पकड़ने नहीं आए, बल्कि व्यवस्था परिवर्तित करने के लिए आए हैं। जल्द ही अलीगढ़ ताले की तरह शिक्षा के लिए भी प्रसिद्ध होगा। इस साल जो कमियां रह गई हैं, वह अगले साल तक पूरी कर ली जाएंगी। कुछ जगहों पर नकल के इनपुट हैं, उनके वीडियो फुटेज निकलवाए जा रहे हैं। नकल साबित होने पर कार्रवाई होगी।
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उन्होंने कहा कि मेधावी छात्र आगे बढ़ें, इसके लिए यह कदम उठाए जा रहे हैं। पहले मेधावी छात्रों की कॉपी बदलकर कमजोर छात्रों की लगा दी जाती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। शिक्षा का स्तर सुधरेगा। मेधावी छात्रों को भी एक साल से पता था कि इस बार नकल नहीं होगी। छात्रों ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विपरीत हालात में जिला प्रशासन की टीम व शिक्षकों ने नकल रोकने की इस मुहिम में काफी सहयोग किया है।
परिवर्तन की दिशा में यह एक कदम है। इस बार एक माह में परीक्षा खत्म हो रही हैं। पूरा शेड्यूल सितंबर में ही जारी कर दिया गया था। आगे यह सिस्टम किया जाएगा कि परीक्षा 15 दिन में ही समाप्त हो जाए। उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन का ही नतीजा है कि गांव देहात में सीसीटीवी कैमरे स्कूलों में चल रहे हैं। जनरेटर की व्यवस्था है। देहात में शिक्षा का स्तर सुधारना ही हमारा मकसद है। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए लगातार सतत् चेकिंग अभियान चलेगा। परीक्षा केंद्रों को निगरानी और बढ़ेगी। लखनऊ के आसिफ़ अली कॉलेज में छात्रा से बुर्का उतरवाने के सवाल पर कहा कि किसी भी छात्रा के साथ ऐसा नहीं किया जाएगा। बुर्के में छात्रा परीक्षा दे सकती हैं।
डिप्टी सीएम डाॅ. शर्मा का आकस्मिक अलीगढ़ दौरा सार्वजनिक, फंसे एडीआई
यूपी बोर्ड परीक्षा में नकल के लिए बदनाम अतरौलिया बोर्ड में नकल पर नकेल के लिए शुक्रवार को सूबे के डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा यहां पहुंचे। उन्होंने हरदुआगंज और अतरौली के चार परीक्षा केंद्रों में शाम की पारी की परीक्षा का जायजा लिया। परीक्षा केंद्रों की व्यवस्थाएं देख डिप्टी सीएम ने संतोष जाहिर किया। हां, खुद के आकस्मिक दौरे की सूचना सार्वजनिक होने पर एडीआई (सहायक सूचना निदेशक) के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए। डीएम ने कार्रवाई की संस्तुति कर शासन को भेज दी है।