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जिला अस्पताल में इलाज के नाम पर पैसे मांगे
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Sun, 31 Jan 2016 01:38 AM IST
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मलखान सिंह जिला अस्पताल में मरीज ने परिजनों अस्पताल में इलाज के नाम पैसे मांगने का आरोप लगाया है। मरीज के परिजनों ने इस बात की शिकायत मुख्य चिकित्सा अधीक्षक से की है। मरीज अस्पताल में ही भर्ती है और उसका वहीं पर इलाज चल रहा है।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दिए पत्र में जलालपुर निवासी सुरेश चंद्र ने कहा है कि गत दिनों उसकी पत्नी कुसुम के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। उसके हाथ का ऑपरेशन बताया गया। इस बात के लिए अस्पताल में उससे 10 हजार रुपये मांगे गए। उसने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला दिया। जिसके बाद आठ हजार रुपये देने पर इलाज करने पर सहमति बनी। सुरेश ने आठ हजार रुपये दे दिए।
इसके बाद सुरेश के परिवार से कोई व्यक्ति मिलने आया तो उसने यह बात व्यक्ति को बताई। सुरेश के साथ कुछ अन्य तीमारदार जब पैसे मांगने वाले के पास पहुंचे तो मामला खुलने लगा। पोल खुलती देख 8 हजार रुपये सुरेश को वापस किए और कहा गया कि यह बात किसी को बताना मत। बाद में सुरेश ने सीएमएस को पूरा मामला लिखित में बताया।
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इस संबंध में सीएमएस डॉ. यतेंद्र कुमार भारद्वाज ने कहा कि पैसे मांगने का यह जो भी प्रकरण है इसमें पूरी गंभीरता और गहनता से जांच कराई जा रही है। मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को दिए पत्र में जलालपुर निवासी सुरेश चंद्र ने कहा है कि गत दिनों उसकी पत्नी कुसुम के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। उसके हाथ का ऑपरेशन बताया गया। इस बात के लिए अस्पताल में उससे 10 हजार रुपये मांगे गए। उसने अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति का हवाला दिया। जिसके बाद आठ हजार रुपये देने पर इलाज करने पर सहमति बनी। सुरेश ने आठ हजार रुपये दे दिए।
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इसके बाद सुरेश के परिवार से कोई व्यक्ति मिलने आया तो उसने यह बात व्यक्ति को बताई। सुरेश के साथ कुछ अन्य तीमारदार जब पैसे मांगने वाले के पास पहुंचे तो मामला खुलने लगा। पोल खुलती देख 8 हजार रुपये सुरेश को वापस किए और कहा गया कि यह बात किसी को बताना मत। बाद में सुरेश ने सीएमएस को पूरा मामला लिखित में बताया।
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इस संबंध में सीएमएस डॉ. यतेंद्र कुमार भारद्वाज ने कहा कि पैसे मांगने का यह जो भी प्रकरण है इसमें पूरी गंभीरता और गहनता से जांच कराई जा रही है। मामले में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।