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Aligarh News: आर्थिक स्थिति सुधरी तो बढ़ गई परिवार के फैसलों में भागीदारी
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समूह के सदस्यों के साथ प्रो. कृष्णा बाजपेयी : स्रोत- स्वयं
टीकाराम कन्या महाविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग की प्रोफेसर कृष्णा बाजपेयी के निर्देशन में किए गए एक अध्ययन में महिलाओं की बदलती तस्वीर को उजागर किया है। अध्ययन के अनुसार महिलाओं की आर्थिक स्थिति में सुधार होने से उनकी परिवार के फैसलों में भागीदारी बढ़ी तो साथ ही उनमें नेतृत्व क्षमता भी विकसित हुई।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रोजेक्ट के तहत किए गए इस शोध का मुख्य विषय महिला सशक्तीकरण में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका था।
इस व्यापक शोध कार्य को पूरा करने के लिए प्रोफेसर कृष्णा बाजपेयी के नेतृत्व में 45 छात्राओं के एक विशेष समूह का गठन किया गया। इन छात्राओं ने अलीगढ़ क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में जाकर 250 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद किया। डाटा संग्रह के लिए 50 बिंदुओं की एक विस्तृत प्रश्नावली तैयार की गई थी, जिसके माध्यम से महिलाओं के जीवन में आए बदलावों को परखा गया।
निर्णय लेने की क्षमता में हुआ सुधार
डाटा के विश्लेषण के बाद शोध में यह निष्कर्ष निकलकर सामने आया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं की वित्तीय स्थिति पहले के मुकाबले काफी सुधरी है। परिवार के सामूहिक निर्णयों में भी उनकी भागीदारी और प्रभाव बढ़ा। नेतृत्व की क्षमता विकसित हुई।
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यूजीसी के इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य अलीगढ़ की महिलाओं की वास्तविक स्थिति को जानना था। डाटा बताता है कि समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक स्तर ऊंचा उठा है।
- प्रो. कृष्णा बाजपेयी, अर्थशास्त्र विभाग, टीकाराम डिग्री कॉलेज
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के प्रोजेक्ट के तहत किए गए इस शोध का मुख्य विषय महिला सशक्तीकरण में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका था।
इस व्यापक शोध कार्य को पूरा करने के लिए प्रोफेसर कृष्णा बाजपेयी के नेतृत्व में 45 छात्राओं के एक विशेष समूह का गठन किया गया। इन छात्राओं ने अलीगढ़ क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में जाकर 250 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद किया। डाटा संग्रह के लिए 50 बिंदुओं की एक विस्तृत प्रश्नावली तैयार की गई थी, जिसके माध्यम से महिलाओं के जीवन में आए बदलावों को परखा गया।
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निर्णय लेने की क्षमता में हुआ सुधार
डाटा के विश्लेषण के बाद शोध में यह निष्कर्ष निकलकर सामने आया कि स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने के बाद महिलाओं की वित्तीय स्थिति पहले के मुकाबले काफी सुधरी है। परिवार के सामूहिक निर्णयों में भी उनकी भागीदारी और प्रभाव बढ़ा। नेतृत्व की क्षमता विकसित हुई।
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यूजीसी के इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य अलीगढ़ की महिलाओं की वास्तविक स्थिति को जानना था। डाटा बताता है कि समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं का सामाजिक और आर्थिक स्तर ऊंचा उठा है।
- प्रो. कृष्णा बाजपेयी, अर्थशास्त्र विभाग, टीकाराम डिग्री कॉलेज