{"_id":"5de179818ebc3e54b2004870","slug":"aparajita-amar-ujala-aligarh-harduaganj-news-ali2201204129","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपराजिताः यातायात का ज्ञान देता है जीवनदान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपराजिताः यातायात का ज्ञान देता है जीवनदान
विज्ञापन
अपराजिता कार्यक्रम में छात्राओं को यातायात नियमों की जानकारी देते शिक्षक।
- फोटो : HARDUAGANJ
अपराजिता 100 मिलियन स्माइल अभियान के तहत कस्बे के नेहरू जूनियर हाईस्कूल में यातायात जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शिक्षक उदयवीर सिंह ने बच्चों को यातायात नियमों के बारे चर्चा करते हुए बताया कि पैदल चलने से लेकर वाहन चलाने के भी नियम होते हैं। इन नियमों कर अज्ञानता तथा अनदेखी जानलेवा सबित हो सकती है। पैदल चलने के बारे में कहा कि हमें हमेशा अपने बांयी तरफ चलना चाहिये, जैबरा क्रासिंग पर पहुंचकर सड़क पार करनी चाहिए।
सड़क पार करने से पूर्व हमेशा दांयी व बांयी ओर देख लेना चाहिये। वहीं दुपहिया वाहन पर हेलमेट तथा चौपहिया वाहन पर सीट बेल्ट बांधकर खुद को सुरक्षित रखने के प्रयास करने चाहिये। इस दौरान सभी बच्चों को उनके घर में वाहन चलाने वाले पिता तथा भाई को भी यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई।
प्रधानाचार्य सत्यपाल सिंह ने छात्र छात्राओं को अपराजिता शपथ के बारे में जानकारी देते हुए महिलाओं व लड़कियों का सम्मान करने की नसीहत दी तथा महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर चुप न बैठने की हिदायत भी दी। मौके पर शिक्षक प्रदीप कुमार सिंह, ऋिषिराज राघव, विजय राघव, तिलक सिंह तथा अदितिराज यादव आदि शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
सड़क पार करने से पूर्व हमेशा दांयी व बांयी ओर देख लेना चाहिये। वहीं दुपहिया वाहन पर हेलमेट तथा चौपहिया वाहन पर सीट बेल्ट बांधकर खुद को सुरक्षित रखने के प्रयास करने चाहिये। इस दौरान सभी बच्चों को उनके घर में वाहन चलाने वाले पिता तथा भाई को भी यातायात के नियमों के प्रति जागरूक करने की शपथ दिलाई गई।
विज्ञापन
प्रधानाचार्य सत्यपाल सिंह ने छात्र छात्राओं को अपराजिता शपथ के बारे में जानकारी देते हुए महिलाओं व लड़कियों का सम्मान करने की नसीहत दी तथा महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों पर चुप न बैठने की हिदायत भी दी। मौके पर शिक्षक प्रदीप कुमार सिंह, ऋिषिराज राघव, विजय राघव, तिलक सिंह तथा अदितिराज यादव आदि शिक्षक मौजूद रहे।
विज्ञापन