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दिनभर नाराजी, शाम होते-होते बाबूजी हो गए राजी
Sun, 24 Mar 2019 01:47 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Sun, 24 Mar 2019 01:47 AM IST
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सतीश को प्रत्याशी बनाने पर कल्याण सिंह की गाड़ी के आगे लेटकर प्रदर्शन करते कार्यकर्ता
- फोटो : Amar Ujala
वर्तमान सांसद एवं भाजपा से लोकसभा प्रत्याशी सतीश गौतम का विरोध शनिवार को भी होता रहा। युवाओं ने सुबह से ही मैरिस रोड स्थित कल्याण सिंह के आवास के बाहर प्रदर्शन शुरू कर दिया। नारे लगाने वाले युवाओं ने मैरिस रोड पर सतीश गौतम का पुतला दहन करने के बाद उसको डंडो से पीटा।
सतीश गौतम मुर्दाबाद-मुर्दाबाद.., बाबूजी के सम्मान में कार्यकर्ता मैदान में.., मोदी तुझसे बैर नहीं, सतीश तेरी खैर नहीं.. के नारे गूंजते रहे। पुलिस इस बीच तमाशबीन बनी रही। किसी ने उनको रोका या टोका नहीं। समर्थकों ने उनकी कार को घेर लिया और 20 मिनट तक चलने नहीं दिया।
पुतला दहन करने के बाद समर्थक मैरिस रोड से नारेबाजी करते हुए वापस कल्याण सिंह की कोठी पर पहुंचे और उनकी कार को घेर कर खड़े गए। कुछ युवा हाथों में सतीश गौतम मुर्दाबाद के पोस्टर लिए थे, जिसको वो मीडिया को दिखा रहे थे।
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यहां कल्याण सिंह की जयपुर राज भवन की कार के आगे लेट कर नारेबाजी की। ये नारेबाजी लगभग दो घंटे तक हुई। इसके बाद जब कल्याण सिंह कोठी से बाहर निकले तो उनके उनके पौत्र एवं शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह और उनके रिश्तेदार ठा. श्यौराज सिंह भी साथ में थे। कल्याण के बाहर निकलते ही सतीश गौतम मुर्दाबाद नारे फिर से गूंज उठे।
इसके बाद कल्याण ने उनको समझा कर शांत किया। लेकिन समर्थक उनकी कार के आगे लेट गए। पुलिस ने उनको हटा कर कार आगे बढ़वाई। इस दौरान तकरीबन 20 मिनट तक कल्याण सिंह की कार समर्थकों की भीड़ से घिरी रही।
कल्याण सिंह कासगंज जाने के लिए निकले थे। ये पूरा विरोध प्रदर्शन कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर छा गया और पूरे शहर में चर्चा में आ गया। इस दौरान एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया ने सिर्फ इतना कहा... कुछ नहीं कहना है। इतना कह कर वह अपनी कार में बैठ कर कासगंज के लिए रवाना हो गए।
कल्याण से मिलने पहुंचे सतीश, राजू ने खिलाई मिठाई
सुबह हुए घटनाक्रम के बाद शाम को कासगंज से लौटे कल्याण सिंह पहले सेंटर प्वाइंट डॉक्टर के पास गए। वहां इलाज के बाद राज पैलेस पहुंचे, जहां से जिला संगठन, जनप्रतिनिधियों व सांसद सतीश गौतम को सात बजे कल्याण सिंह से मुलाकात के लिए बुलावे का संदेशा पहुंचा। इस दौरान उनके साथ चार विधायक, जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष भी पहुंचे। बाबूजी से मुलाकात के बाद घंटों तक वह राज पैलेस में ही रहे।
सतीश गौतम को बाबू जी के कक्ष में मिलने के लिए भेजा गया। जहां एटा सांसद राजवीर सिंह राजू, शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह और राजू भैया के समधी ठा. श्यौराज सिंह भी मौजूद थे। कुछ देर तक पांचों के बीच वार्ता हुई और उसके बाद कल्याण को वहीं कक्ष में छोड़ कर सभी बाहर निकल आए। बाहर आने के बाद इस पूरे प्रकरण में राजवीर सिंह राजू मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि टिकट सभी मांगते हैं। ये सबका हक हैै।
उनके समधी ठा. श्यौराज सिंह ने भी टिकट मांगा था। नहीं मिला, ये संगठन का फैसला है। अब पूरा संगठन एकजुट है और पीएम नरेंद्र मोदी को पूर्ण बहुमत से दोबारा प्रधानमंत्री बनाने के लिए सतीश गौतम का जीतना जरूरी है। उनको पूरी ताकत से चुनाव लड़ा कर जिताया जाएगा। इसमें वह खुद तन मन धन से लगेंगे। जो विरोध हुआ वो कार्यकर्ताओं की ओर से था। उनको भी समझाया गया है।
हमने सतीश को 2014 के चुनाव में एक पौधे की तरह रोपा था अब उसको वृक्ष बनाएंगे। शुक्रवार को सतीश गौतम के लिए राज पैलेस के दरवाजे नहीं खोलने पर राजू ने कहा कि बाबूजी के दांतों का इलाज चल रहा है। जिसकी वजह से वह बहुत कम बोल पाते हैं। शुक्रवार को बोल नहीं पा रहे थे इसलिए किसी से नहीं मिले। आज इसीलिए सतीश गौतम को बुला कर सब कुछ स्पष्ट किया गया है।
आखिर में राजू भैया उनके समधी श्यौराज सिंह ने खुद सतीश का मुंह मीठा कर उन्हें जिताने का भरोसा दिलाया। उस वक्त शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी साथ में थे। इस मौके पर खैर विधायक अनूप प्रधान, शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, पूर्व ब्लाक प्रमुख शशि सिंह, उनके पति सतेंद््र सिंह, भाजपा प्रवक्ता डा. निशित शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
इस दौरान बुलंदशहर सीट से लोकसभा प्रत्याशी बनने के बाद वहां के सांसद भोला सिंह भी शाम को कल्याण सिंह का आशीर्वाद लेने पहुंचे। भोला सिंह का टिकट शनिवार शाम को घोषित हुआ। उनके समर्थकों ने बाबू जी जिंदाबाद के नारे लगा कर सभी का मुंह मीठा कराया।
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सतीश गौतम मुर्दाबाद-मुर्दाबाद.., बाबूजी के सम्मान में कार्यकर्ता मैदान में.., मोदी तुझसे बैर नहीं, सतीश तेरी खैर नहीं.. के नारे गूंजते रहे। पुलिस इस बीच तमाशबीन बनी रही। किसी ने उनको रोका या टोका नहीं। समर्थकों ने उनकी कार को घेर लिया और 20 मिनट तक चलने नहीं दिया।
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पुतला दहन करने के बाद समर्थक मैरिस रोड से नारेबाजी करते हुए वापस कल्याण सिंह की कोठी पर पहुंचे और उनकी कार को घेर कर खड़े गए। कुछ युवा हाथों में सतीश गौतम मुर्दाबाद के पोस्टर लिए थे, जिसको वो मीडिया को दिखा रहे थे।
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यहां कल्याण सिंह की जयपुर राज भवन की कार के आगे लेट कर नारेबाजी की। ये नारेबाजी लगभग दो घंटे तक हुई। इसके बाद जब कल्याण सिंह कोठी से बाहर निकले तो उनके उनके पौत्र एवं शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह और उनके रिश्तेदार ठा. श्यौराज सिंह भी साथ में थे। कल्याण के बाहर निकलते ही सतीश गौतम मुर्दाबाद नारे फिर से गूंज उठे।
इसके बाद कल्याण ने उनको समझा कर शांत किया। लेकिन समर्थक उनकी कार के आगे लेट गए। पुलिस ने उनको हटा कर कार आगे बढ़वाई। इस दौरान तकरीबन 20 मिनट तक कल्याण सिंह की कार समर्थकों की भीड़ से घिरी रही।
कल्याण सिंह कासगंज जाने के लिए निकले थे। ये पूरा विरोध प्रदर्शन कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर छा गया और पूरे शहर में चर्चा में आ गया। इस दौरान एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया ने सिर्फ इतना कहा... कुछ नहीं कहना है। इतना कह कर वह अपनी कार में बैठ कर कासगंज के लिए रवाना हो गए।
कल्याण से मिलने पहुंचे सतीश, राजू ने खिलाई मिठाई
सुबह हुए घटनाक्रम के बाद शाम को कासगंज से लौटे कल्याण सिंह पहले सेंटर प्वाइंट डॉक्टर के पास गए। वहां इलाज के बाद राज पैलेस पहुंचे, जहां से जिला संगठन, जनप्रतिनिधियों व सांसद सतीश गौतम को सात बजे कल्याण सिंह से मुलाकात के लिए बुलावे का संदेशा पहुंचा। इस दौरान उनके साथ चार विधायक, जिलाध्यक्ष व महानगर अध्यक्ष भी पहुंचे। बाबूजी से मुलाकात के बाद घंटों तक वह राज पैलेस में ही रहे।
सतीश गौतम को बाबू जी के कक्ष में मिलने के लिए भेजा गया। जहां एटा सांसद राजवीर सिंह राजू, शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह और राजू भैया के समधी ठा. श्यौराज सिंह भी मौजूद थे। कुछ देर तक पांचों के बीच वार्ता हुई और उसके बाद कल्याण को वहीं कक्ष में छोड़ कर सभी बाहर निकल आए। बाहर आने के बाद इस पूरे प्रकरण में राजवीर सिंह राजू मीडिया से मुखातिब हुए। उन्होंने कहा कि टिकट सभी मांगते हैं। ये सबका हक हैै।
उनके समधी ठा. श्यौराज सिंह ने भी टिकट मांगा था। नहीं मिला, ये संगठन का फैसला है। अब पूरा संगठन एकजुट है और पीएम नरेंद्र मोदी को पूर्ण बहुमत से दोबारा प्रधानमंत्री बनाने के लिए सतीश गौतम का जीतना जरूरी है। उनको पूरी ताकत से चुनाव लड़ा कर जिताया जाएगा। इसमें वह खुद तन मन धन से लगेंगे। जो विरोध हुआ वो कार्यकर्ताओं की ओर से था। उनको भी समझाया गया है।
हमने सतीश को 2014 के चुनाव में एक पौधे की तरह रोपा था अब उसको वृक्ष बनाएंगे। शुक्रवार को सतीश गौतम के लिए राज पैलेस के दरवाजे नहीं खोलने पर राजू ने कहा कि बाबूजी के दांतों का इलाज चल रहा है। जिसकी वजह से वह बहुत कम बोल पाते हैं। शुक्रवार को बोल नहीं पा रहे थे इसलिए किसी से नहीं मिले। आज इसीलिए सतीश गौतम को बुला कर सब कुछ स्पष्ट किया गया है।
आखिर में राजू भैया उनके समधी श्यौराज सिंह ने खुद सतीश का मुंह मीठा कर उन्हें जिताने का भरोसा दिलाया। उस वक्त शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी साथ में थे। इस मौके पर खैर विधायक अनूप प्रधान, शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, जिलाध्यक्ष गोपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, पूर्व ब्लाक प्रमुख शशि सिंह, उनके पति सतेंद््र सिंह, भाजपा प्रवक्ता डा. निशित शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
इस दौरान बुलंदशहर सीट से लोकसभा प्रत्याशी बनने के बाद वहां के सांसद भोला सिंह भी शाम को कल्याण सिंह का आशीर्वाद लेने पहुंचे। भोला सिंह का टिकट शनिवार शाम को घोषित हुआ। उनके समर्थकों ने बाबू जी जिंदाबाद के नारे लगा कर सभी का मुंह मीठा कराया।