फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Anglo Oriental College, which became AMU, had 66 students in the first year

अतीत का अलीगढ़ 6: एएमयू बनने वाले एंग्लो ओरिएंटल कॉलेज में पहले साल थे 66 विद्यार्थी, ऐसे बना बड़ा इदारा

Fri, 03 Nov 2023 01:59 AM IST
चमन शर्मा कुमार अतुल, अमर उजाला, अलीगढ़
कुमार अतुल, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 03 Nov 2023 01:59 AM IST
सार

राज्य सरकार ने एक शासनादेश के जरिए प्रदेश के सभी जिलों के लिए नया जिला गजेटियर तैयार करने का आदेश दिया है। उसके लिए कमेटियों का गठन किया जा रहा है। अलीगढ़ का अंतिम गजेटियर 1909 में तैयार किया गया था। लगभग 400 पेजों की इस पुस्तक में लगभग 114 साल पुराने अलीगढ़ के भूगोल, नदियों, प्रशासनिक व्यवस्था, सिंचाई व ड्रेनेज सिस्टम, पुलिस व्यवस्था आदि के बारे में विस्तार से वर्णन है। इस संबंध में अतीत का अलीगढ़ नाम से एक समाचार श्रृंखला शुरू की जा रही है। उम्मीद है कि पुराने अलीगढ़ के बारे में जानकारी पाठकों को रुचिकर लगेगी। कृपया अपनी राय से हमें अवगत कराएं।

विज्ञापन
Anglo Oriental College, which became AMU, had 66 students in the first year
अतीत का अलीगढ़ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मौजूदा समय में एएमयू अलीगढ़ की पहचान है। मुस्लिम विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी शिक्षा पद्धति के विश्वविद्यालय का सपना सर सैयद ने 1870 में देखा था। इसकी स्थापना 1875 में मोहम्मडन एंग्लो कॉलेज के तौर पर अलीगढ़ की सैन्य छावनी के पुराने मेस में की गई थी। इसके नए भवन का शिलान्यास लार्ड लिट्टन ने 1877 में किया था। इससे बाद यह शैक्षिक संस्था निरंतर प्रगति की राह पर आगे बढ़ती गई।

विज्ञापन


मौजूदा समय में एएमयू में 37000 विद्यार्थी हैं। 1875 में मोहम्मडन एंग्लो कॉलेज के पहले बैच में 66 बच्चे थे। 1878 में 186, 1888 में 218, 1898 में 343 विद्यार्थी थे। 1908 में विद्यार्थियों की संख्या बढ़कर 770 तक पहुंच गई थी। इस कॉलेज की स्थापना का महत्व इस बात से भी समझा जा सकता है कि 1872 की जनसंख्या के मुताबिक जिले की साक्षरता दर सिर्फ दो फीसदी से कुछ ही ज्यादा ( 2.22 फीसदी)  थी।
विज्ञापन


एचजी सिडॉन थे पहले प्रचार्य
मोहम्मडन एंग्लो ओरिंएंटल कॉलेज के पहले प्राचार्य अंग्रेज एचजी सिडॉन थे। यह कॉलेज की स्थापना के छह वर्ष तक प्राचार्य रहे। इसके बाद 1883 में टीरीक को कॉलेज का प्राचार्य बनाया गया जो 1889 तक इस पद पर रहे। इसके बाद टी मॉरिसन ने कॉलेज प्राचार्य का पद संभाला। उन्होंने 1906 में इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह डब्ल्यू ए आर्च बोल्ड ने ली।
विज्ञापन
विज्ञापन


74 एकड़ भूमि थी कॉलेज के पास, 6000 रुपये की मिली थी सालाना ग्रांट
मोहम्मडन एंग्लो ओरिंएंटल कॉलेज के पास शुरुआती दौर में 78 एकड़ जमीन थी। सालाना ग्रांट 6000 रुपये सालाना थी। बाद में ग्रांट में बढ़ोतरी होती गई। इसका ज्यादातर उपयोग भवनों के निर्माण में किया गया। कॉलेज को 1882 में 10000 रुपये उपहार में मिले थे। 1900 में 20000 रुपये का उपहार छात्रावास के निर्माण के लिए मिला था। कॉलेज में दो चौकोर परिसर थे। इनमें छात्रावास, एक मस्जिद, शानदार डाइनिंग हॉल, कई व्याख्यान कक्षों का निर्माण  किया गया था।

1900 में देश के सर्वोत्तम शिक्षा संस्थान का दावा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से थी संबद्धता मोहम्मडन एंग्लो ओरिंएंटल कॉलेज सहूलियतों, पढ़ाई के उच्च स्तर और अनुशासन के चलते देश का सर्वोत्तम शिक्षा संस्थान का दावा करता था। हालांकि इस वक्त तक बीएचयू की भी स्थापना हो चुकी थी। लेकिन कई अंग्रेजी लेखकों के मत में मोहम्मडन एंग्लो ओरिंएंटल कॉलेज का दावा ज्यादा पुख्ता था। एमए स्तर तक शिक्षा देने वाला यह कॉलेज फिलहाल इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध था। लेकिन यह कहना ठीक रहेगा कि यह सामान्य कॉलेज नहीं था। इसकी अलग ही पहचान थी।

मोहम्मडन एंग्लो ओरिंएंटल कॉलेज में सख्त निगरानी रखी जाती थी विद्यार्थियों पर
मोहम्मडन एंग्लो ओरिंएंटल कॉलेज की स्थापना का मकसद मुस्लिम विद्यार्थियों के लिए दीनी पढ़ाई की जगह अंग्रेजी शिक्षा पद्धति पर आधारित तालीम देना था। विद्यार्थियों में नैतिकता का स्तर ऊंचा उठाने और शारीरिक रूप से मजबूत बनाना भी एक लक्ष्य था। तत्कालीन कॉलेज में विद्यार्थियों पर सख्त निगरानी रखी जाती थी। जिला प्रशासन की ओर से तैयार कराए गए गजेटियर में साफ वर्णित है कि इन विद्यार्थियों को एक किस्म का कॉरपोरेट माहौल दिया जाता था।

देश भर से मिलता था आर्थिक सहयोग
मोहम्मडन एंग्लो ओरिंएंटल कॉलेज को देश भर से आर्थिक सहयोग मिला करता था। तत्कालीन दौर के देश भर के लगभग सभी प्रभावशाली और संपन्न मुस्लिम लोग कॉलेज के नियमित दानदाता थे। कॉलेज का प्रबंधन ट्रस्टियों की एक समिति करती थी। इस समिति में ज्यादातर लोग बड़े दानदाता शामिल थे।
जारी...
स्रोतः अलीगढ़ का गजेटियर 1909

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed