Aligarh News: स्वास्थ्य परीक्षण में हुआ खुलासा, 31 हजार महिला और 18 हजार पुरुषों में है खून की कमी
1.31 लाख पुरुष व 1.67 लाख महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। 31 हजार महिलाओं और साढ़े 18 हजार पुरुषों में खून की कमी मिली।
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अलीगढ़ जिले में 31 हजार महिलाओं और साढ़े 18 हजार पुरुषों में खून की कमी है। यह खुलासा 17 सितंबर से चल रहे विशेष स्वास्थ्य शिविर में हुआ है। इसके लिए 20 दिन में 1.31 लाख पुरुष व 1.67 लाख महिलाओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। महिलाओं में आठ और पुरुषों में 10 ग्राम प्रति डेसी लीटर से भी कम हीमोग्लोबिन की मात्रा मिली है।
प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन पर 17 सितंबर से दो अक्तूबर तक विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। हालांकि, अब इसे बढ़ाकर 24 दिसंबर कर दिया गया है। इस दौरान जांच में हाई रिस्क प्रेगनेंसी की करीब 1400 महिलाएं सामने आईं। इतना ही नहीं 368 महिलाएं व 407 पुरुष शुगर से पीड़ित मिले हैं। इन्हें उचित परामर्श दिया गया।
जिला स्तरीय अस्पतालों सहित सभी 16 सीएचसी में स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान चलाया गया। अभियान के तहत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, जननी सुरक्षा योजना, एनीमिया की रोकथाम और प्रबंधन, किशोरियों में मासिक धर्म स्वच्छता पर परामर्श, उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं की विशेष जांच, गर्भ निरोधक साधनों का विकल्प, राष्ट्रीय स्किल सेल मिशन और टीबी मुक्त भारत जैसे विषयों पर कार्य किए गए थे।
स्वास्थ्य शिविर में महिलाओं के साथ पुरुषों में भी खून की कमी सामने आई है। इन्हें आयरन की गोली दी गई। मरीज मोरिंगा (सहजन) के 20-25 पत्तों को पीसकर उसमें थोड़ा गुड़ मिलाकर सेवन करें। संतरे, नींबू, स्ट्रॉबेरी, पपीता और अमरूद फल लें। पालक, मेथी, बथुआ और सरसों के साग जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां लें। रातभर 5-6 किशमिश या खजूर को गर्म पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाने से लाभ मिलेगा। - डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ
सांस लेने में हो सकती है परेशानी
हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं में पाया जाने वाला एक प्रोटीन है। यह फेफड़ों से ऑक्सीजन को शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाने का काम करता है। जब शरीर में एनीमिया के कारण हीमोग्लोबिन का स्तर कम हो जाता है, तो रक्त में ऑक्सीजन ले जाने की क्षमता भी कम हो जाती है। इससे पूरे शरीर के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। इससे सांस की परेशानी भी शुरू हो जाती है।
एनीमिया के लक्षण
कमजोरी और थकान। त्वचा का रंग सफ़ेद या पीला होना। त्वचा में रूखापन और आसानी से नील पड़ना। अनियमित दिल की धड़कन और सांस लेने में कठिनाई। जीभ में छाले होना।चक्कर आना या बेहोशी जैसा महसूस होना। हाथ और पैर ठंडे होना। सिर दर्द व छाती में दर्द होना।