एएमयू छात्रसंघ चुनाव: यूनियन हॉल की छत से गूंजेगा जेन-जी का एजेंडा, 22 हजार मतदाता, 13 मतदान केंद्र
एएमयू छात्रसंघ चुनाव का मतदान पांच नवंबर को होगा। करीब 22 हजार मतदाता अपना अगुवा चुनेंगे। 13 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जबकि 23 हजार मतदाता पत्र छपेंगे। चुनाव में 65 मत पेटिकाएं इस्तेमाल की जाएंगी।
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एएमयू छात्रसंघ चुनाव अब अपने अहम पड़ाव पर पहुंच गया है। मंगलवार को यूनियन हॉल की छत पर प्रत्याशियों की फाइनल स्पीच होगी। यहां छात्र राजनीति के नए चेहरे यानी जेन-जी अपने मुद्दों, विचारों और एजेंडे के साथ छात्र-छात्राओं के सामने होंगे। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पद के प्रत्याशी अपने भाषणों के जरिये छात्र-छात्राओं को अपने पक्ष में लामबंद करने की कोशिश करेंगे।
फाइनल स्पीच को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन और चुनाव समिति ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रत्याशियों को राष्ट्र निर्माण में छात्र नेतृत्व का योगदान विषय पर अपनी बात रखनी है। हालांकि, विद्यार्थियों की नजरें इस पर भी रहेंगी कि प्रत्याशी कैंपस की समस्याओं, छात्रहित, शिक्षा, सुविधाओं और छात्रसंघ की भूमिका को लेकर क्या विजन पेश करते हैं। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पद के प्रत्याशी को पांच मिनट और एक मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. जावेद तालिब ने बताया कि कार्यक्रम दोपहर 2:15 बजे शुरू होगा। 2 बजे यूनियन हॉल की छत का मुख्य प्रवेश द्वार बंद कर दिया जाएगा। प्रत्याशियों को क्रमांक संख्या के अवरोही क्रम में भाषण के लिए बुलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि फाइनल स्पीच के लिए डॉ. फसीह रागिब गौहर को संयोजक और डॉ. अहमद मुज्तबा सिद्दीकी को सह-संयोजक बनाया गया है। प्रत्याशी हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू समेत किसी भी भाषा में भाषण दे सकेंगे।
उन्होंने प्रत्याशियों को चुनाव आचार संहिता का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी है। भाषण में ऐसी टिप्पणी या शब्दों के इस्तेमाल से बचने को कहा गया है, जिससे चुनाव के आचार संहिता का उल्लंघन हो। छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग बैठने की व्यवस्था की गई है।
आजम खां का भी हो सकता है जिक्र
पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां का छात्रसंघ के फाइनल स्पीच में जिक्र हो सकता है। दरअसल, दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार शाम रामपुर जेल से रिहा होते ही ईडी (प्रवर्तन दल) ने उन्हें हिरासत में ले लिया था। आजम खां एएमयू छात्रसंघ में 1972-73 में सचिव थे।
आठ साल में प्रत्याशियों की संख्या बढ़ी
आठ साल के बाद हो रहे छात्रसंघ चुनाव में इस बार प्रत्याशियों में उत्साह है। वर्ष 2018 में अध्यक्ष पद पर पांच, उपाध्यक्ष पद पर पांच, सचिव पद पर चार, कैबिनेट पद पर 28 और कोर्ट सदस्य पद के लिए 31 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे, जबकि इस बार अध्यक्ष पद पर नौ, उपाध्यक्ष पद पर सात, सचिव पद पर तीन, कैबिनेट पद पर 46 और कोर्ट सदस्य पद के लिए 68 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं।
वहीं, वीमेंस कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में वर्ष 2018 में अध्यक्ष पद पर चार, उपाध्यक्ष पद पर दो, सचिव पद पर तीन, कैबिनेट पद पर 12 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे। इस बार अध्यक्ष पद पर छह, उपाध्यक्ष पद पर चार, सचिव पद पर पांच, कैबिनेट पद पर 18 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। वर्ष 2018 में छात्रसंघ के अध्यक्ष रहे डॉ. मोहम्मद सलमान इम्तियाज ने बताया कि जब वह चुनाव लड़े थे, तब उनका मुद्दा एकेडमिक, डिबेट, मीडिया नेटवर्क, लीगल नेटवर्क था। उन्होंने एएमयूएसयू की वेबसाइट भी बनवाई थी। इस बार एकेडमिक के साथ परीक्षा फल रोके का जाने का मुद्दा भी है, क्योंकि पहले परीक्षा देने देते थे, जब नतीजे आते हैं तो अटेंडेंस कम होने के चलते परीक्षा फल रोक देते हैं। नगर निगम द्वारा जबरन ली जा रही जमीन का मुद्दा प्रत्याशी बना रहे हैं।
एएमयू कोर्ट सदस्य के नामांकन निरस्त होने पर भड़के प्रत्याशी, हाईकोर्ट जाने की चेतावनी
एएमयू छात्रसंघ चुनाव के साथ कोर्ट सदस्य पद के नामांकन निरस्त होने का विवाद भी गरमा गया है। नामांकन खारिज होने से नाराज छात्र मोहम्मद सलमान ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को सोमवार सुबह 11 बजे तक का अल्टीमेटम देते हुए हाईकोर्ट जाने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि इस समय तक उनका ज्ञापन स्वीकार नहीं किया गया तो सभी प्रभावित प्रत्याशी हाईकोर्ट जाएंगे और कोर्ट का चुनाव नहीं होने देंगे। मोहम्मद सलमान ने आरोप लगाया कि जानबूझकर उनके नामांकन पत्र खारिज किए गए हैं।
वह वरिष्ठ छात्र हैं और लगातार विद्यार्थियों के मुद्दे उठाते रहे हैं, इसलिए उन्हें चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने की कोशिश की गई है। उन्होंने नामांकन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि पहले दिन प्रत्याशी के पर्चे को वैध बताया जाता है और अगले ही दिन उसे अवैध घोषित कर दिया जाता है। आखिर किसके दबाव में यह सब हो रहा है? गय्यूम हुसैन ने भी आरोप लगाया कि उनका नामांकन जानबूझकर निरस्त किया गया है। वहीं, सोनपाल सिंह ने यूनिवर्सिटी के नियमों के समान रूप से लागू होने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो नियम छात्रों पर लागू किए जा रहे हैं, यदि वही नियम प्रोफेसरों और कर्मचारियों पर लागू कर दिए जाएं तो आधे से अधिक लोग यूनिवर्सिटी से बाहर हो जाएंगे। छात्रों ने हंगामा भी किया।
22 हजार मतदाता चुनेंगे अगुवा, पांच रंग में होंगे मतपत्र
एएमयू छात्रसंघ चुनाव का मतदान पांच नवंबर को होगा। करीब 22 हजार मतदाता अपना अगुवा चुनेंगे। 13 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जबकि 23 हजार मतदाता पत्र छपेंगे। चुनाव में 65 मत पेटिकाएं इस्तेमाल की जाएंगी। हर मतदान केंद्र पर पांच-पांच मत पेटिकाएं होंगी, जिसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कैबिनेट और एएमयू कोर्ट सदस्य पद के प्रत्याशियों के लिए मत डाले जाएंगे।
पांच नवंबर को सुबह नौ बजे से मतदान शुरू होगा, जो शाम पांच बजे तक चलेगा। एनआरएससी क्लब में सात बजे से मतों की गिनती शुरू होगी। चुनाव में मतदानकर्मियों की भी ड्यूटी लगाई गई जाएगी, जिसमें शिक्षक से लेकर कर्मचारी भी शामिल किए जाएंगे। चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन पुलिस की भी मदद लेगा। मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. जावेद तालिब के अनुसार, चुनाव संपन्न कराने के लिए 60 सदस्यीय कोर कमेटी बनाई गई, जिन्हें अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। पांचों पदों के प्रत्याशियों के लिए अलग-अलग रंग के मत पत्र होंगे।
ये होंगे मतदान केंद्र
फैकल्टी मतदान केंद्र
- एग्रीकल्चर साइंस व थियोलॉजी : फैकल्टी ऑफ थियोलॉजी
- आर्ट फैकल्टी : आर्ट फैकल्टी लॉउज
- फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी: जेडएच कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग
- यूनिवर्सिटी पालीटेक्निक: यूनिवर्सिटी पालीटेक्निक
- वीमेंस पालीटेक्निक : वीमेंस पालीटेक्निक
- फैकल्टी ऑफ कामर्स : फैकल्टी ऑफ कामर्स
- फैकल्टी ऑफ लॉ : फैकल्टी ऑफ लॉ
- फैकल्टी ऑफ लाइफ साइंस : जूनियर लैब व सीनियर लैब, जंतु विज्ञान विभाग
- फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज व इंटरनेशनल स्टडीज: फैकल्टी ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज एलटी-1
- फैकल्टी ऑफ मेडिसन: फैकल्टी ऑफ मेडिसन
- फैकल्टी ऑफ साइंस: फैकल्टी ऑफ साइंस
- फैकल्टी ऑफ यूनानी मेडिसन: कॉलेज लाइब्रेरी, एके तिब्बिया कॉलेज
- नोट : यूनिवर्सिटी के अधिकारियों के अनुसार इसमें आवश्यकता अनुसार फेरबदल हो सकता है।