फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   AMU was a plot to Saindai

एएमयू में साइनडाई कराने की थी साजिश

Thu, 05 May 2016 01:48 AM IST
अभिषेक शर्मा
अभिषेक शर्मा Updated Thu, 05 May 2016 01:48 AM IST
विज्ञापन
 AMU was a plot to Saindai
एएमयू
एएमयू की 23 अप्रैल की हिंसक घटना के कुछ नए तथ्य जल्द सामने आ सकते हैं। पुलिस की जांच, गिरफ्तारियाें और एएमयू के भरोसेमंद सूत्राें की मानें तो साइनडाई कराने और  इंतजामिया के कुछ औहदेदारों को नीचा दिखाने की मंशा से यूनिवर्सिटी में हिंसा कराई गई। इसका साजिशकर्ताओं को लंबे समय से इंतजार था। मौका मिलते ही घटना को अंजाम दे दिया। इन तथ्यों के सामने आने पर एसआईटी की जांच की दिशा बदल गई है।
विज्ञापन

 एएमयू में 23 अप्रैल की रात जो कुछ हुआ, वह बड़ी साजिश का हिस्सा माना गया है। ‘अमर उजाला’ ने बवाल के दूसरे दिन ही इस ओर इशारा कर दिया था। इस साजिश से पर्दा उठाने के लिए पुलिस ने जांच के लिए एसपी क्राइम के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया। पुलिस के विश्वस्त सूत्रों की मानें तो पिछले दो दिन में हिरासत में लिए गए दो युवकों ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां दी हैं। सीसीटीवी फुटेज, कुछ सुरक्षा गार्डों की भूमिका, सर्विलांस की कॉल डिटेल आदि से भी कड़ियाें को जुड़ा जा रहा है। ऐसे में कई एएमयू के मठाधीश जांच के घेरे में आ सकते हैं। बताते हैं पीएचडी छात्र जोरेज ग्रुप को एक मठाधीश ग्रुप की सरपरस्ती हासिल है।
विज्ञापन

इस ग्रुप को पिछले कुछ समय से इंतजामिया साइड लाइन किए हुए है। आरोप है कि यह ग्रुप बवाल मचाकर एएमयू में साइनडाई कराने और इंतजामिया के कुछ ओहदेदारों को नीचा दिखाने की फिराक में था। इस काम में छात्रों, बाहरी, पूर्व व आपराधिक लोगों के अलावा निचले स्टाफ से जुड़े कुछ लोग शामिल थे। सभी की भूमिका की जांच चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जेल गए जोरेज के दो और साथी
अलीगढ़। एएमयू कांड में दो दिन पहले हिरासत में लिए गए चार में से दो जोरेज के साथी निकले, जिन्हें पुलिस ने बुधवार को जेल भेज दिया। दोनों ने पूछताछ में काफी कुछ उगला है। अपने कई साथियों के नाम भी पुलिस को बताए हैं। इसके आधार पर पुलिस टीमें उनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत हैं। इसके अलावा नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली, एनसीआर, पूर्वी यूपी, बिहार, पश्चिमी यूपी के कई जिलों में पुलिस की टीमें डेरा डाले हुई हैं।
इंस्पेक्टर सिविल लाइंस सूर्यकांत द्विवेद्वी ने बताया कि एसआईटी की गिरफ्तारी विंग ने सोमवार व मंगलवार को शहर में दबिश देकर चार लोगों को हिरासत में लिया था। दो दिन तक चली पूछताछ में दो लोगों पर किसी तरह के आरोप साबित नहीं हुए। इसके आधार पर उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया था। मगर पकड़े गए दो अन्य राशिद  व मसूद के  घटना में शामिल होने के आरोप साबित हुए हैं। राशिद एएमयू से बाहर सिविल लाइंस इलाके में किराये पर रहकर एएमयू से बीए कर रहा था, जबकि मसूद शमशाद मार्केट इलाके के एक कान्वेंट स्कूल से 12वीं करने के बाद एएमयू में प्रवेश की तैयारी में था।

प्रकरण की जांच जारी है। छन-छन कर काफी कुछ सामने आ रहा है। साजिश जैसे संकेत हैं। सभी कड़ियां जुड़ा रही हैं। अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। साजिश में और कौन-कौन शामिल हैं, पता लगाया जा रहा है। लेकिन अब तक की जांच में बलवाइयों व छात्रों की फायरिंग से दो छात्रों की मौत ,आगजनी और तोड़फोड़  का पता चला है।        
-राजीव सिंह सीओ तृतीय

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed