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एएमयू कुलपति के बड़े भाई उमर फारूक का निधन
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर के बड़े भाई उमर फारूक का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 75 वर्ष के थे। कुछ ही दिन पहले वह कोरोना वायरस संक्रमण का शिकार हुए थे। इसके बाद से वह घर पर ही थे।
एएमयू के जनसंपर्क विभाग के एमआईसी प्रोफेसर शाफे किदवई ने बताया कि उमर फारूक एएमयू कोर्ट के सदस्य रह चुके थे। इसके साथ ही वह मोहम्डन एजुकेशनल सोसायटी के सदस्य भी थे। उनकी मृत्यु की तात्कालिक बजह ब्रेन हेमरेज का होना बताया जा रहा है। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी है। उनकी बेटी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है।
उन्होंने बताया कि कुलपति ने कहा, इस दुख की घड़ी में वह अपने सभी शुभचिंतकों की भावनाओं को समझते हैं। लेकिन कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना अति आवश्यक है क्योंकि महामारी दिन प्रतिदिन भयानक रूप धारण करती जा रही है। इसलिए जो भी सज्जन उन्हें शोक सांत्वना देना चाहे वह ऑनलाइन में उपलब्ध हैं।
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एएमयू के जनसंपर्क विभाग के एमआईसी प्रोफेसर शाफे किदवई ने बताया कि उमर फारूक एएमयू कोर्ट के सदस्य रह चुके थे। इसके साथ ही वह मोहम्डन एजुकेशनल सोसायटी के सदस्य भी थे। उनकी मृत्यु की तात्कालिक बजह ब्रेन हेमरेज का होना बताया जा रहा है। उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी है। उनकी बेटी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन विभाग में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत है।
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उन्होंने बताया कि कुलपति ने कहा, इस दुख की घड़ी में वह अपने सभी शुभचिंतकों की भावनाओं को समझते हैं। लेकिन कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना अति आवश्यक है क्योंकि महामारी दिन प्रतिदिन भयानक रूप धारण करती जा रही है। इसलिए जो भी सज्जन उन्हें शोक सांत्वना देना चाहे वह ऑनलाइन में उपलब्ध हैं।
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