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नागरिकता कानून के विरोध में सड़क पर उतरे एएमयू शिक्षक

Thu, 19 Dec 2019 09:33 PM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़। Published by: राजेश सिंह Updated Thu, 19 Dec 2019 09:33 PM IST
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AMU teachers hit the road to protest against citizenship law
मार्च करते एएमयू टीचर्स एसोसिएशन के लोग। - फोटो : neeraj
नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में बृहस्पतिवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) ने कैंपस में विरोध मार्च निकाला और मांग की गई कि इस कानून को वापस लिया जाए। तय किया कि प्रतिदिन इस कानून का किसी न किसी तरह से विरोध किया जाएगा। 
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बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे एएमयू के शिक्षक स्टाफ क्लब पर इकट्ठा हुए। इसके बाद सभी शिक्षक हाथों में बैनर, पोस्टर लेकर स्टाफ क्लब से वीसी लॉज, मौलाना आजाद लाइब्रेरी होते हुए पुरानी चुंगी गेट तक पहुंचे। वहां से वापस इंजीनियरिंग कॉलेज, दीनियात विभाग, आर्ट फैकल्टी होते हुए स्टाफ क्लब के बाहर तक आए।
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यहां पर मौजूद शिक्षकों को संबोधित करते हुए अमुटा के सचिव प्रो. नजमुल इस्लाम ने कहा कि हम नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ हैं। आज के दिन हमारे पुरखों में दो ऐसे लोग हैं जिन्होंने कुर्बानी दी। अशफाक उल्लाह खान और राम प्रसाद विस्मिल यह दो नाम हैं जिन्होंने वतन के लिए कुर्बानी दी। हम लोगों की नस्ल भी उसी मिट्टी की है। हम देश के कानून के दायरे में अपना विरोध जारी रखेंगे। 
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अमुटा के डॉ. नजम खलिक ने कहा कि हमारा विरोध किसी सरकार के खिलाफ नहीं है बल्कि एक असंवैधानिक कदम के खिलाफ है। साथ ही घोषणा की गई कि इस नागरिकता कानून के खिलाफ उनका विरोध किसी न किसी रूप में जारी रहेगा। इस अवसर पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय सचिव व एएमयू के पूर्व छात्र विवेक बंसल, प्रो. आफताब आलम, डॉ. मोहिबुल हक, डॉ. नोमान तारिक, डॉ. नाजिश बेगम, मो. इरशाद खान, डॉ. मो. अयाज, डॉ. दानिश मेहमूद, डॉ. अब्दुर रहमान, मो. रफीक, कुंवर मोहम्मद आदि मौजूद थे। 


नहीं हुआ इरफान हबीब का व्याख्यान
स्टाफ क्लब पर बृहस्पतिवार को विरोध मार्च से पहले प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब का नागरिकता संशोधन कानून पर व्याख्यान प्रस्तावित था। लेकिन बताया गया कि तबियत कुछ नासाज होने के कारण वह व्याख्यान के लिए नहीं आ सकेंगे। इसके चलते व्याख्यान नहीं हुआ। 
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