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AMU: लॉरेंस ग्रुप से जुड़े शूटर भाइयों ने की एएमयू शिक्षक की हत्या, शूटरों को ठहराने-भगाने वाला सहयोगी दबोचा
Thu, 01 Jan 2026 04:04 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 01 Jan 2026 04:04 PM IST
सार
शिक्षक रॉव दानिश अली की एएमयू परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। स्कूटी सवार नकाबपोश दो शूटरों ने इस वारदात को उस समय अंजाम दिया, जब वे लाइब्रेरी कैंटीन परिसर में दो साथियों संग टहल रहे थे।
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पकड़ा गया हत्यारोपी
- फोटो : पुलिस
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विस्तार
एएमयू के शिक्षक राव दानिश अली (45) की हत्या मुखबिरी के शक में लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप से जुड़े दो शूटर भाइयों ने की थी। इसका खुलासा करते हुए पुलिस ने घटना में शूटरों की मदद करने वाले दानिश के पड़ोसी व मित्र सलमान कुर्तेवाला को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार हत्या की साजिश कुख्यात मुनीर गैंग की कमान संभाल रहे शूटर जुबैर ने रची और उसके दो बडे भाइयों यासिर और फहद ने अलीगढ़ आकर वारदात की।
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राव दानिश अली अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) एबीके बॉयज स्कूल के कंप्यूटर शिक्षक और पूर्व में स्पेशल पुलिस ऑफिसर (एसपीओ) भी रहे थे। वह पुलिस के संपर्क में भी रहते थे, जिसकी वजह से हत्यारोपियों को उनपर मुखबिरी करने का शक था।
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एसएसपी नीरज जादौन ने 1 जनवरी को प्रेसवार्ता में बताया कि अमीर निशा सिविल लाइंस के राव दानिश अली की 24 दिसंबर की देर शाम ताबड़तोड़ गोलियां बरसा कर हत्या कर दी गई थी। घटना के समय वह एएमयू लाइब्रेरी कैंटीन परिसर में अपने साथी इमरान व भोलू संग टहल रहे थे। तभी स्कूटी सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया। हत्याकांड का मुकदमा दानिश के छोटे भाई फराज ने अज्ञात लोगों पर दर्ज कराया था।
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एसएसपी के अनुसार मुखबिरी, सीसीटीवी, सर्विलांस, दानिश के पुराने विवादों को जोड़कर जांच की गई तो दिल्ली के ओखला इलाके में रह रहे मूल रूप से बरला नौशा के हिस्ट्रीशीटर शूटर भाइयों यासिर, फहद व जुबैर की भूमिका सामने आई। इसी आधार पर उनके मददगार सलमान को पकड़ा गया है। इस खुलासे में एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक, सीओ तृतीय सर्वम सिंह व सिटी एसओजी टीम की भूमिका रही है।