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जब तक वीसी इस्तीफा नहीं देते, हम क्लास नहीं करेंगेः एएमयू छात्र
Fri, 17 Jan 2020 02:34 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jan 2020 02:34 AM IST
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विरोध प्रदर्शन करते अमुटा के लोग
- फोटो : अमर उजाला
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नागरिकता संशोधन कानून, सीएए, एनआरसी, एनपीआर, जेएनयू हिंसा के विरोध में बृहस्पतिवार को इंजीनियरिंग के छात्रों सहित अन्य छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार कर विरोध मार्च निकाला। बूंदाबांदी भी छात्रों का जोश कम नहीं कर सकी। इंजीनियरिंग कालेज से होकर बाब ए सैयद तक मार्च निकाला गया। छात्रों ने एलान किया कि जब तक वीसी त्यागपत्र नहीं देते, वह लोग कक्षाएं नहीं करेंगे।
13 जनवरी जब से विश्वविद्यालय खुला है, तब से ही कक्षाओं का बहिष्कार जारी है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को दोपहर में इंजीनियरिंग सहित अन्य कक्षाओं के छात्र डक प्वाइंट पर इकट्ठा हुए। इसके बाद सभी हाथों में बैनर, झंडे तख्ती आदि लेकर बाब ए सैयद की ओर चल दिए।
इस दौरान कुलपति और रजिस्ट्रार का इस्तीफा मांगने संबंधी नारे भी लगाए गए। मार्च के साथ ही शब्द गूंज रहे थे कि इसी तलाश ओ तसब्बुर में खो गया हूं मैं, मैं क्यों हूं, कब से हूं, कब तक हूं और क्या हूं मैं। मार्च के बाद सभी छात्र बाब ए सैयद पर इकट्ठा हुए।
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यहां पर एक छात्र ने कहा कि हम लोग सीएए, एनआरसी के साथ साथ 15 दिंसबर को जो बर्बरता पूर्वक कार्रवाई हुई, उसके खिलाफ भी यह मार्च निकाला है। हमारे वीसी और रजिस्ट्रार जिन्होंने पुलिस को कैंपस में प्रवेश करने की अनुमति दी, वह अपने पद से त्यागपत्र दे दें। यह मांग भी इस मार्च में की गई है।
सभा में छात्रों ने कहा कि मोदी सरकार ने देश को तोड़ने के लिए यह कानून बनाया है। इस कानून के खिलाफ ही कक्षाओं का बायकाट किया गया है। इसके अलावा जेएनयू और जामिया में हिंसा का शिकार हुए लोगों को जब तक न्याय नहीं मिल जाता है, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
पोस्टर बैनरों पर लगातार बढ़ रही हैं मांगें
9 दिसंबर को जब नागरिकता कानून का विरोध शुरू हुआ तो बैनर दिखते थे कि नो सीएए, नो एनआरसी, इसके बाद उसमें एनपीआर भी जुड़ गया। जब 15 दिसंबर के बवाल की घटना हुई तो नो सीएए, नो एनआरसी, नो एनपीआर के बाद नो पुलिस भी जुड़ गया। जेएनयू हिंसा के बाद इसका विरोध भी जुड़ गया। अब इसी क्रम में नो वीसी और नो रजिस्ट्रार भी जुड़ गया है।
अमुटा ने भी शांतिपूर्वक मार्च निकाला
एएमयू टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) ने भी सीएए, एनआरसी, एनपीआर के खिलाफ कैंपस में शांतिपूर्वक मार्च निकाला। अमुटा 13 जनवरी से ही अलग अलग तरीके से कैंपस में प्रोटेस्ट मार्च निकाल रही है। बुधवार को कैंडल मार्च निकाला गया था। अमुटा के मुताबिक उनका शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
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13 जनवरी जब से विश्वविद्यालय खुला है, तब से ही कक्षाओं का बहिष्कार जारी है। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को दोपहर में इंजीनियरिंग सहित अन्य कक्षाओं के छात्र डक प्वाइंट पर इकट्ठा हुए। इसके बाद सभी हाथों में बैनर, झंडे तख्ती आदि लेकर बाब ए सैयद की ओर चल दिए।
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इस दौरान कुलपति और रजिस्ट्रार का इस्तीफा मांगने संबंधी नारे भी लगाए गए। मार्च के साथ ही शब्द गूंज रहे थे कि इसी तलाश ओ तसब्बुर में खो गया हूं मैं, मैं क्यों हूं, कब से हूं, कब तक हूं और क्या हूं मैं। मार्च के बाद सभी छात्र बाब ए सैयद पर इकट्ठा हुए।
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यहां पर एक छात्र ने कहा कि हम लोग सीएए, एनआरसी के साथ साथ 15 दिंसबर को जो बर्बरता पूर्वक कार्रवाई हुई, उसके खिलाफ भी यह मार्च निकाला है। हमारे वीसी और रजिस्ट्रार जिन्होंने पुलिस को कैंपस में प्रवेश करने की अनुमति दी, वह अपने पद से त्यागपत्र दे दें। यह मांग भी इस मार्च में की गई है।
सभा में छात्रों ने कहा कि मोदी सरकार ने देश को तोड़ने के लिए यह कानून बनाया है। इस कानून के खिलाफ ही कक्षाओं का बायकाट किया गया है। इसके अलावा जेएनयू और जामिया में हिंसा का शिकार हुए लोगों को जब तक न्याय नहीं मिल जाता है, तब तक यह लड़ाई जारी रहेगी।
पोस्टर बैनरों पर लगातार बढ़ रही हैं मांगें
9 दिसंबर को जब नागरिकता कानून का विरोध शुरू हुआ तो बैनर दिखते थे कि नो सीएए, नो एनआरसी, इसके बाद उसमें एनपीआर भी जुड़ गया। जब 15 दिसंबर के बवाल की घटना हुई तो नो सीएए, नो एनआरसी, नो एनपीआर के बाद नो पुलिस भी जुड़ गया। जेएनयू हिंसा के बाद इसका विरोध भी जुड़ गया। अब इसी क्रम में नो वीसी और नो रजिस्ट्रार भी जुड़ गया है।
अमुटा ने भी शांतिपूर्वक मार्च निकाला
एएमयू टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) ने भी सीएए, एनआरसी, एनपीआर के खिलाफ कैंपस में शांतिपूर्वक मार्च निकाला। अमुटा 13 जनवरी से ही अलग अलग तरीके से कैंपस में प्रोटेस्ट मार्च निकाल रही है। बुधवार को कैंडल मार्च निकाला गया था। अमुटा के मुताबिक उनका शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

एनआरसी, सीएए और एनपीआर को लेकर विरोध प्रदर्शन करतीx एएमयू इंजीनियरिग की छात्राएं।- फोटो : CITY OFFICE