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नागरिकता संशोधन कानून का विरोधः राष्ट्रपति के बजाय मुख्य न्यायाधीश से एएमयू छात्रों ने लगाई गुहार
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के बदले भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे के पास नागरिकता संशोधन बिल में न्याय की गुहार लगाई है।
नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में एएमयू छात्रों की ओर से जुमे की नमाज के बाद विरोध मार्च का आयोजन किया गया। बृहस्पतिवार शाम तक छात्र नेताओं की योजना जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देने की थी, लेकिन रात्रि में राष्ट्रपति ने बिल पर हस्ताक्षर कर दिया और उसके बाद नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 कानून का रूप ले चुका है।
इससे संबंधित खबर आने के बाद शुक्रवार सुबह छात्र नेताओं ने राष्ट्रपति के बजाय भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे को संबोधित ज्ञापन देने का निर्णय लिया। एएमयू छात्र संघ के निवर्तमान अध्यक्ष सलमान इम्तियाज एवं उपाध्यक्ष हमजा सुफयान ने कहा कि राष्ट्रपति ने बृहस्पतिवार रात में नागरिकता संशोधन बिल पर हस्ताक्षर कर दिया है, इसको ध्यान में रखते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश के पास गुहार लगाई है। छात्र नेताओं का कहना है कि संविधान की रक्षा करने में संसद विफल साबित हुई है। हमलोग मुख्य न्यायाधीश के पास न्याय के लिए फरियाद लगाए हैं।
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नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में एएमयू छात्रों की ओर से जुमे की नमाज के बाद विरोध मार्च का आयोजन किया गया। बृहस्पतिवार शाम तक छात्र नेताओं की योजना जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देने की थी, लेकिन रात्रि में राष्ट्रपति ने बिल पर हस्ताक्षर कर दिया और उसके बाद नागरिकता संशोधन विधेयक 2019 कानून का रूप ले चुका है।
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इससे संबंधित खबर आने के बाद शुक्रवार सुबह छात्र नेताओं ने राष्ट्रपति के बजाय भारत के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे को संबोधित ज्ञापन देने का निर्णय लिया। एएमयू छात्र संघ के निवर्तमान अध्यक्ष सलमान इम्तियाज एवं उपाध्यक्ष हमजा सुफयान ने कहा कि राष्ट्रपति ने बृहस्पतिवार रात में नागरिकता संशोधन बिल पर हस्ताक्षर कर दिया है, इसको ध्यान में रखते हुए भारत के मुख्य न्यायाधीश के पास गुहार लगाई है। छात्र नेताओं का कहना है कि संविधान की रक्षा करने में संसद विफल साबित हुई है। हमलोग मुख्य न्यायाधीश के पास न्याय के लिए फरियाद लगाए हैं।
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