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नागरिकता संशोधन कानून का विरोधः कड़ाके की सर्दी और मुसलाधार बारिश में भी मोर्चे पर डटे रहे छात्र
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बारिश के दौरान भी प्रदर्शन करते एएमयू छात्र।
- फोटो : CITY OFFICE
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कड़ाके की सर्दी एवं मूसलाधार बारिश भी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों एवं आरएएफ तथा पुलिस के जवानों को नहीं डिगा सकी। एक पक्ष नागरिकता संशोधन बिल का विरोध करने तो दूसरा किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार था।
किसी सरकार या पार्टी के फैसले का विरोध देश के नागरिकों का अधिकार है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी भावनाओं को हर व्यक्ति व्यक्त कर सकता है। नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में देश में कई जगह विरोध-प्रदर्शन जारी है। एएमयू छात्र, शिक्षक एवं कर्मचारी भी इसका जबर्दस्त तरीके से विरोध कर रहे हैं। जुमे की नमाज के बाद हजारों की संख्या में छात्र कैंपस में सड़क पर उतर आए। इसकी वजह से कड़ाके की सर्दी में भी न सिर्फ एएमयू बल्कि शहर का माहौल गरमा गया। इंटरनेट सेवा बंद होने से अफवाह का बाजार गरम रहा। वहीं लोग फोन कर एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि एएमयू में क्या चल रहा है। प्रशासनिक ब्लाक (रजिस्ट्रार ऑफिस) के सामने जब छात्रों का विरोध चल रहा था, उसी समय मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बैरिकेडिंग के एक तरफ (बाब-ए-सैयद की तरफ) हजारों की संख्या में छात्र थे तो दूसरी तरफ (यूनिवर्सिटी सर्किल) आरएएफ एवं पुलिस के जवान।
छात्र इसे संविधान की रक्षा की लड़ाई की संज्ञा दे रहे थे तो जवान अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद थे ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। करीब दो घंटे तक कभी तेज तो कभी मामूली बारिश होती रही लेकिन न तो छात्र वहां से हटे और न ही जवान डिगे। एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ सहित कई अधिकारी भी इस बारिश में भीगते हुए मैदान में डटे रहे। जैकेट, स्वेटर, शेरवानी से लेकर शरीर के सभी कपड़े गीले हो गए। सर्दी का सितम भी कम नहीं। करीब दो घंटे बाद ऐसी भी स्थिति आई जब बारिश थम गई और एएमयू छात्र आरएएफ जवानों से चुटकी ले रहे थे कि ‘पानी फेंको पानी’। जवान भी छात्रों की चुटकी पर मुस्कुरा रहे थे। दरअसल बारिश के पहले हंगामा होने पर आरएएफ जवान फायर बिग्रेड के वाटर कैनन से पानी फेंकने की तैयारी कर रहे थे। संयोग से उसी समय बारिश शुरू हो गई। छात्रों ने भीग कर दिखा दिया कि वह पानी से डरने वाले नहीं है।
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किसी सरकार या पार्टी के फैसले का विरोध देश के नागरिकों का अधिकार है। शांतिपूर्ण तरीके से अपनी भावनाओं को हर व्यक्ति व्यक्त कर सकता है। नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में देश में कई जगह विरोध-प्रदर्शन जारी है। एएमयू छात्र, शिक्षक एवं कर्मचारी भी इसका जबर्दस्त तरीके से विरोध कर रहे हैं। जुमे की नमाज के बाद हजारों की संख्या में छात्र कैंपस में सड़क पर उतर आए। इसकी वजह से कड़ाके की सर्दी में भी न सिर्फ एएमयू बल्कि शहर का माहौल गरमा गया। इंटरनेट सेवा बंद होने से अफवाह का बाजार गरम रहा। वहीं लोग फोन कर एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि एएमयू में क्या चल रहा है। प्रशासनिक ब्लाक (रजिस्ट्रार ऑफिस) के सामने जब छात्रों का विरोध चल रहा था, उसी समय मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। बैरिकेडिंग के एक तरफ (बाब-ए-सैयद की तरफ) हजारों की संख्या में छात्र थे तो दूसरी तरफ (यूनिवर्सिटी सर्किल) आरएएफ एवं पुलिस के जवान।
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छात्र इसे संविधान की रक्षा की लड़ाई की संज्ञा दे रहे थे तो जवान अपनी ड्यूटी पर मुस्तैद थे ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। करीब दो घंटे तक कभी तेज तो कभी मामूली बारिश होती रही लेकिन न तो छात्र वहां से हटे और न ही जवान डिगे। एसएसपी, एसपी सिटी, सीओ सहित कई अधिकारी भी इस बारिश में भीगते हुए मैदान में डटे रहे। जैकेट, स्वेटर, शेरवानी से लेकर शरीर के सभी कपड़े गीले हो गए। सर्दी का सितम भी कम नहीं। करीब दो घंटे बाद ऐसी भी स्थिति आई जब बारिश थम गई और एएमयू छात्र आरएएफ जवानों से चुटकी ले रहे थे कि ‘पानी फेंको पानी’। जवान भी छात्रों की चुटकी पर मुस्कुरा रहे थे। दरअसल बारिश के पहले हंगामा होने पर आरएएफ जवान फायर बिग्रेड के वाटर कैनन से पानी फेंकने की तैयारी कर रहे थे। संयोग से उसी समय बारिश शुरू हो गई। छात्रों ने भीग कर दिखा दिया कि वह पानी से डरने वाले नहीं है।
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