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नागरिकता संशोधन कानून का विरोधः एएमयू-बैरिकेडिंग तोड़कर सड़क पर उतरे हजारों छात्र
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नागरिकता संशोधन बिल को लेकर बाब ए सैयद गेट पर विरोध प्रदर्शन कर रहे एएमयू छात्रों को रोकती पुलिस।
- फोटो : CITY OFFICE
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नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में शुक्रवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के हजारों छात्र सड़क पर उतर आए। कैंपस से कलक्ट्रेट तक जाने की जिद पर अड़े छात्रों से ज्ञापन लेने जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक स्वयं बाब-ए-सैयद (एएमयू के मुख्य द्वार) पर पहुंच गए लेकिन छात्र नहीं माने और बैरिकेडिंग तोड़कर प्रशासनिक ब्लाक तक पहुंच गए। कड़ाके की सर्दी एवं मूसलाधार बारिश में भी छात्र भीगते हुए करीब दो घंटे से अधिक समय तक प्रशासनिक ब्लाक के सामने सड़क पर डटे रहे और केंद्र सरकार, पीएम-सीएम विरोधी नारेबाजी करने के साथ उनका पुतला भी फूंका। उन्होंने नागरिकता संशोधन बिल को असंवैधानिक एवं गैर कानूनी घोषित करने की मांग से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को भेजा।
इस दौरान जुमे की नमाज के बाद हजारों छात्र नागरिक संशोधन बिल, भाजपा एवं अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य द्वार बाब-ए-सैयद पर पहुंच गए। नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में एएमयू कैंपस से कलक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकालने की घोषणा से एएमयू एवं जिला प्रशासन के अधिकारी पहले से ही चौकन्ना थे। कैंपस के बाहर भारी संख्या में पुलिस, फोर्स तैनात कर दी गई थी। बाब-ए-सैयद एवं प्रशासनिक ब्लाक के सामने बैरिकेडिंग लगा दिया गया था ताकि छात्र यूनिवर्सिटी सर्किल तक नहीं पहुंचे। यूनिवर्सिटी सर्किल से दो सौ मीटर से भी कम दूरी पर कलक्ट्रेट हैं।
एएमयू एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को अंदेशा था कि सर्किल पर पहुंचने के बाद छात्र कलक्ट्रेट की तरफ कूच कर सकते हैं। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि सहित तमाम बड़े प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग के अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर मौजूद थे। छात्र संघ के निवर्तमान अध्यक्ष सलमान इम्तियाज के आग्रह पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह स्वयं ज्ञापन लेने बाब-ए-सैयद पहुंचे थे, लेकिन आपसी सहमति का अभाव होने के बाद कुछ छात्र कलक्ट्रेट तो कुछ सर्किल पर जाकर ज्ञापन देने की जिद पर अड़ गए। जिलाधिकारी व एसएसपी ने समझाने का भी प्रयास किया लेकिन छात्र अपनी बात पर अड़े थे। कुछ छात्र बार-बार बाब-ए-सैयद पर बने बैरिकेडिंग को तोड़ने का प्रयास कर रहे थे। उसके बाद अधिकारी प्रशासनिक ब्लाक के पास वापस आ गए।
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कुछ समय बाद ही बैरिकेडिंग तोड़ कर छात्र प्रशासनिक ब्लाक पहुंच गए। वहां भी बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस व आरएएफ जवानों ने दृढ़ता से उन्हें रोक दिया। इसको लेकर जवानों एवं छात्रों के बीच मामूली नोकझोंक भी हुई। ऐसा लगा कि हंगामा हो जाएगा लेकिन छात्र नेताओं ने सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित कर लिया। इसी बीच सर्द मौसम में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। लोग उम्मीद कर रहे थे कि बारिश में छात्र तितर-बितर हो जाएंगे, लेकिन छात्रों ने बेजोड़ धैर्य का परिचय देने के साथ बारिश में भीगते हुए प्रशासनिक ब्लाक के सामने डटे रहकर जबरदस्त नारेबाजी करते रहे और पुतला फूंककर अधिकारियों के अरमानों पर पानी फेर दिया।
दिलचस्प पहलू यह रहा कि आरएएफ एवं पुलिस के जवान भी सर्दी एवं बारिश की परवाह किए बगैर मैदान में भीगते हुए डटे रहे। छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। छात्रों के बाद एएमयू टीचर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने भी मार्च निकाला और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भेजा।
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इस दौरान जुमे की नमाज के बाद हजारों छात्र नागरिक संशोधन बिल, भाजपा एवं अमित शाह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्य द्वार बाब-ए-सैयद पर पहुंच गए। नागरिकता संशोधन बिल के विरोध में एएमयू कैंपस से कलक्ट्रेट तक विरोध मार्च निकालने की घोषणा से एएमयू एवं जिला प्रशासन के अधिकारी पहले से ही चौकन्ना थे। कैंपस के बाहर भारी संख्या में पुलिस, फोर्स तैनात कर दी गई थी। बाब-ए-सैयद एवं प्रशासनिक ब्लाक के सामने बैरिकेडिंग लगा दिया गया था ताकि छात्र यूनिवर्सिटी सर्किल तक नहीं पहुंचे। यूनिवर्सिटी सर्किल से दो सौ मीटर से भी कम दूरी पर कलक्ट्रेट हैं।
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एएमयू एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को अंदेशा था कि सर्किल पर पहुंचने के बाद छात्र कलक्ट्रेट की तरफ कूच कर सकते हैं। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आकाश कुलहरि सहित तमाम बड़े प्रशासनिक एवं पुलिस विभाग के अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर मौजूद थे। छात्र संघ के निवर्तमान अध्यक्ष सलमान इम्तियाज के आग्रह पर जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह स्वयं ज्ञापन लेने बाब-ए-सैयद पहुंचे थे, लेकिन आपसी सहमति का अभाव होने के बाद कुछ छात्र कलक्ट्रेट तो कुछ सर्किल पर जाकर ज्ञापन देने की जिद पर अड़ गए। जिलाधिकारी व एसएसपी ने समझाने का भी प्रयास किया लेकिन छात्र अपनी बात पर अड़े थे। कुछ छात्र बार-बार बाब-ए-सैयद पर बने बैरिकेडिंग को तोड़ने का प्रयास कर रहे थे। उसके बाद अधिकारी प्रशासनिक ब्लाक के पास वापस आ गए।
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कुछ समय बाद ही बैरिकेडिंग तोड़ कर छात्र प्रशासनिक ब्लाक पहुंच गए। वहां भी बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस व आरएएफ जवानों ने दृढ़ता से उन्हें रोक दिया। इसको लेकर जवानों एवं छात्रों के बीच मामूली नोकझोंक भी हुई। ऐसा लगा कि हंगामा हो जाएगा लेकिन छात्र नेताओं ने सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित कर लिया। इसी बीच सर्द मौसम में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। लोग उम्मीद कर रहे थे कि बारिश में छात्र तितर-बितर हो जाएंगे, लेकिन छात्रों ने बेजोड़ धैर्य का परिचय देने के साथ बारिश में भीगते हुए प्रशासनिक ब्लाक के सामने डटे रहकर जबरदस्त नारेबाजी करते रहे और पुतला फूंककर अधिकारियों के अरमानों पर पानी फेर दिया।
दिलचस्प पहलू यह रहा कि आरएएफ एवं पुलिस के जवान भी सर्दी एवं बारिश की परवाह किए बगैर मैदान में भीगते हुए डटे रहे। छात्रों ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश शरद अरविंद बोबडे को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। छात्रों के बाद एएमयू टीचर्स एसोसिएशन के सदस्यों ने भी मार्च निकाला और अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन भेजा।

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर प्रशासनिक ब्लाक पर प्रदर्शन करते एएमयू छात्र।- फोटो : CITY OFFICE

नागरिकता संशोधन बिल को लेकर प्रशासनिक ब्लाक पर विरोध प्रदर्शन कर रहे एएमयू छात्र।- फोटो : CITY OFFICE