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AMU weather balloon: छोड़ा मौसम गुब्बारा, 36.8 किमी ऊंचाई पर फटा, बुलंदशहर में गिरा
Sun, 29 Sep 2024 12:05 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 29 Sep 2024 12:05 PM IST
सार
मौसम गुब्बारे में करीब छह मीटर की रस्सी बंधी होती है। उसके अंतिम छोर पर रेडियोसोंडे उपकरण बंधा होता है, जिसकी दाहिनी ओर लगे जीपीएस से लोकेशन की जानकारी मिलती। बायीं ओर सेंसर लगा होता है, जो तापमान, आर्द्रता, दबाव, हवाओं की दिशा-गति की जानकारी एकत्र कर ट्रांसमीटर को देता।
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एएमयू के भूगोल विभाग के छत से मौसम गुब्बारा छोड़ते शिक्षक
- फोटो : विश्वविद्यालय
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विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के भूगोल विभाग की छत से 28 सितंबर को पाचवां मौसम गुब्बारा छोड़ा गया। गुब्बारा 36.8 किमी ऊंचाई पर फटकर बुलंदशहर के छतारी इलाके में गिर गया। यह अब तक गुब्बारे द्वारा तय की गई सर्वाधिक ऊंचाई भी है।
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विभाग की छत से शाम चार बजे मौसम गुब्बारा छोड़ा गया। मौसम साफ और हवाएं स्थिर होने से गुब्बारा आसमान की तरफ उड़ता गया। परियोजना निदेशक प्रो. अतीक अहमद ने बताया कि गुब्बारा छोड़ने के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिलने के बाद गुब्बारा छोड़ा गया। उन्होंने बताया कि 13 सितंबर को 25 किमी की ऊंचाई पर जाकर गुब्बारा फट गया था। 13 अगस्त को 35.5 किमी की ऊंचाई और फटा था। इससे पहले 11 जुलाई और 26 जुलाई को गुब्बारा छोड़ा गया था।
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ऐसे मिलता है डेटा
परियोजना समन्वयक प्रो. अतीक अहमद ने बताया कि मौसम गुब्बारे में करीब छह मीटर की रस्सी बंधी होती है। उसके अंतिम छोर पर रेडियोसोंडे उपकरण बंधा होता है, जिसकी दाहिनी ओर लगे जीपीएस से लोकेशन की जानकारी मिलती। बायीं ओर सेंसर लगा होता है, जो तापमान, आर्द्रता, दबाव, हवाओं की दिशा-गति की जानकारी एकत्र कर ट्रांसमीटर को देता। यह ट्रांसमीटर भूगोल विभाग की छत पर लगे रिसीवर को डेटा भेजता है, जो स्क्रीन पर लगातार प्रदर्शित होता रहता है।
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