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एएमयू के प्रो चांसलर नवाब इब्ने सईद खान छतारी का निधन
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के प्रो चांसलर नवाब इब्ने सईद खान छतारी का मंगलवार को निधन हो गया। वह 98 वर्ष के थे। वह बढ़ती उम्र संबंधी कई समस्याओं से ग्रसित थे। उनके निधन पर कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने गहरा दुख जताया है। कहा कि उन्होंने अपने परिवार का एक सदस्य, सरपरस्त खो दिया है।
विश्वविद्यालय जनसंपर्क विभाग के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ प्रोफेसर शाफे किदवई ने बताया कि नवाब इब्ने सईद खान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र भी रहे। वह विश्वविद्यालय के सबसे बुजुर्ग ओल्ड ब्वॉयज में से एक थे।
उनके पिता नवाब मोहम्मद अहमद खान छतारी भी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के चांसलर पद पर लंबे समय तक रहे। कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि जब-जब विश्वविद्यालय में किसी विषय पर परामर्श करना होता था तब वह नवाब छतारी से विमर्श किया करते थे। उनके निधन से उनको व्यक्तिगत क्षति पहुंची है।
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नवाब छतारी विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल सहित शासकीय निकायों के सदस्य भी रहे। उन्होंने कई दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि और अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत भी की। विश्वविद्यालय के सभी प्रमुख समारोह में वह शिरकत किया करते थे। विश्वविद्यालय से उनका लगाव आखिरी समय तक रहा। इससे पहले वह विश्वविद्यालय के कोषाध्यक्ष पद पर भी रहे। उनके निधन से विश्वविद्यालय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।
निधन पर जताया दुख
विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हरियाणा के प्रभारी विवेक बंसल ने भी नवाब छतारी के निधन पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि नवाब छतारी के निधन से विश्वविद्यालय और अलीग बिरादरी ने अपना एक सरपरस्त खो दिया है। कांग्रेस कमेटी की पूर्व महासचिव रूही जुबैरी ने भी गहरा दुख जताया है।
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विश्वविद्यालय जनसंपर्क विभाग के पूर्व चेयरमैन और वरिष्ठ प्रोफेसर शाफे किदवई ने बताया कि नवाब इब्ने सईद खान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्र भी रहे। वह विश्वविद्यालय के सबसे बुजुर्ग ओल्ड ब्वॉयज में से एक थे।
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उनके पिता नवाब मोहम्मद अहमद खान छतारी भी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के चांसलर पद पर लंबे समय तक रहे। कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि जब-जब विश्वविद्यालय में किसी विषय पर परामर्श करना होता था तब वह नवाब छतारी से विमर्श किया करते थे। उनके निधन से उनको व्यक्तिगत क्षति पहुंची है।
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नवाब छतारी विश्वविद्यालय की एग्जीक्यूटिव काउंसिल सहित शासकीय निकायों के सदस्य भी रहे। उन्होंने कई दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि और अति विशिष्ट अतिथि के तौर पर शिरकत भी की। विश्वविद्यालय के सभी प्रमुख समारोह में वह शिरकत किया करते थे। विश्वविद्यालय से उनका लगाव आखिरी समय तक रहा। इससे पहले वह विश्वविद्यालय के कोषाध्यक्ष पद पर भी रहे। उनके निधन से विश्वविद्यालय समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।
निधन पर जताया दुख
विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हरियाणा के प्रभारी विवेक बंसल ने भी नवाब छतारी के निधन पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने कहा है कि नवाब छतारी के निधन से विश्वविद्यालय और अलीग बिरादरी ने अपना एक सरपरस्त खो दिया है। कांग्रेस कमेटी की पूर्व महासचिव रूही जुबैरी ने भी गहरा दुख जताया है।