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Aligarh News: एएमयू पूर्व छात्र जुनैद मिंटो की रिमांड अर्जी खारिज, दोनों मामलों में रिहाई के आदेश
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : Archive
एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर हुए धरने के दौरान दर्ज दो अलग-अलग मुकदमों में आरोपी पूर्व छात्र जुनैद मिंटो को अदालत से राहत मिली है। जबकि वीएम हॉल ब्लैकमेलिंग मामले में बृहस्पतिवार को जमानत याचिका प्रस्तुत होगी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोनों मामलों में पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज करते हुए उसे निर्धारित शर्तों के साथ रिहा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में बताए जाने और कानूनी प्रक्रिया के पालन से जुड़े बिंदुओं पर विचार करते हुए 13 अक्तूबर को यह आदेश पारित किया।
पहला मामला एएमयू की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कथित तौर पर गुमराह करके परिसर में प्रवेश करने से संबंधित है। इसमें पुलिस ने जुनैद को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा मांगी थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी का नाम मूल एफआईआर में नहीं था और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में भी सवाल उठाने वाले बिंदु हैं। अदालत में गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में बताए जाने के मुद्दे पर भी बहस हुई। इसके बाद रिमांड अर्जी स्वीकार नहीं की गई।
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दूसरा मुकदमा धरने और भूख हड़ताल के दौरान कथित मारपीट, हथियार दिखाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों से जुड़ा है। इस मामले में भी बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया, एफआईआर दर्ज होने में देरी और हथियार की बरामदगी नहीं होने समेत कई बिंदु उठाए। अदालत ने पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज कर रिहाई के आदेश दिए। हालांकि, एएमयू के वीएम हॉल में कथित ब्लैकमेलिंग और बंधक बनाए जाने से जुड़े अलग मामले में जुनैद की जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई प्रस्तावित है।
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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोनों मामलों में पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज करते हुए उसे निर्धारित शर्तों के साथ रिहा करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में बताए जाने और कानूनी प्रक्रिया के पालन से जुड़े बिंदुओं पर विचार करते हुए 13 अक्तूबर को यह आदेश पारित किया।
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पहला मामला एएमयू की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और कथित तौर पर गुमराह करके परिसर में प्रवेश करने से संबंधित है। इसमें पुलिस ने जुनैद को गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा मांगी थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि आरोपी का नाम मूल एफआईआर में नहीं था और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में भी सवाल उठाने वाले बिंदु हैं। अदालत में गिरफ्तारी के कारण लिखित रूप में बताए जाने के मुद्दे पर भी बहस हुई। इसके बाद रिमांड अर्जी स्वीकार नहीं की गई।
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दूसरा मुकदमा धरने और भूख हड़ताल के दौरान कथित मारपीट, हथियार दिखाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोपों से जुड़ा है। इस मामले में भी बचाव पक्ष ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया, एफआईआर दर्ज होने में देरी और हथियार की बरामदगी नहीं होने समेत कई बिंदु उठाए। अदालत ने पुलिस की रिमांड अर्जी खारिज कर रिहाई के आदेश दिए। हालांकि, एएमयू के वीएम हॉल में कथित ब्लैकमेलिंग और बंधक बनाए जाने से जुड़े अलग मामले में जुनैद की जमानत याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई प्रस्तावित है।