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एएमयू आना चाहते थे सूफी कव्वाल अमजद साबरी
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 Jun 2016 02:11 AM IST
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सूफी कव्वाल अमजद साबरी एएमयू छात्र उमैर इफ्तिखार एवं यासिर इकबाल आदि के साथ।
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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पाकिस्तान के मशहूर सूफी कव्वाल अमजद साबरी की निर्मम हत्या से अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के छात्रों में शोक की लहर है। दरअसल अपनी गायकी के माध्यम से मोहब्बत एवं भाईचारे का संदेश देने वाले साबरी एएमयू आना चाहते थे।
अगस्त 2015 में नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास में एक कार्यक्रम में शिरकत करने अमजद साबरी आए थे। इसमें एएमयू कल्चरल एजूकेशन सेंटर के उमैर इफ्तिखार एवं यासिर इकबाल समेत कई अन्य छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए थे। सीईसी के उमैर इफ्तिखार तो अमजद साबरी को दिल्ली के अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा से दूतावास तक अपनी गाड़ी में लेकर आए थे। उन्होंने ही हवाई अड्डे पर साबरी को रिसीव किया था। पाकिस्तान में अमजद साबरी की हत्या की खबर सुनकर उमैर इफ्तिखार एवं यासिर इकबाल समेत अन्य छात्र सन्न रह गए। उन्हें विश्वास हीं नहीं हो रहा कि मशहूर सूफी गायक अब इस दुनिया में नहीं रहे। उमैर इफ्तिार कहते हैं, अमजद साबरी बहुत नेक बंदे थे। एयरपोर्ट से पाकिस्तानी दूतावास तक लेकर आने के दौरान उनसे काफी देर तक गहरी बातें हुई थीं। उन्होंने स्वयं एएमयू में आने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद एएमयू में उनके कार्यक्रम को लेकर उनके बीच विचार भी हुआ था। यासिर इकबाल कहते हैं कि अमजद साबरी अपनी कला से मुहब्बत एवं भाईचारा का संदेश देते थे।पाकिस्तानी दूतावास में उन्होंने कहा था कि वे एएमयू जरूर जाएंगे। अल्लाह पाकिस्तान में अमन पैदा करे। यासिर कहते हैं कि उस कार्यक्रम में आयशा जफर एवं गरिशा भी मौजूद थीं।
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अगस्त 2015 में नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी दूतावास में एक कार्यक्रम में शिरकत करने अमजद साबरी आए थे। इसमें एएमयू कल्चरल एजूकेशन सेंटर के उमैर इफ्तिखार एवं यासिर इकबाल समेत कई अन्य छात्र-छात्राएं भी शामिल हुए थे। सीईसी के उमैर इफ्तिखार तो अमजद साबरी को दिल्ली के अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा से दूतावास तक अपनी गाड़ी में लेकर आए थे। उन्होंने ही हवाई अड्डे पर साबरी को रिसीव किया था। पाकिस्तान में अमजद साबरी की हत्या की खबर सुनकर उमैर इफ्तिखार एवं यासिर इकबाल समेत अन्य छात्र सन्न रह गए। उन्हें विश्वास हीं नहीं हो रहा कि मशहूर सूफी गायक अब इस दुनिया में नहीं रहे। उमैर इफ्तिार कहते हैं, अमजद साबरी बहुत नेक बंदे थे। एयरपोर्ट से पाकिस्तानी दूतावास तक लेकर आने के दौरान उनसे काफी देर तक गहरी बातें हुई थीं। उन्होंने स्वयं एएमयू में आने की इच्छा जाहिर की थी। इसके बाद एएमयू में उनके कार्यक्रम को लेकर उनके बीच विचार भी हुआ था। यासिर इकबाल कहते हैं कि अमजद साबरी अपनी कला से मुहब्बत एवं भाईचारा का संदेश देते थे।पाकिस्तानी दूतावास में उन्होंने कहा था कि वे एएमयू जरूर जाएंगे। अल्लाह पाकिस्तान में अमन पैदा करे। यासिर कहते हैं कि उस कार्यक्रम में आयशा जफर एवं गरिशा भी मौजूद थीं।
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