{"_id":"666471d8ca4ad1c4760b9669","slug":"all-including-neeru-tiger-acquitted-in-murder-of-youth-after-kidnapping-2024-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh: 13 साल बाद आया फैसला, अपहरण के बाद युवक की हत्या में नीरू टाइगर सहित सभी बरी, होगी अपील दायर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh: 13 साल बाद आया फैसला, अपहरण के बाद युवक की हत्या में नीरू टाइगर सहित सभी बरी, होगी अपील दायर
Sat, 08 Jun 2024 08:30 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Sat, 08 Jun 2024 08:30 PM IST
सार
27 मार्च 2011 में विकास उर्फ नीटू को उनका दोस्त नीरू टाइगर यह कहकर बुला ले गया कि तुम्हारी उधारी के रुपये वापस दिलवाने हैं। नीटू की बाइक से ही घर से दोनों लोग गए, फिर नीटू नहीं लौटा। जब शाम को नीरू के घर जाकर पूछा तो परिवार ने कोई जवाब नहीं दिया और नीरू भी नहीं मिला।
विज्ञापन
अदालत का फैसला (सांकेतिक)
- फोटो : ANI
विस्तार
अलीगढ़ महानगर गांधीपार्क एटा चुंगी से युवक को अगवा कर उसकी हसायन क्षेत्र में हत्या कर शव जलाने के मामले में नीरू टाइगर सहित सभी आरोपी बरी कर दिए गए हैं। अदालत में एकमात्र चश्मदीद गवाह की गवाही को संदिग्ध माना गया और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर भी आरोप साबित न हो सका। अपर सत्र न्यायालय से इसी आधार पर सभी आरोपी बरी कर दिए गए।
विज्ञापन
ये वाकया महानगर के गांधीपार्क थाना क्षेत्र में 27 मार्च 2011 का है। जिसका मुकदमा नागेंद्र सिंह ने अपहरण में दर्ज कराया। कहा कि उनके एटा चुंगी निवासी बहनोई विकास उर्फ नीटू को उनका दोस्त अकराबाद नगरिया पट्टी चाहरम हाल गोपी मिल कंपाउंड निवासी नीरू टाइगर यह कहकर बुला ले गया कि तुम्हारी उधारी के रुपये वापस दिलवाने हैं। नीटू की बाइक से ही घर से दोनों लोग गए, फिर नीटू नहीं लौटा। जब शाम को नीरू के घर जाकर पूछा तो परिवार ने कोई जवाब नहीं दिया और नीरू भी नहीं मिला।
विज्ञापन
इस मामले में पुलिस ने अपहरण के मुकदमे के आधार पर जांच शुरू कर नीरू को गिरफ्तार किया और उजागर किया कि मारुति कार से नीटू को हसायन के नगला डोंड बैठाकर ले जाया गया। जहां रात में उसकी गोली मारकर हत्या कर शव को जलाया गया। बाद में पुलिस ने कार व स्टेशन की पार्किंग से नीटू की बाइक बरामद की। उजागर किया कि नीरू टाइगर ने नगला डोंड के अपने साथ रहीशपाल, विक्की व रघुराज के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। इसमें नीरू की मां का नाम भी उजागर किया गया।
विज्ञापन
मामले में चार्जशीट दायर की गई। बचाव पक्ष के अधिवक्ता दुर्गेश चंद्र गौतम के अनुसार मामले में सत्र परीक्षण के दौरान मृत नीटू के परिवार व वादी के अलावा एक चश्मदीद गवाह हसायन क्षेत्र का पेश किया गया। उसने रात के अंधेरे में हत्या होते देखा जाना और चारों को पहचाना जाना स्वीकार किया। जिसे अदालत ने बहस के दौरान कुछ सवालों पर संदिग्ध माना। बाकी कोई चश्मदीद गवाह पेश नहीं किया गया। वहीं परिस्थिति जन्य साक्ष्य भी घटना को साबित नहीं कर सके। इसी आधार पर सभी को अदालत ने बरी कर दिया है। वहीं अभियोजन अधिवक्ता अमर सिंह तोमर ने बताया कि इस मामले में अपील की जाएगी।