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हाथरस कांड: मथुरा जेल में बंद पीएफआई के चारों सदस्यों की कोर्ट में पेशी, रिमांड पर लेने की तैयारी में क्राइम ब्रांच की टीम
Mon, 19 Oct 2020 09:19 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 19 Oct 2020 09:19 PM IST
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मथुरा पुलिस ने पकड़े चार संदिग्ध
- फोटो : अमर उजाला
बिटिया की मौत के बाद इस घटना की आड़ में जातीय दंगे की साजिश के मामले में मथुरा में पकड़े गए पीएफआई के चार सदस्यों की वहां की जेल से यहां न्यायालय में वीडियो क्रांफेंसिंग के माध्यम से पेशी हुई। इनके खिलाफ पुलिस ने पहले से ही मथुरा जेल में बी. वारंट दाखिल कर रखा है।
पेशी के बाद यहां के न्यायालय ने भी इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। यहां इस मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच कर रही है और पूछताछ के लिए इन्हें रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
उल्लेखनीय है कि बिटिया की मौत के बाद जब हिंसा हुई थी तो सरकार ने यह खुलासा किया था कि इसके पीछे बहुत बड़ी साजिश है। इस मामले में कोतवाली चंदपा में राष्ट्रद्रोह जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। इसमें दंगे फैलाने के लिए फंडिंग का भी जिक्र किया गया था।
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साथ ही ऑडियो वायरल करने और पीड़ित परिवार को प्रलोभन देने जैसी बातें भी कही गई थीं। इस दौरान मथुरा पुलिस ने चार युवकों को पकड़ा था। पुलिस ने इन्हें पीएफआई का सदस्य बताया था। इनमें अतीक उर्रहमान निवासी रतनपुर मुजफ्फरनगर, आलम निवासी घेर फतेहखान जिला रामपुर, सिद्दीकी निवासी बेंगारा थाना मल्लपुरम केरल, मसूद अहमद निवासी जरवल बहराइच शामिल हैं। इनसे लैपटॉप व अन्य सामान मिला था।
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पेशी के बाद यहां के न्यायालय ने भी इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए। यहां इस मामले की विवेचना क्राइम ब्रांच कर रही है और पूछताछ के लिए इन्हें रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
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उल्लेखनीय है कि बिटिया की मौत के बाद जब हिंसा हुई थी तो सरकार ने यह खुलासा किया था कि इसके पीछे बहुत बड़ी साजिश है। इस मामले में कोतवाली चंदपा में राष्ट्रद्रोह जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। इसमें दंगे फैलाने के लिए फंडिंग का भी जिक्र किया गया था।
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साथ ही ऑडियो वायरल करने और पीड़ित परिवार को प्रलोभन देने जैसी बातें भी कही गई थीं। इस दौरान मथुरा पुलिस ने चार युवकों को पकड़ा था। पुलिस ने इन्हें पीएफआई का सदस्य बताया था। इनमें अतीक उर्रहमान निवासी रतनपुर मुजफ्फरनगर, आलम निवासी घेर फतेहखान जिला रामपुर, सिद्दीकी निवासी बेंगारा थाना मल्लपुरम केरल, मसूद अहमद निवासी जरवल बहराइच शामिल हैं। इनसे लैपटॉप व अन्य सामान मिला था।
आरोप है कि इन्होंने ही यह साजिश रची थी। मथुरा पुलिस द्वारा पकड़े गए पीएफआई के इन सदस्यों को चंदपा पुलिस ने भी अपने यहां दर्ज राष्ट्रद्रोह के केस में अभियुक्त बना लिया था। पुलिस ने इनके खिलाफ मथुरा जेल में बी.वारंट भी दाखिल कराया था।
सोमवार को इनकी मथुरा जेल से ही न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष वीसी के माध्यम से पेशी हुई। कोर्ट ने इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए हैं। इस मामले की विवेचना यहां क्राइम ब्रांच कर रही है। पुलिस भी कोर्ट से आदेश लेकर इन्हें जल्द ही रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।
सोमवार को इनकी मथुरा जेल से ही न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष वीसी के माध्यम से पेशी हुई। कोर्ट ने इन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए हैं। इस मामले की विवेचना यहां क्राइम ब्रांच कर रही है। पुलिस भी कोर्ट से आदेश लेकर इन्हें जल्द ही रिमांड पर लेकर पूछताछ कर सकती है।