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अलीगढ़ में बड़ी लापरवाही: जिंदा दिव्यांग महिला को कागजों में मृत दिखाया, पेंशन बंद, सचिव निलंबित
Sat, 26 Sep 2026 01:58 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sat, 26 Sep 2026 01:58 PM IST
सार
शिकायत के बाद सहायक विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत सचिव की संयुक्त जांच में चंद्रमुखी 100 प्रतिशत दिव्यांग और जीवित मिलीं। इसके बाद उनकी पेंशन दोबारा शुरू करा दी गई।
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निलंबित
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
विस्तार
अलीगढ़ में ब्लाॅक गंगीरी के शाहजहांपुर बैजना गांव में 100 प्रतिशत दिव्यांग चंद्रमुखी को पेंशन सत्यापन सूची में मृत दर्शा दिया गया। इससे उनकी दिव्यांग पेंशन बंद हो गई। शिकायत के बाद हुई जांच में महिला जीवित मिलीं। मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी सतेंद्र कुमार आजाद को निलंबित किया गया है।
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शिकायतकर्ता जितेंद्र कुमार ने आरोप लगाया कि उनकी दिव्यांग बहन चंद्रमुखी को जीवित होने के बावजूद मृत दर्शाकर पेंशन बंद कर दी गई है। सीडीओ के निर्देश पर मामले की जांच जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी से कराई गई। जांच में सामने आया कि गंगीरी विकास खंड की 23 ग्राम पंचायतों की दिव्यांग पेंशन सत्यापन सूची में चंद्रमुखी का नाम मृतक के रूप में दर्ज किया गया था। इसके बाद उनकी पेंशन रोक दी गई।
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शिकायत के बाद सहायक विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत सचिव की संयुक्त जांच में चंद्रमुखी 100 प्रतिशत दिव्यांग और जीवित मिलीं। इसके बाद उनकी पेंशन दोबारा शुरू करा दी गई। डीपीआरओ यतेंद्र सिंह ने बताया कि नोटिस के जवाब में ग्राम पंचायत अधिकारी ने बताया कि गांव में परिवारों के बीच पार्टीबंदी चल रही है। सत्यापन के दौरान मोहल्ले के ग्रामीणों ने चंद्रमुखी की मृत्यु की गलत सूचना दी थी। उनका घर बंद मिला और परिवार के लोग रिश्तेदारी में बताए गए।
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इसी आधार पर सूची में उन्हें मृत अंकित कर दिया गया। अपने स्पष्टीकरण में यह भी कहा कि चंद्रमुखी का कोई मृत्यु प्रमाणपत्र जारी नहीं किया गया है। निलंबन अवधि में सतेंद्र कुमार आजाद को जिला मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। मामले की विभागीय जांच के लिए सहायक विकास अधिकारी पंचायत, अकराबाद को जांच अधिकारी बनाया गया है।