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अलीगढ़ : योगी जी! आपका वादा अधूरा 4 साल में लगा कूड़े का अंबार

Fri, 17 Sep 2021 03:49 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 17 Sep 2021 03:49 PM IST
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Aligarh: Yogi ji Your promise is incomplete in 4 years, garbage piled up
कूड़ा बना पहाड़- कूड़े के पहाड़ का यह नजारा शहर के सासनीगेट चौराहे से चंद कदम दूर एटूजेड प्लांट का - फोटो : CITY OFFICE
राजा तिवारी, अलीगढ़।
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पांच जून 2017 को पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा अलीगढ़ शहर से किया गया कूड़ा निस्तारण का वादा चार साल बाद भी अधूरा है। मुख्यमंत्री के सामने शहर में कूड़ा प्रथककरण की शुरूआत की गई थी लेकिन इन चार सालों में अधिकारी संपूर्ण कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था तक नहीं बना सके।
वर्तमान में महानगर में प्रतिदिन 593 मीट्रिक टन निकलता है। इसमें से 450 मीट्रिक टन कूड़े का उठान हो रहा है। हकीकत यह है कि एटूजेड प्लांट पर ही दो लाख मीट्रिक टन से अधिक के कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया है।
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अमर उजाला ने एटूजेड प्लांट में कूड़ा निस्तारण की पड़ताल की तो हैरत करने वाली तस्वीर सामने आई। यहां दो लाख मीट्रिक टन कूड़े का पहाड़ प्लांट की स्थिति बयां कर रहा था। हकीकत में महानगर से प्रतिदिन उठने वाला 450 मीट्रिक टन कूड़े का आधा हिस्सा निस्तारित करते-करते एटूजेड प्लांट भी हांफने लगा है।
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अधिकारियों ने बताया कि 40 प्रतिशत कूड़े से खाद बनाई जा रही है। करीब 150 मीट्रिक टन प्रतिदिन से अधिक कूड़े का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। वहीं, प्लांट संचालन में 75 लाख प्रति महीने का खर्च आ रहा है तो जबकि कंपनी को 12 हजार मीट्रिक टन कूड़े का 62 लाख रुपये प्रति माह का भुगतान हो रहा है। जबकि एस्टीमेट 97 लाख रुपयों का बनता है।
ये योजनाएं नहीं हो पाईं शुरू
- लीगेसी वेेस्ट - लीगेसी वेस्ट के तहत कीर्ति कंस्ट्रक्शन को कूड़े का निस्तारण करना था। जबकि अभी तक प्लांट का काम शुरू नहीं हो पाया।
- वेस्ट टू एनर्जी - इकराटोस कंपनी को कूड़े से बिजली बनाने का प्लांट लगाना था। यह प्लांट शुरू हो जाता तो अलीगढ़ में कूड़े का पहाड़ नहीं खड़ा होता।
- वेेस्ट टू एनर्जी प्लांट शुरू करने के लिए प्रयासरत हैं। कीर्ति कंस्ट्रक्शन ने एग्रीमेंट करा लिया है। जल्द ही वह अपना कार्य शुरू कर देगा। हालांकि वेेस्ट टू एनर्जी के तहत लीगेसी वेस्ट का कॉलम खत्म भी हो सकता है। - अरुण गुप्त, अपर नगर आयुक्त।
- नगर निगम से क्षमता बढ़ाने को लेकर बातचीत चल रही हैं। हम चाहते हैं कि 400 मीट्रिक टन प्रतिदिन की क्षमता बढ़ जाए। हकीकत तो यही है कि अगर आधा कूड़ा भी ठीक से निस्तारित कर लिया तो यह उपलब्धि होगी। सीमित खर्चे में संपूर्ण कूड़े का निस्तारण चुनौती। -समे सिंह, मैनेजर एटूजेड प्लांट।

किसान दो हजार रुपये प्रति टन खरीद सकते हैं खाद
एटूजेड प्लांट में कूड़े से तैयार होने वाली खाद को किसान दो हजार रुपये प्रति टन खरीद सकते हैं। मैनेजर समे सिंह ने बताया कि उनकी कंपनी एनएफएल कंपनी को खाद बेचती है। हालांकि क्षेत्रीय किसानों को राहत देने के लिए 50 किलो का बैग 125 रुपये में दिया जा रहा है। पैकिंग के बिना खुली खाद दो हजार रुपये टन दी जाएगी। इस खाद का उपयोग सबसे ज्यादा आलू, गन्ना और बागों में किया जा सकता है।
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