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अलीगढ़ : नगर निगम के सामने से ढाई वर्षीय बच्ची अपहृत, डेढ़ घंटे में बरामद
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स्मार्ट सिटी योजना के तहत नगर निगम के सामने सड़क पर मजदूरी कर रही महिला की ढाई वर्षीय बच्ची को कार सवार युवक अपहरण करके ले गया। पुलिस कंट्रोल रूम के पास हुई इस घटना के बाद पुलिस हरकत में आ गई। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से डेढ़ घंटे में बच्ची को इकरा कॉलोनी के पास से सकुशल बरामद कर लिया।
बुलंदशहर कोतवाली देहात के फैजल को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे लगा कि बच्ची कार के पहिये की चपेट में आकर घायल हो गई है। इसलिए वह डर गया था और उसको मेडिकल कॉलेज ले गया था। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा है कि अगर युवक की मंशा गलत पाई गई तो उसके खिलाफ अपहरण के मुकदमे के अलावा अन्य धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि शहर में विभिन्न स्थानों पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत अलग-अलग काम चल रहा है। इसी क्रम में मनीषा कंपनी के माध्यम से सड़क के किनारे इंटरलॉकिंग ब्रिक्स को उखाड़ कर उन्हें फिर से लगाने का काम चल रहा है।
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नगर निगम के सामने बंद गवर्नमेंट प्रेस के फुटपाथ पर भी काम चल रहा है। यहां पर लखीमपुर खीरी के कस्बा निघासन के गांव दौलतपुर का रहने वाला मुकेश और उसकी पत्नी रेखा मजदूरी कर रहे हैं। मजदूरों का समूह सासनी गेट पर सड़क के किनारे फुटपाथ पर अस्थायी आवास बनाकर रहते हैं।
मंगलवार की देर शाम रेखा और मुकेश पास में ही काम कर रहे थे। इनकी इकलौती ढाई साल की बच्ची शीतल उर्फ गोलू कुछ दूरी पर पेड़ के नीचे सो रही थी। इस बीच कठपुला की ओर से कार आकर रुकी। कार में युवक उतरा। उसने वहां चाय की दुकान पर खड़े होकर कोल्ड ड्रिंक पी और कुछ देर बाद शीतल उर्फ गोलू को लेकर कार सहित भाग गया।
रेखा ने ने शोर मचाना शुरू कर दिया। घटना की जानकारी होते ही कंट्रोल रूम के माध्यम से पुलिस व सर्विलांस टीमों को सूचित कर दिया गया। पीड़ित ने थाना सिविल लाइन पहुंचकर घटना के संबंध में जानकारी दी। नगर निगम के कंट्रोल रूम में इंटीग्रेटेड कमांड के माध्यम से गाड़ी की लोकेशन देखी जाती रही।
इन सभी प्रयासों के चलते पुलिस ने जेएन मेडिकल कॉलेज के पास इकरा कॉलोनी पर गाड़ी को घेर लिया और बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। वह बुलंदशहर कोतवाली देहात का रहने वाला फैजल है। 29 वर्षीय फैजल कपड़े की फ्री लगाने का काम करता है और हमजा कॉलोनी में अपना मकान बनवा रहा है और किसी एजाज नाम के व्यक्ति के यहां ठहरा हुआ है।
फैजल ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह यहां पर अपने मित्र से मिलने आया था। उसे लगा कि बच्ची गाड़ी के पहिये के नीचे आ गई है। इसलिए वह जल्द उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर आना चाहता था। इस दौरान उसने अपने मित्र को दो बार फोन भी किया। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बरामद होने के बाद बच्ची का जेएन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सीय परीक्षण कराया। बच्ची सकुशल है। उन्होंने स्वयं बच्ची को उसके माता-पिता के सुपुर्द किया। जबकि आरोपी युवक से पूछताछ जारी है।
- ऑपरेशन खुशी के तहत मात्र डेढ़ घंटे के अंदर बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके माता-पिता को सौंपा गया है। बुलंदशहर से रहने वाले युवक को हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ में युवक ने कहा है कि वह गलतफहमी के चलते बच्ची को ले गया। हम पूछताछ कर रहे हैं। हमने उस व्यक्ति को भी बुलवाया है जिसको आरोपी अपना मित्र बता रहा है। संभव है कि युवक की बात में सच्चाई हो, लेकिन जिस प्रकार उसने घटना को अंजाम दिया गया है, वह अपहरण की श्रेणी में आता है। इसलिए सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।
- कलानिधि नैथानी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
रो-रोकर था मां का बुरा हाल
रेखा और मुकेश की एकमात्र संतान शीतल उर्फ गोलू है। रेखा ने बताया कि इतनी दूर आकर मजदूरी करने का मकसद सिर्फ इतना है कि वह अपनी बच्ची को भविष्य में अच्छी शिक्षा दिलाकर उसे अपने पैरों पर खड़ा करना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्हें जहां पर भी मजदूरी का काम मिलता है वह चले जाते हैं और पैसा इकट्ठा कर रहे हैं। जब कार वाला बच्ची को ले गया तो उनकी तो जान ही निकल गई थी। रेखा ने बताया कि भगवान जानता है तो यह डेढ़ घंटा कैसे कटा है। जब एसएसपी ने उसे बच्ची को सौंपा तो वह फूट-फूट कर रोने लगी।
घिर जाने पर आरोपी ने बच्ची को पुलिस को दिखाया
पुलिस ने बताया कि जिस वक्त इकरा कॉलोनी के पास पुलिस ने बच्ची को ले जाने के आरोपी फैजल की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया तो फैजल ने गाड़ी का शीशा उतारा और उसमें से बच्ची को दिखाया। उसने कहा कि बच्ची यहां पर है। आप लोग परेशान न हों। इसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया और बच्ची को बरामद कर लिया गया।
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बुलंदशहर कोतवाली देहात के फैजल को हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे लगा कि बच्ची कार के पहिये की चपेट में आकर घायल हो गई है। इसलिए वह डर गया था और उसको मेडिकल कॉलेज ले गया था। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने कहा है कि अगर युवक की मंशा गलत पाई गई तो उसके खिलाफ अपहरण के मुकदमे के अलावा अन्य धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
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एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि शहर में विभिन्न स्थानों पर स्मार्ट सिटी योजना के तहत अलग-अलग काम चल रहा है। इसी क्रम में मनीषा कंपनी के माध्यम से सड़क के किनारे इंटरलॉकिंग ब्रिक्स को उखाड़ कर उन्हें फिर से लगाने का काम चल रहा है।
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नगर निगम के सामने बंद गवर्नमेंट प्रेस के फुटपाथ पर भी काम चल रहा है। यहां पर लखीमपुर खीरी के कस्बा निघासन के गांव दौलतपुर का रहने वाला मुकेश और उसकी पत्नी रेखा मजदूरी कर रहे हैं। मजदूरों का समूह सासनी गेट पर सड़क के किनारे फुटपाथ पर अस्थायी आवास बनाकर रहते हैं।
मंगलवार की देर शाम रेखा और मुकेश पास में ही काम कर रहे थे। इनकी इकलौती ढाई साल की बच्ची शीतल उर्फ गोलू कुछ दूरी पर पेड़ के नीचे सो रही थी। इस बीच कठपुला की ओर से कार आकर रुकी। कार में युवक उतरा। उसने वहां चाय की दुकान पर खड़े होकर कोल्ड ड्रिंक पी और कुछ देर बाद शीतल उर्फ गोलू को लेकर कार सहित भाग गया।
रेखा ने ने शोर मचाना शुरू कर दिया। घटना की जानकारी होते ही कंट्रोल रूम के माध्यम से पुलिस व सर्विलांस टीमों को सूचित कर दिया गया। पीड़ित ने थाना सिविल लाइन पहुंचकर घटना के संबंध में जानकारी दी। नगर निगम के कंट्रोल रूम में इंटीग्रेटेड कमांड के माध्यम से गाड़ी की लोकेशन देखी जाती रही।
इन सभी प्रयासों के चलते पुलिस ने जेएन मेडिकल कॉलेज के पास इकरा कॉलोनी पर गाड़ी को घेर लिया और बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। वह बुलंदशहर कोतवाली देहात का रहने वाला फैजल है। 29 वर्षीय फैजल कपड़े की फ्री लगाने का काम करता है और हमजा कॉलोनी में अपना मकान बनवा रहा है और किसी एजाज नाम के व्यक्ति के यहां ठहरा हुआ है।
फैजल ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह यहां पर अपने मित्र से मिलने आया था। उसे लगा कि बच्ची गाड़ी के पहिये के नीचे आ गई है। इसलिए वह जल्द उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज लेकर आना चाहता था। इस दौरान उसने अपने मित्र को दो बार फोन भी किया। एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बरामद होने के बाद बच्ची का जेएन मेडिकल कॉलेज में चिकित्सीय परीक्षण कराया। बच्ची सकुशल है। उन्होंने स्वयं बच्ची को उसके माता-पिता के सुपुर्द किया। जबकि आरोपी युवक से पूछताछ जारी है।
- ऑपरेशन खुशी के तहत मात्र डेढ़ घंटे के अंदर बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके माता-पिता को सौंपा गया है। बुलंदशहर से रहने वाले युवक को हिरासत में ले लिया गया है। पूछताछ में युवक ने कहा है कि वह गलतफहमी के चलते बच्ची को ले गया। हम पूछताछ कर रहे हैं। हमने उस व्यक्ति को भी बुलवाया है जिसको आरोपी अपना मित्र बता रहा है। संभव है कि युवक की बात में सच्चाई हो, लेकिन जिस प्रकार उसने घटना को अंजाम दिया गया है, वह अपहरण की श्रेणी में आता है। इसलिए सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कार्रवाई की जाएगी।
- कलानिधि नैथानी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
रो-रोकर था मां का बुरा हाल
रेखा और मुकेश की एकमात्र संतान शीतल उर्फ गोलू है। रेखा ने बताया कि इतनी दूर आकर मजदूरी करने का मकसद सिर्फ इतना है कि वह अपनी बच्ची को भविष्य में अच्छी शिक्षा दिलाकर उसे अपने पैरों पर खड़ा करना चाहते हैं। यही कारण है कि उन्हें जहां पर भी मजदूरी का काम मिलता है वह चले जाते हैं और पैसा इकट्ठा कर रहे हैं। जब कार वाला बच्ची को ले गया तो उनकी तो जान ही निकल गई थी। रेखा ने बताया कि भगवान जानता है तो यह डेढ़ घंटा कैसे कटा है। जब एसएसपी ने उसे बच्ची को सौंपा तो वह फूट-फूट कर रोने लगी।
घिर जाने पर आरोपी ने बच्ची को पुलिस को दिखाया
पुलिस ने बताया कि जिस वक्त इकरा कॉलोनी के पास पुलिस ने बच्ची को ले जाने के आरोपी फैजल की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया तो फैजल ने गाड़ी का शीशा उतारा और उसमें से बच्ची को दिखाया। उसने कहा कि बच्ची यहां पर है। आप लोग परेशान न हों। इसके बाद आरोपी को हिरासत में ले लिया गया और बच्ची को बरामद कर लिया गया।