यूपी में हादसा: ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट कासगंज हाईवे के पास हुआ क्रेश, महिला पायलट गंभीर रूप से घायल
निर्माणाधीन बरेली-मथुरा हाईवे के किनारे पुलिस लाइन के पीछे तकनीकी खराबी के कारण एक प्रशिक्षु एयरक्राफ्ट सोमवार शाम चार बजे क्रेश होकर गिर गया। विमान को महिला पायलट कायनात खान उड़ा रही थी।
विस्तार
अलीगढ़ से उड़ान भरने के बाद प्रशिक्षु विमान में जब तकनीकी खराबी आ गई तो महिला पायलट कायनात खान ने घबराने के बजाय सूझबूझ से काम लिया। एविएशन कंपनी से संपर्क टूटने और विमान के रास्ता भटकने पर पायलट ने कम ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए आबादी क्षेत्र के ऊपर दो से तीन बार चक्कर लगाए। फिर विमान को आबादी से बाहर ले जाकर निर्माणाधीन बरेली-मथुरा सिक्स लेन हाईवे पर इमरजेंसी लैंडिंग कराने की कोशिश की ताकि हादसे में जनहानि न हो।
हालांकि, इमरजेंसी लैंडिंग का प्रयास करते समय विमान विद्युत तारों की चपेट में आ गया। इस वजह से हाईवे पर सही से लैंडिंग नहीं हो सकी और विमान हाईवे के किनारे मिट्टी पर क्रैश हो गया। एविएशन कंपनी की टीम के अनुसार, जब विमान ने अलीगढ़ से उड़ान भरी थी तो उसमें एक घंटे का फ्यूल था। विमान के भटक कर कासगंज की ओर आ जाने और काफी देर तक उसकी लोकेशन नहीं मिलने पर कंपनी में खलबली मच गई। बाद में उसके कासगंज में क्रैश होने की सूचना मिली। अब एविएशन कंपनी की टीम हादसे की वजह जानने के लिए जांच में जुटी है कि हादसा किन हालात में हुआ।
चेतक एविएशन का एक प्रशिक्षु विमान सोमवार को कासगंज में हादसाग्रस्त हो गया। अलीगढ़ एयरपोर्ट के निदेशक सत्यब्रत सारस्वत ने बताया कि वीटी एएफबी सेसना विमान ने दोपहर 3:30 बजे अलीगढ़ एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। ठीक आधे घंटे बाद शाम चार बजे विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली। जानकारी मिलते ही अलीगढ़ एयरपोर्ट और चेतक एविएशन की टीमें मौके के लिए रवाना हो गई हैं।
अलीगढ़ एयरपोर्ट के निदेशक सत्यब्रत सारस्वत हादसे पर यह बोले
मामले की गंभीरता को देखते हुए महानिदेशक नागरिक उड्डयन (डीजीसीए) को भी सूचित कर दिया गया है। अब डीजीसीए की एक विशेष टीम मौके पर आकर हादसे के कारणों की जांच करेगी।
सारस्वत ने बताया कि शुरुआत में अनुमान लगाया जा रहा था कि विमान अकराबाद के आसपास कहीं गिरा होगा, लेकिन बाद में सटीक लोकेशन की जानकारी मिल सकी। इस हादसे में विमान उड़ा रही महिला पायलट कायनात घायल हो गई हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां से उन्हें बेहतर उपचार के लिए आगरा रेफर किया गया है। यहां पर उनकी हालत सामान्य बनी हुई है।
हादसाग्रस्त विमान चेतक एविएशन का है, जिसका पंजीकरण नंबर वीटी एएफबी है। यह सेसना एयरक्राफ्ट कंपनी द्वारा निर्मित एक टू-सीटर, फिक्स गियर लाइट पिस्टन एयरक्राफ्ट है। इस तरह के विमानों का इस्तेमाल आमतौर पर प्राइवेट पायलट लाइसेंस और कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए जरूरी उड़ान के घंटे अर्जित करने के लिए किया जाता है।
चेतक एविएशन के मेंटनेंस मैनेजर केजे धीमान ने बताया कि अभी इस घटना के विषय में कुछ नहीं कहा जा सकता है। जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। कासगंज में जहां घटना हुई वहां हाईवे का निर्माण हो रहा है। वहां पर 11 मीटर का खंभा लगा हुआ है। इस पर 33 हजार केवी करंट के तार थे, लेकिन निर्माण के चलते आपूर्ति बंद कर रखी थी। राहत की बात यह रही कि आसपास किसी वाहन आदि को नुकसान नहीं पहुंचा।
एक माह पहले भी निजी एयरक्राफ्ट उतार दिया था खेत में
धनीपुर स्थित अलीगढ़ एयरपोर्ट से संचालित पायनियर फ्लाइंग एकेडमी का प्रशिक्षु एयरक्राफ्ट वीटी-पीएफबी डायमंड डीए-40 डायमंड स्टार 24 मई सुबह करीब पौने नौ बजे उड़ान पर रवाना हुआ था। एयरक्राफ्ट के उड़ान भरने का निर्धारित समय सुबह 8 बजकर 38 मिनट था। एयरक्राफ्ट को जालंधर निवासी प्रशिक्षक कैप्टन असद उड़ा रहे थे। उनके साथ ग्रेटर नोएडा निवासी ट्रेनी पायलट कुणाल कसाना मौजूद थे। करीब 20 से 25 मिनट की उड़ान के बाद कॉकपिट में अचानक खतरे का अलार्म बजने लगा। इसके बाद दोनों ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोलर को सूचना दी।
कम ऊंचाई पर उड़ान होने के कारण एयरक्राफ्ट को वापस एयरपोर्ट तक लाना जोखिम भरा हो सकता था। ऐसे में प्रशिक्षक ने आबादी से दूर गांव चंगेरी के पास हेमेंद्र सिंह के खाली खेत में एयरक्राफ्ट उतारने का फैसला किया। खेत में उतरते ही एयरक्राफ्ट के पहिये जमीन में धंस गए, लेकिन बड़ा हादसा टल गया था।