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अलीगढ़: राधा इंडस्ट्रियल गैसेस का संचालक अगस्त से कर रहा था मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति

Wed, 23 Sep 2020 01:42 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2020 01:42 AM IST
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Aligarh: The operator of Radha Industrial Gases was supplying medical oxygen since August
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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जवां के कासिमपुर रोड स्थित साथा गांव में राधा इंडस्ट्रियल गैसेस नाम से संचालित फर्जी मेडिकल ऑक्सीजन गैस प्लांट पकड़े जाने के बाद मंगलवार को खुलासा हुआ कि वह अगस्त से ही गैस की सप्लाई पूरे मंडल में कर रहा था, जबकि उसने सात सितंबर को ज्वाइंट कंट्रोलर ऑफ एक्सप्लोसिव के आगरा कार्यालय में लाइसेंस के लिए आवेदन किया था।
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। ड्रग इंस्पेक्टर को संचालक के खिलाफ एफआईआर कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही ड्रग इंस्पेक्टर को इस मामले की भनक न होने पर लापरवाह माना गया है। सिटी मजिस्ट्रेट को ड्रग इंस्पेक्टर को नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं। प्लांट को सील कर दिया गया है। डीएम के मुताबिक साथा में राधा इंडस्ट्रियल गैसेस के नाम से फर्जी प्लांट संचालित मिलने पर प्लांट के मालिक अरुण अग्रवाल को पकड़ लिया गया है।
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प्लांट के भीतर से 300 ऑक्सीजन गैस सिलिंडर, चार गाड़ियां व अन्य उपकरण बरामद हुआ है। मौके पर प्लांट संचालक मान्यता संबंधी कोई भी दस्तावेज नहीं दिखा सका। जांच करने पर पता लगा कि उसने सात सितंबर को ही लाइसेंस के लिए आवेदन किया था। बिल बुक से रिकार्ड मिला है कि वह अगस्त से ही सप्लाई कर रहा था। अलीगढ़ के साथ ही वह गैस के सिलिंडर एटा, कासगंज और हाथरस भी भेजता था। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को ड्रग इंस्पेक्टर को निर्देश दिए हैं।
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मुकदमा दर्ज कराने पर माथापच्ची
राधा इंडस्ट्रियल गैसेस के खिलाफ मुकदमा कराने को लेकर विभागों का आपसी पेच फंस गया है। ड्रग विभाग खुद को इस मामले में खुद को गैर अधिकृत बता रहा है। ड्रग इंस्पेक्टर के मुताबिक जिलाधिकारी को इस संबंध में एक रिपोर्ट भेजी जा रही है। वहां से जो भी लिखित आदेश मिलेंगे। उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
ब्लैक मार्केटिंग हुई तो नपेगा ड्रग इंस्पेक्टर
डीएम ने ड्रग इंस्पेक्टर को साफ तौर पर चेतावनी दी है कि जिले में मेडिकल ऑक्सीजन गैस की ब्लैक मार्केटिंग होने पर उनको दोषी माना जाएगा। इसलिए वह कोरोना काल में पूरे मामले पर सतर्क रहें।

2015 में हुए विस्फोट के तार भी खंगाले जा रहे
जांच में तथ्य सामने आया है कि 2015 में कासिमपुर पावर हाउस में एक विस्फोट हुआ था। उसमें सात-आठ लोगों की मौत हो गई थी। उस घटना में जिस सिलिंडर फटा था। वह इसी एजेंसी से गया था। इसके बाद इस एजेंसी का लाइसेंस निरस्त हो गया। तभी से संचालक फिर से लाइसेंस पाने की जुगाड़ में लगा हुआ था। उक्त घटना की जिला प्रशासन ने पूरी रिपोर्ट संबंधित विभागों से मांगी है।
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